Betul News: प्रहार की एंट्री से बदलेगा भैंसदेही विधानसभा का चुनावी गणित

Betul News: Prahar's entry will change the electoral mathematics of Bhainsdehi assembly.

भाजपा महामंत्री राहुल चौहान ने की ओमप्रकाश उर्फ बच्चुभाऊ कडू,आमदार राजकुमार पटेल से मुलाकात

Betul News: (बैतूल)। विधान सभा चुनावों के नजदीक आते आते सियासी पारा भी परवान चढ़ रहा है। हालांकि अभी तक सिर्फ भाजपा ने जिले की बैतूल, मुलताईं और भैसदेही में ही अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। पर आमला सारणी विधानसभा और घोड़ाडोंगरी दोनों सीटें होल्ड पर रखी हुई हैं। कांग्रेस ने अभी तक किसी भी सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। ऐसे में जिले की राजनीति किस करवट बैठेगी यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

चुनावी सरगर्मी के बीच भैंसदेही विधान सभा में बड़ी ही तेजी से समीकरण बदल रहे हैं। यहां भाजपा ने पूर्व विधायक महेंद्र सिंह चौहान को अपना प्रत्याशी घोषित भी कर दिया है। ऐसे मे भाजपा के जिला महामंत्री राहुल चौहान ने महाराष्ट्र की पड़ोसी विधान सभा के विधायक बछु भाऊ कडु से मुलाकात कर भैसदेही की राजनीति में अचानक उबाल ला दिया है। बछु भाऊ कडु की महाराष्ट्र में अपना एक अलग राजनैतिक दल है। जो प्रहार के नाम से जाना जाता है।

कयास लगाए जा रहे हैं कि, लगातार अपनी उपेक्षा से आहत राहुल चौहान प्रहार का दामन थामकर भैंसदेही से चुनाव लड़ सकते हैं। उनके क्षेत्र दामजीपुरा के लोगों का भी उन्हें जबरदस्त समर्थन प्राप्त है। अब यदि ऐसा हुआ तो भैसदेही विधान सभा का चुनाव भी कम रोचक नहीं होगा। गौरतलब है कि, इस विधान सभा मे भाजपा और कांग्रेस के अलावा जयस भी पुरी ताकत के साथ चुनावी रण में उतरने को तैयार है। ऐसे में यदि प्रहार की एंट्री होती है तो राजनीति किस करवट बैठेगी इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाएगा।

बुरी तरह गड़बड़ाएगा जातीय समीकरण

दामजीपुरा क्षेत्र के रहने वाले राहुल चौहान ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की मंशा पहले ही जाहिर कर दी थी, लेकिन इसी बीच भाजपा ने पूर्व विधायक महेंद्र सिंह चौहान के नाम की घोषणा कर दी ।इसके बाद राहुल चौहान ने भैंसदेही विधान सभा से सटे महाराष्ट्र राज्य के मेलघाट विधानसभा के विधायक राजकुमार पटेल और विधायक बच्चुभाऊ कडू (प्रहार ) जनशक्ति पार्टी के संस्थापक से मुलाकात कर भैंसदेही की राजनीति में खलबली मचा दी है। आगामी विधानसभा की तैयारी के मद्देनजर उन्होंने गम्भीरता से विचार मंथन किया है।

सूत्रों के माने तो बात यहां तक पहुंच चुकी है कि राहुल चौहान बीजेपी जिला महामंत्री के अपने पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं, जिसके बाद रास्ता क्लियर होते ही वे प्रहार पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर भैंसदेही सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो इसमें शक की कोई गुंजाइश ही नहीं रहती की बच्चु कडू की उपस्थिति में भैंसदेही विधानसभा के कुनबी समाज एवं राजकुमार पटेल भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र के गोंड एवं कोरकू समाज को खासा प्रभावित कर सकते हैं और राहुल चौहान को क्षेत्र में भारी जन समर्थन मिल सकता है।

विधायकों के प्रभाव से मिल सकते हैं अप्रत्याशित परिणाम

यदि भैंसदेही विधानसभा के चुनाव में राहुल चौहान प्रहार से चुनाव लड़ते हैं तो ऐसी स्थिति में भाजपा कांग्रेस और जयस तीनों का समीकरण बिगड़ सकता है, क्योंकि राहुल चौहान का राजनीतिक अनुभव ऐसे समय काम आ सकता है। पूर्व में वे युवा कांग्रेस में विधान सभा अध्यक्ष रह कर जमीनी स्तर पर क्षेत्र में राजनीति कर चुके हैं। वर्तमान में वे भाजपा जिला संगठन में जिला महामंत्री रहकर निचले स्तर पर संगठन में काम कर रहे हैं,दोनो ही संगठनों का अनुभव और रणनीति के साथ ही प्रहार के दोनो विधायकों का प्रभाव तीसरे विकल्प के रूप में उनकी नैय्या पार लगा सकता है। यह तो आने वाला समय ही बताएगा। वैसे भी दामजीपुरा क्षेत्र में लोकल उम्मीदवार के मुद्दे ने जोर पकड़ा हुआ है।

राहुल चौहान के पिता सतीश चौहान 1985 में कांग्रेस से विधायक रहे थे उनके बाद पिछले 35 वर्षों से दामजीपुरा क्षेत्र में इसके बाद कोई भी विधायक नही बना है। अब राहुल चौहान के निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद क्षेत्र की जनता में उत्सुकता जागी है, कि उनके क्षेत्र का कोई युवा नेता चुनाव लड़ने जा रहा है जिसके बाद राहुल चौहान को दामजीपुरा क्षेत्र से एकतरफा समर्थन मिल सकता है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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