Betul News : जांच पूरी होने के बाद बीएमओ पर कड़ी कार्रवाई संभव

Betul News: Strict action possible against BMO after completion of investigation

नए सीएमएचओ ने कहा- हर मामले की बारीकी से जांच हो रही, फिर कार्रवाई तय करेंगे

Betul News : (बैतूल)। भीमपुर के विवादित और सुर्खियों में रहे बीएमओ डॉ ब्रजेश यादव की पद से रवानगी के बाद सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। कहा जा रहा है कि नए सीएमएचओ डॉ रविकांत उइके के नेतृत्व में जांच कर रही टीम यदि ईमानदारी और पूरी निष्पक्षता के साथ जांच करें तो बीएमओ पर कड़ी कार्रवाई संभव है।

जानकार बताते हैं कि नसबंदी कराने वाली सैकड़ों महिलाओं समेत जननी सुरक्षा योजना की राशि के गड़बड़झाले में बीएमओ पर रिकवरी निकाले जाने के साथ एफआईआर भी हो सकती है। नवागत सीएमएचओ ने दोहराया है कि पूरी ईमानदारी और बारीकी से जांच की जा रही है। इसके बाद कलेक्टर साहब को जांच रिपोर्ट सौंपकर कार्रवाई तय करेंगे।

पिछले लंबे समय से भीमपुर अंधा बांटे रेवड़ी, चिन-चिन कर दें की कहावत चरितार्थ हो रही है। दरअसल योजनाओं का वास्तविक लाभ लेने वालों को राशि नहीं मिल रही है। सबसे चौकाने वाली बात यह है कि उच्चाधिकारी की निगरानी में भीमपुर बीएमओ पूरा खेल खेलते रहे और उन्हें जानकारी नहीं लगी। दो सीएमएचओ यहां से रवाना हो चुके हैं, लेकिन किसी के भी संज्ञान में गड़बड़झाला उजागर नहीं होने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नीचे से लेकर ऊपर तक पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार में डूबा था, अन्यथा हितग्राहियों की सालों से आने वाली राशि उन्हें अब तक मिल गई होती।

ताज्जुब की बात तो यह भी है कि शिकायतों के बावजूद हिताग्रहियों को राशि नहीं मिली है। इससे बीएमओ के प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। कुल मिलाकर एक बीएमओ शीर्ष अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकर शासन की योजनाओं को आदिवासी अंचल में पलीता लगाने से नहीं चुके।

सालों से लाभ पाने भटक रही महिलाएं (Betul News)

सूत्रों ने बताया कि भीमपुर ब्लॉक की स्वास्थ्य सेवाएं अक्सर चरमराने के पीछे यहां पदस्थ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही है। दरअसल मूलभूत सुविधाएं भी क्षेत्र के लोगों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। अटैचमेंट से लेकर सारे खेल चल रहे हैं। इसके बाद क्षेत्र की 500 से अधिक महिलाओं को नसबंदी योजनाओं की एकमुश्त मिलने वाली राशि दो वर्ष में भी नहीं मिल पाई है। करीब 400 सैकड़ा महिलाएं जननी सुरक्षा के लाभ से वंचित रह गई।

इतना ही नहीं राष्ट्रीय कार्यक्रम पल्स पोलियो समेत अन्य 40 कार्यक्रमों की राशि भी नहीं मिल पाई है। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भीमपुर ब्लॉक में किस तरह का खेल खेला गया है।

कलेक्टर सख्त हुए तो हुई कार्रवाई, अब जांच टीम पर दारोमदार

सांझवीर टाईम्स में भीमपुर बीएमओ द्वारा की गई अनियमित्ता और लापरवाही की खबरें सिलसिलेवार प्रकाशित की थी। चूंकि नसबंदी और जननी सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित महिलाओं का मामला काफी गंभीर था, इसलिए कलेक्टर ने आनन फानन में प्रभारी सीएमएचओ रहे डॉ.अशोक बारंगा को जांच करवाने के निर्देश दिए थे। इस बीच नए सीएमएचओ डॉ उइके ने भी जांच को आगे बढ़ाया है। प्रारंभिक जांच सामने आने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर कल बीएमओ डॉ.यादव को पद से हटा दिया गया है अब पूरा दारोमदार जांच टीम पर है। यदि टीम निष्पक्ष जांच करें तो कई गड़बड़झाले सामने आएंगे और बीएमओ पर एफआईआर भी सकती है।

इनका कहना….

मैं अभी नया हूं। भीमपुर बीएमओ की शिकायत पर जांच की जा रही है। अभी उन्हें पद से हटा दिया गया है। जांच टीम निष्पक्ष होकर जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई कलेक्टर साहब करेंगे।

डॉ. रविकांत उइके, सीएमएचओ बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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