Betul News : बेनर पोस्टर की जगह सोशल मीडिया पर प्रचार की कमान
Betul News: Instead of banner posters, command of publicity on social media

पांच वर्ष बाद हो रहे चुनाव में बदला-बदला ट्रेंड, भाजपा- कांग्रेस सबसे अधिक सक्रिय
Betul News : (बैतूल)। कुछ वर्षों में चुनाव के प्रचार प्रसार का ट्रेंड बदल चुका है। पहले की तरह अब प्रचार-प्रसार नहीं हो रहा है। प्रचार के लिए अब सोशल मीडिया का सबसे ज्यादा उपयोग हो रहा है। वैसे तो प्रचार-प्रसार के लिए तमाम तरह के माध्यम है, लेकिन फेसबुक, इंस्ट्राग्राम, वाट्सएप, ट्विटर का सबसे ज्यादा उपयोग होने लगा है। इसका उपयोग इसलिए भी बढ़ गया है कि हर हाथ में मोबाईल है और इसके बिना अब काम संभव नहीं है। इसलिए राजनैतिक दल सोशल मीडिया का सहारा अधिक लेने में लगे है। एक क्लिक के माध्यम से हजारों लोगों के तक अपनी बात पहुंचा देते हैं। विधानसभा चुनाव में नामांकन भरने का दौर खत्म हो चुका है। अब नामांकन वापसी का दौर चलेगा। इसके बाद स्थिति साफ हो जाएगी कि चुनाव मैदान में कौन रहेगा। नाम वापसी के बाद चुनाव प्रचार-प्रसार और जोर पकड़ेगा।
भाजपा-कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों ने प्रचार-प्रसार के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पिछले कुछ वर्षो की बात की जाए तो प्रचार-प्रसार में कई चौपहिया, तीन पहिया वाहनों का उपयोग प्रचार-प्रसार के लिए किया जाता था। चारों तरफ शोर-शराबा सुनने को मिलता था। गांव में चुनाव प्रचार की गाड़ियां पल-पल दौड़ते हुए दिखाई देती थी। राजनैतिक पार्टियां अपने-अपने सिम्बाल एवं प्रत्याशी के फोटो के तरह-तरह के स्टीकर तैयार किए जाते थे।
प्रचार-प्रसार की गाड़ियों से पम्पलेट और स्टीकर बांटे जाते थे। इन गाड़ियों के पीछे सबसे ज्यादा युवा वर्गो की भीड़ लगी रहती थी, लेकिन अब कुछ वर्षों से इस तरह के प्रचार-प्रसार में बदलाव हो गया है। अब इस तरह का प्रचार-प्रसार कम ही देखने को मिल रहा है। पहले शहर और गांव बैनर पोस्टरों से पट जाते थे, लेकिन अब यह बैनर पोस्टरों की भी संख्या कम हो गई है। अब घर-घर जाकर मेल मुलाकात करना और सोशल मीडिया से प्रचार-प्रसार करने का ट्रेंड सबसे ज्यादा है।
स्टार प्रचारकों पर करोड़ों रूपए खर्च (Betul News)
चुनाव आयोग ने भले ही प्रत्याशियों को चुनाव में खर्च के लिए एक लिमिट दी गई है, लेकिन इस लिमिट से भी कई गुणा खर्च हो रहा है। चुनाव प्रचार-प्रसार में राजनैतिक पार्टियां स्टार प्रचारकों पर सबसे ज्यादा खर्च कर रही है। स्टार प्रचारकों पर इसलिए भी अधिक खर्च आता है कि उनके आने को लेकर पब्लिक को जुटाने से लेकर टेंट सहित व्यवस्था के लिए करोड़ों रूपए तक खर्च करने पड़ते है।
अभी बैतूल भाजपा के स्टार प्रचारक शिवराज सिंह चौहान ने मुलताई में सभा ली और कांग्रेस स्टार प्रचारक कमलनाथ ने शाहपुर में चुनावी सभा हुई, इसमें भारी भरकम खर्च आया है। राजनैतिक पार्टियां अपने स्टार प्रचारकों को बुलाकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे है।
इमारतों से झंडे गायब, पोस्टर का चलन भी खत्म
चुनाव के लिए मतदान में महज एक पखवाड़े का समय बचा है। इसके बावजूद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा नहीं लग रहा है कि चुनाव एक पखवाड़े बाद होने वाले हैं, जिस तरह बीते चुनाव में पोस्टर-झंठे इमारतों और कई जगह दिखाई देते थे। इस बार ऐसी स्थिति दिखाई नहीं दे रही है। कुछ जगह झंडे बैनर लगे हैं पर इक्का दुक्का ही दिखाई दे रहे हैं। इनकी जगह सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार अधिक दिखाई दे रहा है। कहा जा रहा है कि शहर से लेकर गांव तक अधिकांश लोगों के पास एनराइड्र मोबाइल मौजूद है। इसी का फायदा उठाकर पार्टियां बैनर पोस्टर के बजाए सोशल मीडिया पर अधिक ध्यान दे रही है।




