Sarthak App Par Hajiri: सार्थक ऐप से फर्जी हाजिरी का खेल, बैतूल के 5 डॉक्टर जांच में फंसे
घरों और अन्य शहरों में बैठकर लगा रहे थे हाजिरी

Sarthak App Par Hajiri : बैतूल। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियों, विशेषकर स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए शुरू किया गया सार्थक ऐप अब बड़े विवाद में घिर गया है।
स्वास्थ्य संचालनालय द्वारा कराई गई जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि प्रदेश के 48 जिलों में पदस्थ 170 बॉन्डेड डॉक्टरों ने बिना ड्यूटी पर उपस्थित हुए ही ऐप के माध्यम से फर्जी हाजिरी दर्ज कराई। इस फर्जी हाजिरी के खेल में बैतूल जिले के भी 5 डॉक्टर शामिल बताए गए हैं। जिनके खिलाफ जांच बैठा दी गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित डॉक्टरों ने तकनीकी खामियों का फायदा उठाते हुए कैमरा ट्रिक और फोटो एडिटिंग के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज की। जब जीपीएस लोकेशन से क्रॉस वेरिफिकेशन की गई तो उनकी वास्तविक लोकेशन ड्यूटी स्थल से 150 से 200 किलोमीटर दूर पाई गई, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
इस मामले में बैतूल जिला भी शामिल है, जहां 5 डॉक्टरों की फर्जी हाजिरी पकड़ी गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) बैतूल डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे के अनुसार जांच में जिन डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं, उनमें डॉ. राहुल सिंह गहलोत, डॉ. संस्कृति साहू, डॉ. सरस्वती कंगाले, डॉ. सूरज सोलंकी और डॉ. वैशाली भूमरकर शामिल हैं।
इन सभी पर ड्यूटी स्थल पर उपस्थित हुए बिना ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने का आरोप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति में जिला स्वास्थ्य अधिकारी और वरिष्ठ चिकित्सकों को शामिल किया गया है।
समिति को पूरे प्रकरण की जांच कर 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने न केवल सार्थक ऐप की निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।




