Betul Bus Stand : दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है कोठीबाजार का बस स्टैंड
Betul Bus Stand: Kothi Bazar bus stand is shedding tears over its plight

गर्मी में पंखे बंद, गंदगी का अंबार, दुकानदारों ने किया अतिक्रमण
Betul Bus Stand : (बैतूल)। शहर के कोठीबाजार का बस स्टैंड इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। यहां यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं नदारद है। प्रतिदिन साफ-सफाई नहीं होती, गंदगी का अंबार लगा है। बस स्टैंड में जगह-जगह गुटखे और तम्बांकू की पीक से गंदगी फैल रही है। कुछ दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है। भीषण गर्मी में भी बस स्टैंड के पंखे बंद पड़े है। सुविधाओं के अभाव में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगरपालिका बस स्टैंड की व्यवस्था को लेकर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। यही कारण है कि बस स्टैंड की स्थिति बद से बत्तर होते जा रही है। यहां तक कि यात्रियों को पीने तक के लिए ठंडा पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। वर्तमान में जिस तरह से बस स्टेण्ड की हालत बनी है, पिछले कई वर्षो में ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली। कोठीबाजार बस स्टैंड पर भोपाल, जबलपुर, नागपुर, इंदौर से लेकर जिला मुख्यालय के सभी ब्लॉकों से सैकड़ों बसों की आवाजाही बनी है। यह प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री आना-जाना करते है, लेकिन इन दिनों यात्रियों को बस स्टैंड पर कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। नगरपालिका द्वारा बस स्टैंड पर यात्रियों की सुख सुविधाओं को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। नगरपालिका सुविधाओं को लेकर अनदेखी कर रही है। सुख सुविधाओं के कारण यात्रियों को परेशाना होना पड़ता है।
भीषण गर्मी में बंद पड़े है पंखे
बारिश के बाद मौसम खुलते ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है। इतनी भीषण गर्मी होने के बावजूद बस स्टेण्ड पर परखे बंद पड़े है। पंखे बंद से यात्रियों को गर्मी से परेशान होना पड़ रहा है। बसों के इंतजार में घंटो तक बैठे थे, लेकिन भीषण गर्मी में उन्हें परशानियों का सामना करना पड़ता है। बस स्टैंड पर पंखे तो लगे है, लेकिन कुछ पंखे बंद पड़े है और कुछ पंखे खराब भी हो गए। बंद पड़े पंखों को सुधारने का काम नहीं किया जा रहा है।
यात्रियों को ठंड पानी नहीं हो रहा नसीब
बस स्टैंड पर आने-जाने वाले यात्रियों को इस बार गर्मी के दिनों में ठंड पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। नगरपालिका गर्मी के दिनों में ठंडे पानी की व्यवस्था करती है, लेकिन इस बार पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। आने-जाने वाले यात्रियों को पानी खरीदकर पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। अभी तक नगरपालिका ने बस स्टेशन पर प्याऊ की शुरूआत नहीं की और न ही कोई समाजसेवी आगे आया है।
बस स्टेण्ड पर लगा गंदगी का अंबार
बस स्टेशन पर गंदगी का अंबार लगा है। यहां पर्याप्त साफ सफाई व्यवस्था नहीं होती है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहते है। बस स्टेशन पर यात्री तम्बाकू और गुटखा खाकर कहीं भी थूक देते है। गुटखे और तम्बाकू की पीक से पूरे बस स्टैंड पर गंदगी फैल रही है। नगरपालिका द्वारा साफ सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। समय पर सफाई होती तो बस स्टेशन की ऐसी दुर्दशा नहीं होती।
जहां मर्जी आई वहां लगा ली दुकानें
बस स्टेशन अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। दुकानदारों ने जहां मर्जी आई वहीं दुकानें लगा ली है। अतिक्रमण के कारण यात्रियों को बैठने के लिए भी स्थान नहीं मिल पाता है, आवाजाही में भी परेशानी होती है। बस स्टेशन के सामने कई लोगों ने रास्ते में ही दुकानें लगा ली तो कुछ दुकान संचालकों ने बस स्टेशन के भीतर ही दुकानें और हाथठेले लगा लिए है। पूरा बस स्टेशन इन दिनों अतिक्रमण की चपेट में है, लेकिन नगरपालिका ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहंी की। कुछ महीने पहले जरूर अतिक्रमण हटाया था, लेकिन अब जस की तस स्थिति बन गई है। बस स्टेशन की व्यवस्थाओं को लेकर नगरपालिका के सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया ने संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।





