Betul News: अध्यक्ष बनने के बाद बबला को पहली बार मिली चुनौती!

Betul News: After becoming the president, Babla got the challenge for the first time!

सोशल मीडिया प्रभारी के लोकसभा प्रभारी मनीष सोनी ने जिला अध्यक्ष पर सीधा आरोप लगाकर छोड़ा पद , गरमाई राजनीति

Betul News:  लोकसभा चुनाव सिर पर है और ऐसे में सत्तारूढ़ भाजपा ने अचानक सोशल मीडिया के लोकसभा संयोजक मनीष सोनी को पद से हटाकर दूसरे की नियुक्त कर दी। पद से हटते ही सोशल मीडिया के लोकसभा संयोजक ने पद से इस्तीफा देकर पार्टी के जिला अध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।

बबला के करीब तीन वर्ष से अधिक के कार्यकाल में ऐसा पहली बार मौका आया है, जब उन्हीं के पार्टी के किसी कार्यकर्ता ने परोक्ष रूप से आरोप लगाकर पद से इस्तीफा दिया है। इसके पहले भाजपा मीडिया प्रभारी शैलेंद्र आर्य भी जिला अध्यक्ष से अनबन होने के कारण इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि उन्होंने सीधे जिला अध्यक्ष पर आरोप नहीं लगाए थे, लेकिन उनकी नाराजगी से साफ जाहिर था कि उन्होंने पद क्यों छोड़ा है।

भाजपा में इस समय युवा तुर्क आदित्य बबला शुक्ला को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। उस समय जब विजय शुक्ला गबरू का नाम नए जिला अध्यक्ष के लिए लगभग तय माना जा रहा था। मीडिया ने भी गबरू को हाथों हाथ लिया, लेकिन जब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जिला अध्यक्षों की घोषणा की तो बैतूल से बबला के नाम की लॉटरी लग गई।

उनकी नियुक्ति राजनैतिक मायने में वाकई चौकाने वाली थी। कहा जा रहा था कि उन्हें अभाविप में साथ काम करने के दौरान श्री शर्मा का सहयोग मिला और जिला अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर काबिज होकर उन्होंने अपने संबंधों का भी लोहा मनवा लिया। हालांकि समय के साथ बबला सभी को साथ लेकर चलने लगे और बेहतर तालमेल से एक के बाद एक चुनाव में सफलता से प्रदेश स्तर तक उन्होंने लोहा मनवा लिया।

संगठन को जो कहा, वह दिया

बबला के बारे में कहा जाता है कि चुनाव के पूर्व आंकलन लगाने में उनका कोई सानी नहीं है। निकाय चुनाव में जिले के किस वार्ड में भाजपा कमजोर है और पराजित हो सकती है, उन्हें इस बारे में भी खासा संज्ञान रहता है। इसी वजह वह पराजित होने के पहले ही उस वार्ड को मजबूत करने में ताकत झोंक देते हैं। इसी आंकलन के आधार पर वे निकाय चुनाव से लेकर बीते विस चुनाव तक वे सटीक आंकलन कर हार-जीत का अंतर भी प्रदेश संगठन को बताकर पीट थपथपा चुके हैं। उन्होंने विस चुनाव में 5-0 से फतह की बात कही थी, उनका यह अनुमान एकदम सटीक निकला और इसके लिए प्रदेश संगठन ने उन्हें खूब शाबासी भी दी।

कड़े निर्णय के कारण बढ़े विरोधी

इधर सफलता लगातार बबला के कदम चुमते रही, लेकिन जानकार सूत्र बताते हैं कि इस दौरान कुछ करीबियों को साथ लेकर चलने से अन्य लोग पर्दे पीछे रहकर विरोध करने लगे। हालांकि इस बात से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा। विरोधियों की संख्या बढ़ने के बावजूद बबला ने अपना पूरा समय पार्टी के लिए दिया। यहां तक की भाजपा कार्यालय में ही अपना आवास बनाकर 2437 काम करने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया। काम करते वक्त वे विरोधियों को भी भूल गए।

मनीष के मोर्चा खोलने के कई मायने

्रसूत्र बताते हैं कि मनीष सोनी वैसे भाजपा के सोशल मीडिया के लोकसभा संयोजक थे, लेकिन वे सांसद के अधिक करीबी बताए जाते हैं। शेष मामले में प्रचार-प्रसार करते उन्हें नहीं देखा गया, लेकिन पद से हटाते ही उन्होंने सीधे भाजपा जिला अध्यक्ष बबला शुक्ला के खिलाफ मोर्चा खोलते लोस चुनाव के पहले भाजपा में खलबली जरूर मचा दी। प्रत्यक्ष रूप से लोकसभा संयोजक पद से इस्तीफा देने के पहले बबला शुक्ला के नेतृत्व में काम नहीं कर पाने की सोशल मीडिया में बात कहकर खलबली मचा दी।

इसके बाद पूर्व मीडिया प्रभारी शैलेंद्र आर्य के समर्थन ने भी आग में घी डालने का काम किया। हालांकि कुछ अन्य कार्यकर्ता भी मनीष के समर्थन में सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इस संबंध में जिला भाजपा अध्यक्ष बबला शुक्ला से उनके मोबाइल ९४२५६२९२९९ पर काल किया, लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।

whatsapp

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button