Betul Samachar: तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर से एजेंट ने 15 किसानों को जारी कर दी आरआरसी
Betul Samachar: Agent issued RRC to 15 farmers with fake signature of Tehsildar

सीधे जमीन कुर्क करने की दे रहा धमकी, फर्जी सील का भी किया इस्तेमाल…
Betul Samachar:(बैतूल)। किसानों को दिए जाने वाले किसान क्रेडिट कार्ड लोन की वसूली में बड़ा फर्जी वाड़ा किए जाने की संभावना निर्मित हो रही है। एसबीआई की मुख्य शाखा के एजेंट की इस पूरे मामले में भूमिका उस समय संदिग्ध नजर आने लगी जब एजेंट ने तहदीलदार द्वारा जारी किए जाने वाले आरआरसी नोटिस खुद ही बनाकर किसानों को भेज दिए। नोटिस में राशि जमा नहीं किये जाने पर किसानों को उनकी जमीन कुर्क करने की धमकी भी दी गयी है। इस मामले के सामने आने के बाद खुद अधिकारी भी हैरान हैं और मामले की तफ्तीश में जुट गए हैं। यदि एजेंट का फर्जीवाड़ा सामने आता है तो सम्बन्धित के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
भडूस के किसान को पट्टन ब्रांच का नोटिस(Betul Samachar)

पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब भडूस ग्राम के किसान के पास एसबीआई के एजेंट मिथलेश विश्वकर्मा द्वारा चल संपत्ति को कुर्क करने संबंधी वह नोटिस भेजा गया, जिस नोटिस को जारी करने का अधिकार केवल तहसीलदार को होता है। 14 जनवरी को भडूस में रहने वाले किसान को 1 लाख 88 हजार 901 रुपए 3 दिन के भीतर जमा किए जाने का उल्लेख करते हुए विभिन्न धाराओं के तहत चल संपत्ति कुर्क किए जाने की चेतावनी दी गई है। आश्चर्य इस बात का है कि एजेंट द्वारा नोटिस में अपने नाम के साथ बकायदा अपने मोबाइल नम्बर का भी उल्लेख किया गया है। जब किसान ने यह नोटिस जागरूक नागरिक अजय सिंह ठाकुर को दिखाया तो पूरा मामला संदिग्ध नजर आने लगा, क्योंकि ग्राम भडूस में रहने वाले किसान दुर्गा सिंह को यदि नोटिस जारी किया जाता तो यह नोटिस तहसीलदार बैतूल जारी करते, लेकिन किसान को जो नोटिस जारी किया गया है उस नोटिस में एसबीआई की प्रभातपट्टन ब्रांच की सील लगी हुई है।
लाल पेन से कर दिए तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर(Betul Samachar)
इस फर्जीवाड़े का खास पहलू यह भी है कि एजेंट द्वारा नोटिस में ना ही बैंक की सील का अनाधिकृत उपयोग किया गया है, बल्कि नोटिस में तहसीलदार के हस्ताक्षर भी लाल स्याही के पेन से किए गए हैं। बताया जा रहा है कि एजेंट मिथलेश विश्वकर्मा द्वारा मुलताई विकासखंड के ग्राम रावा में रहने वाले 15 किसानों सहित किसान श्रीराम काले,को 2 लाख 90 हजार तथा किसान देवीदास निर्मला देशमुख को 7 लाख 16 हजार 12 रुपए मात्र 2 दिनों के भीतर जमा किए जाने के लिए कहा गया है। इन दोनों ही नोटिसों में लाल स्याही से तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।
पशोपेश में आए राजस्व के अधिकारी(Betul Samachar)

इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद खुद राजस्व के अधिकारी भी हैरान हैं। जिन्होंने तत्काल मामले की गम्भीरता को देखते हुए इसकी जाँच शुरू कर दी है। बैतूल तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव का कहना है कि, उन्होंने किसी भी किसान को इस तरह के कोई नोटिस जारी नहीं किए हैं। अधिवक्ता कपिल वर्मा के माध्यम से मुझे भी इसकी जानकारी दी गयी है। चूंकि मामला गम्भीर है तो इसकी जांच भी जरूरी है। बैंक के मैनेजर से संपर्क कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली जा रही है। यदि फर्जीवाड़ा हुआ है तो सम्बन्धित के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। इस फर्जीवाड़े में यह सवाल भी खड़ हो रहा है कि सभी नोटिसों में एक ही प्रकार के हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं। बैतूल तहसीलदार ने नोटिस जारी नहीं किया। मुलताई विकास खण्ड में आने वाले रावा गांव के किसानों को नोटिस देने का अधिकार तहसीलदार मुलताई को है फिर सभी किसानों को एक ही प्रकार के हस्ताक्षर कर नोटिस कैसे दिए जा सकते हैं। जो भी है, लेकिन इस मामले की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा किए जाने कि सम्भावना भी निर्मित हो रही है।
इनका कहना..
मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। एसबीआई के मैनेजर से इस संबंध में जानकारी ली जा रही है। यदि फर्जीवाड़ा किया गया है तो एफआईआर कराई जाएगी।
अतुल श्रीवास्तव तहसीलदार, बैतूल





