Betul Today News : जिले की गिट्टी खदानों के खनन पर मध्यप्रदेश प्रदूषण बोर्ड की रोक?
Betul Today News: Madhya Pradesh Pollution Board ban on mining of ballast mines in the district?

रोक के बावजूद गुपचुप तरीके से हो रहा खनन,कहीं दाल में काला तो नहीं
Betul Today News : (बैतूल)। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश के सभी जिलों में गिट्टी खदानों के लिए पत्थर के खनन पर रोक लगाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव चन्द्रमोहन ठाकुर द्वारा जारी आदेश क्रमांक 2624 दिनांक 05। 10 । 23 में स्पस्ट उल्लेख किया गया है कि, जो खदानें डीआ से ई सी प्राप्त हैं वे खदानें एमपी सिया से ई सी प्राप्त करने के बाद ही संचालित होंगी। इस आदेश का तत्काल पालन कराए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
खनिज विभाग द्वारा जिले में लगभग 60 क्रेशर संचालकों को खनन की अनुमति दी गयी है। लेकिन सवाल यह खड़ा हो रहा है कि, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रोक के बावजूद जिले में क्रेशर संचालकों पर कार्यवाही नजर नही आ रही। पत्थर खनन के साथ साथ गिट्टी का उत्पादन भी धड़ल्ले से किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि खनिज विभाग ने सभी 60 क्रेशर संचालकों को नोटिस जारी किया है। लेकिन खनिज विभाग खनन पर अभी तक रोक क्यों नहीं लगा पाया है ये समझ से परे है।
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कलेक्टर सहित खनिज अधिकारियों को मिले निर्देश (Betul Today News)
जिले की 69 गिट्टी खदानों में खनन पर रोक लगाने के लिए मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिला कलेक्टर सहित खनिज अधिकारियों को निर्देशित किया है कि, संदर्भित पत्र का अनिवार्य अवलोकन हो। माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण एन जी टी सेन्ट्रल जोन व भोपाल द्वारा ओ. ए. कमांक 36/2023 में पारित आदेश दिनांक 13/09/2023 के माध्यम से निर्देशित किया गया है कि जो खदानें डीआ से ई सी प्राप्त हैं वे एम पी सीआ से ई सी प्राप्त होने के उपरान्त ही संचालित होगी।”
इस संबंध में सिया के संदर्शित पत्र दिनांक 14/09/2023 से प्राप्त आदेश की प्रति भी आवश्यक कार्यवाही के लिए अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है। लेकिन 4 दिन बीत जाने के बावजूद अधिकांश क्रेशरों पर खनन लगातार जारी है।
खदानें शुरू, सड़कों पर दौड़ रहे गिट्टी भरे डम्फर (Betul Today News
जिले में पर्यावरणीय अनुमति के चलते अभी तक रेत ठेकेदार,खदानों से रेत का खनन शुरू नहीं कर पाया है। इसके ठीक विपरीत प्रदूषण बोर्ड की रोक के बावजूद क्रेशरों पर धड़ल्ले से पत्थरों का खनन बदस्तूर जारी है बल्कि जिले के शहरी एवं नगरीय क्षेत्रों में गिट्टी से भरे डम्फर दौड़ लगाते आसानी से देखे जा सकते हैं। जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कहीं ना कहीं खनिज विभाग के अधिकारी मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों का या तो पालन करवा नहीं पा रहे हैं या फिर संचालकों से सांठगांठ कर खुली छूट दे दी गयी है। शहर के कई कंस्ट्रक्शन साइटों पर इसका नमूना आसानी से देखा जा सकता है जहां गिट्टियों के ढेर लगें हुए हैं और लगातार परिवहन भी किया जा रहा है।
नोटिस जारी , लेकिन आदेश के पालन में लापरवाही
जानकारी के मुताबिक खनिज विभाग द्वारा जिले के सभी ब्लाकों में लगभग 60 क्रेशर संचालकों को खनन कि अनुमति प्रदान की गई है। इनमें कई छोटी छोटी खदानें शामिल हैं तो कई क्रेशर संचालकों के पास खनन का रकबा काफी बड़ा है।
सूत्रों के मुताबिक खनिज विभाग द्वारा मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश के बाद क्रेशर संचालकों को नोटिस दिए जाने की खबर है। लेकिन जिस तरह से कई बड़े क्रेशर संचालक इन नोटिसों को हल्के में लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे है उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि, दाल में काला नहीं बल्कि साझे की खेती कर पूरी दाल ही काली करने की कोशिश की जा रही है।
इनका कहना है
इस मामले में ज्यादा जानकारी नहीं है, कल ऑफिस आ जाइये देखकर ही कुछ बता पाएंगे।
भगवंत नागवंशी, खनिज निरीक्षक , खनिज विभाग बैतूल


