Political News: टिकट घोषित होने के बाद सर्वे करने पहुंचे विधायक!

Political News: After the announcement of the ticket, the MLA arrived for the survey!

क्या! भैंसदेही और मुलताई में बदलेंगे भाजपा उम्मीदवार? राजनैतिक हल्को में जमकर हो रही चर्चा

Political News: (बैतूल)। भले ही प्रदेश में चुनाव की कमान गृह मंत्री अमित शाह ने संभाली हो, लेकिन उनके द्वारा लिए जा रहे साहसिक निर्णय की कही प्रशंसा तो कही आलोचना हो रही है। दरअसल भाजपा ने चार दिन पहले प्रदेश की 39 विधानसभा सीटों से उम्मीदवार घोषित कर दिए।

चुनाव के तीन माह पहले इन उम्मीदवारों को घोषित करने के बाद टिकट के अन्य दावेदारों की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। इस बीच पहले ही इस तयशुदा कार्यक्रम में प्रदेश की 230 विधानसभा क्षेत्रों में तर्जुबे वाले विधायकों को पर्यवेक्षक बनाकर टिकट तय करने का फार्मूला बनाया है, लेकिन सवाल इस बात का है कि 39 सीटों पर पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट क्या मायने रखेगी, क्योंकि यह पहले ही उम्मीदवार तय हो गए।

खबरें आ रही है कि पर्यवेक्षक हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। यदि इन क्षेत्रों में बनाए गए उम्मीदवारों को रिपोर्ट कार्ड ठीक नहीं है तो बदलाव की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। यदि ऐसा हुआ तो कोई भी दावे से नहीं कह सकता कि भाजपा में घोषित किए गए उम्मीदवार विधानसभा चुनाव लड़ लेंगे।

शिवराज सरकार को लगातार पांचवी बार सत्ता में लाने के लिए प्रदेश में केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने चुनाव कमान अपने हाथ में ली है। कहा जा रहा है कि उन्हीं के निर्देशन में पूरा चुनाव संचालन हो रहा है। सूत्रों की माने तो प्रधानमंत्री और उनके विश्वस्त सहयोगी एवं केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव एवं अश्विन वैष्णव को चुनाव प्रभारी-सह प्रभारी बनाकर साफ तौर पर अपने टीम के नेतृत्व में इस बार चुनाव लडऩा और भाजपा की नैय्या पार लगाने की तैयारी की जा रही है।

टीम अमित शाह की ही जुगलबंदी है कि समय के पहले सारी तैयारियां पूरी करने के लिए खाका तैयार किया जा चुका है। शाह के नेतृत्व में पिछले दिनों केन्द्रीय टीम ने न सिर्फ एमपी बल्कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान के एक सैकड़ा से अधिक उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर कांग्रेस को बैकफूट पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि एमपी में लंबे समय से चर्चाएं चल रही है कि कांग्रेस 6 माह पहले कई उम्मीदवारों की घोषणा कर देगी, लेकिन दूर-दूर तक दिखाई नहीं दिया, भाजपा में मास्टर स्ट्रोक खेलकर कांग्रेस को चारों खाने चित कर दिया है। यही वजह है कि कांग्रेस अब अपने पत्ते खोलने के पहले फूंक-फूंककर कदम रखने को मजबूर हो गई।

भाजपा के मास्टर स्ट्रोक के निकल रहे मायने (Political News)

वैसे तो चुनावी विशलेषक 39 उम्मीदवार घोषित किए जाने पर इसे अमित शाह की गुगली बता रहे है, लेकिन कुछ तर्क अलग भी निकाले जा रहे है। इसकी कुछ वजह भी सामने आई है। सूत्र बताते है कि पहले ही अमित शाह की अगुआई वाली चुनावी कैम्पेन कमेटी ने प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में गुजरात, महाराष्ट्र समेत अन्य प्रदेशों के उन विधायकों को पर्यवेक्षक बनाने का निर्णय लिया है, जिनका अपने क्षेत्र में काफी जनाधार है।

जनाधार वाले इन विधायकों के बूते पांचवी बार शिवराज सरकार की नैया पार लगाने के लिए इन्हें बकायदा पर्यवेक्षक बनाया गया। दो दिन तक भोपाल में मैराथन ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद सोमवार से सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में इन विधायकों को करीब 6 दिन तक फीडबैक लेकर रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंपने के निर्देश दिए है।

सवाल यह उठ रहा है कि 39 सीटों पर पहले ही उम्मीदवार तय कर दिए गए, ऐसे में इन विधानसभा सीटों पर पर्यवेक्षकों की राय क्या मायने रखेंगी? यदि पर्यवेक्षकों की राय उम्मीदवारों के विपरीत गई तो ऐसी स्थिति में पार्टी के लिए धर्मसंकट के साथ बड़ा विद्रोह होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। सूत्र बताते है कि टिकट बदलने पर भाजपा में बड़ा बवाल मच सकता है।

प्रवासियों के दौरे से सतर्क हुए भाजपा नेता (Political News)

भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा सभी 230 विधानसभा सीटों पर पर्यवेक्षक तय कर प्रशिक्षण के बाद अपने- अपने क्षेत्र में भेज दिए गए। सोमवार को बैतूल जिले के लिए पर्यवेक्षक बनाए गए महाराष्ट्र प्रदेश ठाणे के विधायक संजय केलकर मुलताई, पुणे के विधायक सिद्धार्थ सिरोले घोड़ाडोंगरी, हिंगोली के विधायक ताना जी मुटकुले, बागलन के विधायक दिलीप गोरसे, आमला और आकोला के विधायक रणदीप सावरकर भैंसदेही पहुंच चुके है। खबर है कि इन विधायकों के यहां पहुंचते ही टिकट के दावेदार भी अचानक सक्रिय हो गए है।

भैंसदेही और मुलताई पर भी संशय (Political News)

जिले के चर्चित भैंसदेही और मुलताई विधानसभा में भाजपा ने महेन्द्र सिंह चौहान और चन्द्रशेखर देशमुख को उम्मीदवार बना दिया है। इससे भाजपा की राजनीति में भूचाल आ गया। इस बीच सोमवार को पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के पर्यवेक्षक भी बैतूल जिले में पहुंच चुके है।

मुलताई में ठाणे के विधायक संजय केलकर और भैंसदेही में आकोला के विधायक रणधीर सावरकर ने भी प्रत्याशी घोषित होने के बाद सर्वे करना शुरू कर दिया। इससे भाजपा की राजनीति में नया अध्याय जुड़ गया। सूत्र बताते है कि दोनों ही विधानसभा से टिकट के अन्य दावेदारों ने इन विधायकों से मुलाकात का सिलसिला भी शुरू कर दिया। ऐसे में पूरे जिले में संशय है कि भाजपा के उम्मीदवार कहीं बदल न जाए। यदि ऐसा हुआ तो भाजपा में गुटबाजी और बढ़ सकती है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button