Betul Hospital News : अस्पताल में डॉक्टर रिश्वतकांड के लिए बनाई 3 सदस्यीय जांच कमेटी, तीन दिन में सौंपेगी जांच
Betul Hospital News: 3-member investigation committee formed for doctor bribery scandal in the hospital, will hand over investigation in three days

Betul Hospital News : (बैतूल)। जिला अस्पताल में सर्जरी के नाम पर रिश्वत लेने के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। यह टीम पूरे मामले की जांच कर सीएमएचओ और सिविल सर्जन को रिपोर्ट सौंपेगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल में पदस्थ सर्जन डॉ प्रदीप धाकड़ पर सर्जरी के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगा है। रिश्वत लेते हुए एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसकी शिकायत कलेक्टर और सिविल सर्जन से की गई। कलेक्टर ने इस पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए। निर्देश के बाद सिविल सर्जन ने डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया और जवाब मांगा है।
अब इस मामले में जांच के लिए 3 सदस्यीय डॉक्टरों की टीम गठित की है। बताया जा रहा है कि इस जांच टीम में प्रथम श्रेणी के तीन डॉक्टरों को सम्मिलित किया है। उल्लेखनीय है कि रिश्वत कांड में जो वीडियो जारी हुआ था, जिसमें 1700 रूपए दिए जाने की बात की जा रही है। वीडियो को गंभीरता से देखते हुए कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए। जांच तो कर दी, लेकिन यह जांच प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चल रही है।
तीन दिन में सौंपेगे जांच रिपोर्ट
रिश्वत कांड की जांच के लिए प्रथम श्रेणी तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम गठित की है। यह टीम तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपेगे। इस रिपोर्ट को सिविल सर्जन द्वारा सीएमएचओ को सौंपेेंगे। टीम द्वारा वीडियो की सच्चाई को देखा जाएंगा। साथ ही शिकायकर्ता के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। शिकायतकर्ता से भी पूछा जाएंगा कि डॉ धाकड़ ने कितने रूपए की मांग की और कितने रूपए दिए गए। अस्पताल में कौन भर्ती था और किस चीज के पैसे मांगे गए। शिकायतकर्ता के अलावा डॉक्टर के भी बयान लिए जाएंगे। दोनों बयानों और वीडियो के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार होगी। अगर डॉक्टर दोषी पाया जाता है तो सीएमएचओ द्वारा कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
इनका कहना…
रिश्वत मामले की जांच करने के लिए प्रथम श्रेणी के तीन डॉक्टरों की टीम गठित की है। इस टीम द्वारा तीन दिवस में जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि दोषी कौन है और आरोपों में कितनी सच्चाई है।
डॉ.जगदीश घोरे, प्रभारी सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, बैतूल।





