प्रशासनिक कोना: कौनसे साहब की डींगें हांकने की आदत चुनाव में निकल गई?? रिटायरमेंट के पहले आखिर इन अधिकारी की बाड़ेबंदी क्यों??? कौनसे थानेदार साहब को नए साथी की तलाश??? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में….

Administrative Corner: Which sir's habit of boasting has gone away in the elections?? Why the confinement of these officers before their retirement??? Which police officer is looking for a new partner??? Read our popular columns in the administrative corner...

Prashashnik Kona: कौनसे टीआई का ठकेदारों से प्रेम शहर में बना चर्चा का केंद्र? रिटायरमेंट के पहले इन साहब के काम मे आखिर क्यों आई चीते जैसी फूर्ति?? किस थानेदार के अजीब शौक के आगे सारे फेल??? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में......
Prashashnik Kona

डींगे हांकना साहब को महंगा पड़ा

विधानसभा चुनाव के पहले नंबर 2 का दर्जा हासिल एक साहब को डींगे हांकना महंगा पड़ गया। मीडियाकर्मियों और अधीनस्थ कर्मचारियों से वे कहते नहीं थकते थे कि भिंड जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्र में चुनाव करा लिए हैं, फिर बैतूल किस खेत की मूली। चुनाव परिणाम आते-आते तक डींगे हांकने वाले साहब की घिग्गी बंध गई। दरअसल ईवीएम की काउंटिंग में सवाल उठाए जाने लगे। कुछ ईवीएम की गिनती नहीं होने के भी आरोप लगे। इसके बाद साहब की बोलती बंद हो गई। यह मामला अभी सुर्खियों में ही है। अब मीडियाकर्मियों, अधीनस्थ कर्मचारियों चुटकी लेकर साहब के डींगे हांकने की करतूत के पुराने पल ने पलटकर जमकर खिल्ली उड़ा रहे हैं।

रिटायरमेंट के पहले साहब की जबरदस्त बाड़ेबंदी

एक निकाय के साहब का रिटायरमेंट नए साल में होने वाला है। वैसे साहब अपने कारनामों के लिए अपने निकाय में काफी मशहूर है। उन्हें फाइल रोकने वाले साहब के नाम से ज्यादा जाना जाता है। जितना वजन फाइल पर रखते हैं उतने जल्दी फाइल आगे बढ़ जाती है। फाइल पर वजन को लेकर एक वरिष्ठ पार्षद सोशल मीडिया पर अपनी पीढ़ा जाहिर कर चुके हैं, लेकिन जैसे-जैसे रिटायरमेंट की तारीख नजदीक आ रही है साहब अपनों को बदनाम कर कई काम में अडं़गा अड़ाने में लगे हैं। उनकी इसी आदत के कारण वार्डों में निर्माण कार्यों की गति मंथर पड़ी हुई है। साहब बैठकों के लिए भी समय देने के बजाए फील्ड निरीक्षण के बहाने जेब मोटी करने में लगे हैं। इस आदत से जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारी और कर्मचारी भी खासे परेशान है।

टीआई साहब को नए साथी की तलाश

बैतूल अनुविभाग के एक चर्चित थानेदार साहब अपनी आदतों के कारण आए दिन सुर्खियों में बने रहते हैं। पिछले दिनों उनके वाहन की एक अन्य वाहन से टक्कर हुई तो गलतियां तलाशने के प्रयास किए गए। भले ही अन्य वाहन चालक की गलती बनाकर उस पर मामला बन गया, लेकिन साहब की रोज शाम ढलते ही बहकने की आदत ने खास साथी को दूर होने पर मजबूर कर दिया। कहा जा रहा है कि साहब शाम ढलते ही फोरलेन पर निरीक्षण के बहाने अपने से थोड़े जूनियर एक इंचार्ज के साथ चियर्स करना नहीं भूलते थे, लेकिन कुछ दिन पहले हुए एक हादसे के बाद साहब से उनके चियर्स करने वाले साथी ने दूरी बना ली है। अब थानेदार साहब को एक ऐसे साथी की तलाश है जो शाम ढलने के बाद फोरलेन और आसपास निरीक्षण के बहाने साथ में चियर्स कर सके।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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