Betul Ki Khabar: एसपी के आग्रह पर कलेक्टर ने भारी वाहनों के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध का आदेश बेअसर

Betul Ki Khabar: On the request of SP, Collector imposed ban on entry of heavy vehicles, ineffective

शहर के मुख्य बाजारों में रोज माल वाहक और प्रतिबंधित वाहनों की धमाचौकड़ी, बैठक के निर्णय बेअसर

Betul Ki Khabar: बैतूल। शहर में यातायात बेपटरी होते जा रहा है। अधिकारी समन्वय स्थापित कर काम करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सांझवीर टाईम्स की पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि यह महज औपचारिक बनकर रह गया है। दरअसल शहर की बिगड़ैल यातायात व्यवस्था पर 23 जुलाई को हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में केंद्रीय मंत्री और विधायकों की मौजूदगी में कई निर्णय लिए गए थे। समिति की बैठक को पांच माह बीत गया, फिर भी बैठक में लिए गए निर्णय धरातल पर उतरते दिखाई नहीं दे रहे हैं। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था भारी वाहनों से बेतरतीब होने का मुद्दा एसपी निश्चल एन झारिया ने उठाया था।

बैठक के बाद कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने 2 अगस्त एक आदेश जारी कर शहर में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। चौकाने वाली बात यह है कि आदेश को लागू होने को पांच माह बीत गए, लेकिन आज भी शहर में बेधड़क प्रतिबंधित समय में वाहन प्रवेश कर रहे हैं और पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी तमाशा देख रहे हैं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि समिति की बैठक और कलेक्टर के आदेश का कितना पालन हो रहा है। यह कही न कही हमारे चुने हुए जनप्रतिनिधि के निर्देशों की खुली अवहेलना है।

बैतूल शहर में गंज और कोठीबाजार व्यवसायिक दृष्टि से काफी मायने रखते हैं। उपनगर गंज की बात की जाए तो यहां पर जनरल-किराना का थोक-चिल्लर का बड़ा व्यापार होता है। इसी वजह गंज प्राइमरी स्कूल से मैकनिक चौक, दिलबाहर चौक से तांगा स्टैंड, बाबू चौक से तांगा स्टैंड, शनि मंदिर से गंज बसस्टैंड तक माल वाहक वाहनों की आवाजाही से पूरा यातायात चरमरा जा रहा है। पूर्व में भी व्यवस्था बनाते हुए व्यापारियों और यातायात पुलिस ने माल वाहक वाहनों का समय निर्धारित किया था, लेकिन व्यापारियों की हठधर्मिता और अपने फायदें के कारण पूरे आदेश हवा में उड़ गए।

नतीजा यह निकला कि पूरे गंज क्षेत्र में जगह-जगह बेतरतीब माल वाहक वाहनों के खड़े रहने से व्यवस्था बेपटरी हो गई। आए दिनों वाहनों के सड़कों पर खड़े रहने से लोगों के बीच विवाद होने लगा, लेकिन यातायात पुलिस ने समझाइश की रणनीति अपनाकर ऐसे वाहनों पर चालानी कार्रवाई नहीं की। इसी वजह कई व्यापारियों के हौसले बुलंद हो गए और पूरे गंज की यातायात व्यवस्था चरमरा गई।

Betul Ki Khabar: एसपी के आग्रह पर कलेक्टर ने भारी वाहनों के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध का आदेश बेअसर

समिति की बैठक में उठा मुद्दा

सांझवीर टाईम्स शहर की बेतरतीब यातायात व्यवस्था को लेकर आम लोगों तक सिलसिलेवार समाचार प्रकाशित कर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करा रहा हैं, ताकि रोज निर्मित होने वाली जाम की स्थिति से निपटा जा सके। कल सांझवीर ने बस चालकों की धमाचौकड़ी को लेकर समाचार प्रकाशित किए थे। मुद्दा-2 में बुधवार को भारी वाहनों के प्रवेश का मामला सामने लाया है। इस मामले को लेकर चर्चा करना जरूरी है कि 23 जुलाई को यातायात सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एसपी निश्चल एन झारिया ने भी माना था कि बैतूल शहर में भारी माल वाहक वाहनों के प्रवेश से आए दिनों जाम लग रहा है।

जाम के कारण दुर्घटनाएं भी लगातार हो रही है, इसलिए भारी माल वाहकों को दिन में प्रवेश के लिए समय निर्धारित करने की बात कही थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 5 से 9 बजे तक किसी भी प्रकार के भारी माल वाहक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए। इससे स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी सुविधाएं मिले।

एसपी के अधीनस्थ खुद उड़ा रहे नियमों का मखौल

जब एसपी के आग्रह पर कलेक्टर ने गत 2 अगस्त को शहर के सात किमी के दायरे में माल वाहक ट्रक-डंपर मध्यम भार क्षमता के ट्रक, कृषि कार्य के लिए उपयोग में आने वाले ट्रैक्टरों का शहर में सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5 से रात 9 बजे तक केवल स्कूल वाहनों, शासकीय वाहनों, गैस, खाद्यान्न, उर्वरक और फायर बिग्रेड जैसे वाहनों को छूट मुक्त रखा था, लेकिन सांझवीर की पड़ताल में उजागर हुआ है कि शुुरू में कुछ दिनों के बाद शहर में आज तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित नहीं हुआ है। यानी एसपी के निर्देश का न तो संबंधित थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस करा पाई।

चौकाने वाली बात तो यह है कि आंखों के सामने ट्रैफिककर्मी भारी वाहनों को निकलता देख रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यदि बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित वाहनों पर कार्रवाई होती तो शहर में निर्धारित अवधि में वाहन प्रवेश नहीं कर पाते। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि एसपी के आग्रह पर कलेक्टर के निर्देशों का पालन नहीं हो पा रहा है। नतीजा यह है कि गंज के अलावा कोठीबाजार में भारी वाहन बिना रोकटोक प्रवेश का यातायात को अवरूद्ध कर रहे हैं।

इनका कहना…

आपके द्वारा उठाया गया मुद्दा ज्वलंत और संवेदनशील है। मैं खुद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मौजूद था। एसपी के आग्रह पर नियम बनाए गए थे तो उनके अमले को भारी वाहनों पर प्रवेश करने पर कार्रवाई करना था। पूरे शहर में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। अधिकारियों को चाहिए कि नियम बनाए तो इसका पालन भी कराए।

हेमंत खंडेलवाल, विधायक बैतूल

यह बात गलत है कि भारी वाहनों के प्रवेश होने पर हम कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। हम केवल समझाइश देकर चालान काट सकते हैं। इसके बाद कड़ी कार्रवाई के लिए ट्रैफिक अमले को निर्देशित कर रहे हैं।

निश्चल एन झारिया, एसपी बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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