Betul News: जांच में बाहर आ सकता है भ्रष्टाचार का जिन्न
Betul News: The genie of corruption may come out in the investigation

अधिकारी ने डकारी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को आवंटित बजट राशि, मिशन के शुभारंभ पर आवंटित हुई थी राशि
Betul News: (बैतूल)। जिले के भीमपुर में ब्लाक मेडिकल ऑफिसर इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं, जहां उनकी नियम विरुद्ध पदस्थापना को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 में भारी भ्रष्टाचार की खबर सुर्खियां बटोर रही है, लेकिन जिले में बैठे जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि अधिकारियों ने इस भ्रष्टाचार को अंजाम देने में जितनी फूर्ती दिखाई, जिले के जिम्मेदार अधिकारी जांच करने में इतनी जहमत नहीं उठा पाएं की कार्रवाई की जा सके।
दरअसल मामला यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विगत 1 जुलाई को शहडोल में आयुष्मान कार्ड वितरण और सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 का शुभारंभ किया था। हालांकि यह कार्यक्रम 27 जून को होना था, लेकिन बारिश के चलते 1 जुलाई को कार्यक्रम शहडोल में संपन्न हुआ था, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश मिशन संचालक प्रियंका दास ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर बेबकास्टिंग से जुड़ने, बैठक व्यवस्था, इन्टरनेट, टीवी व्यवस्था, कुर्सी, टेंट आदि आवश्यक व्यवस्था हेतु प्रत्येक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर- उपस्वास्थ्य केंद्र को 2000 रूपए के मान से राशि विकासखंडवार आवंटित की थी। साथ ही निर्देशित किया था कि कार्यक्रम के संबंध में आवश्यक व्यवस्था कर प्रत्येक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाना सुनिश्चित करें। जिला शहडोल से 27 जून को होने वाले कार्यक्रम की राशि 2000 के हिसाब से भीमपुर ब्लॉक 46 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए 92 हजार की राशि जारी की गई थी, लेकिन इस राशि को भी भीमपुर के अधिकारी ने बड़ी ही चालाकी से हजम कर ली। आज तक न ही राशि दी गई, न ही प्रचार प्रसार किया गया।
20 जिलों को आवंटित हुई थी राशि
गौरतलब है कि सिकिल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047 के शुभारम्भ कार्यक्रम में 20 आदिवासी बाहुल्य जिलों के 89 विकासखंड के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से लगभग 2 लाख से अधिक सिकिल सेल जेनेटिक काउन्सलिंग कार्ड का वितरण हितग्राहियों को किया गया था। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का शुभारंभ किया गया था। इस कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री के शहडोल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण पूरे प्रदेश में किया गया था। आयोजित कार्यक्रम का प्रसारण बेब कास्टिंग के माध्यम से समस्त हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर किया जाना था जिसमें जन आरोग्य समिति के सारे सदस्यों को उपस्थित होने के भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन बीएमओ ने मिशन संचालक के आदेशों को भी हवा में लेते हुए भ्रष्टाचार को ही तवज्जो देने का काम किया है।
इधर भी डालनी होगी नजर
सूत्रों का कहना है कि जब से बीएमओ की पदस्थापना भीमपुर ब्लॉक में हुई है, तब से उनके कार्यकाल पर प्रश्न चिन्ह उठ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के प्रभार के बाद ही राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की विभिन्न योजानाओं की राशि का शासन के नियम विरूद्ध खर्च किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधीनस्थ अमले की माने तो बीएमओ को वरिष्ठ अधिकारियों की सह पर भ्रष्टाचार की खुली छूट है। बीएमओ के कुशासन से स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा आम जनता त्रस्त हो गई है, नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कई कर्मचारियों और आम लोगों ने बीएमओ के कार्यकाल पर सवाल उठाते कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बोतल में कैद है भ्रष्टाचार का जिन्नख
बर है कि बीएमओ ने एंटायर्ड फंड की राशि को रोगी कल्याण समिति में डालकर लाखों रूपये की राशि नियम विरूद्ध खर्च की। सूत्रों का कहना है कि जिले में बैठे अधिकारी अगर सीएससी, एचसी केंद्र को जारी कायाकल्प की राशि सहित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की जांच करें तो भ्रष्टाचार का जिन्न बाहर आ सकता है। सीएचसी पीएचसी की मरमत की राशि ब्लॉकवार जारी हुई, जिसमें भी लगभग 12 लाख की गड़बड़ी सामने आई है।
20 जिलों को आवंटित हुई थी राशि
बोतल में कैद है भ्रष्टाचार का जिन्नख



