Betul Crime News : संगठित सायबर गिरोह का 7 माह में 10 करोड़ का फर्जी ट्रांजेक्शन

एसपी के नेतृत्व में पुलिस को एक और सफलता, फर्जीवाड़े से जुड़े तीन अन्य आरोपी खंडवा से पकड़ाएं
Betul Crime News : बैतूल। बैतूल जिले मे सामने आए संगठित सायबर ऑन लाइन बैटिंग नेटवर्क के मामले में प्रभावी कार्यवाही करते हुए बैतूल पुलिस पहले ही 6 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। इसी मामले में पुलिस ने और तीन आरोपियों को गिरफ्त में लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने महज 7 माह के भीतर ही फर्जी खातों के जरिये 10 करोड़ से अधिक का फर्जी ट्रांजेक्शन किया है।
एसपी वीरेंद्र जैन ने सोमवार कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि हरदा खिरकिया के रहने वाले अश्विन धर्मवाल को खंडवा से गिरफ्तार किया गया है जांच में यह तथ्य सामने आया कि बैतूल जिले के 7 म्यूल खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन फर्जी फर्मों के माध्यम से किया गया। अश्विन धर्मवाल द्वारा जानबूझकर अश्विन एग्रो निवासी खिरकिया, जिला हरदा नामक फर्जी फर्म पंजीकृत कराई गई और उसका चालू खाता अवैध ऑनलाइन बेटिंग एवं साइबर ठगी के लेन-देन के लिए अन्य आरोपियों को सौंप दिया।
पैसों के लालच में खाते का दुरुपयोग होने दिया गया, इससे लगभग 2 करोड़ 70 लाख की राशि म्यूल खातों में प्रवाहित हुई। एसपी के मुताबिक अश्विन एग्रो के खाते से बैतूल सहित अन्य खातों में कुल 10 करोड़ 12 लाख की अवैध राशि का ट्रांजैक्शन पाया गया। इसमें अवैध ऑनलाइन बेटिंग एवं गेमिंग से प्राप्त राशि पहले फर्जी फर्मों के चालू खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद वहां से म्यूल माध्यम से आगे ट्रांसफर की जाती थी।

प्रवीण जयसवाल अकाउंट खुलवाने व उपलब्ध कराने वाला मुख्य आरोपी
एसपी ने बताया कि, दूसरा गिरफ्तार आरोपी प्रवीण जयसवाल इस पूरे नेटवर्क में बैंक खाते खुलवाने एवं उन्हें आगे उपलब्ध कराने वाला प्रमुख सदस्य रहा है। जांच में सामने आया कि अश्विन एग्रो फर्म खुलवाने में भी इसकी निर्णायक भूमिका रही। उसने आर्थिक प्रलोभन देकर फर्जी दुकान स्थापित कराई, जिसमें दिखावे के लिए खाली बोतलों में पानी भरकर खाद्य एवं केमिकल उत्पादों के लेबल लगाए गए, ताकि फर्म वास्तविक प्रतीत हो। प्रवीण द्वारा अब तक खरगोन, खंडवा, हरदा, इंदौर एवं जालगांव (महाराष्ट्र) में लगभग 50 व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाए गए, जिनमें से करीब 20 चालू खाते हैं। चालू खातों की किट अन्य सहयोगी आरोपियों को अवैध लेन-देन हेतु सौंप दी जाती थी।

अवैध सिम कार्ड सप्लायर भी पुलिस के हत्थे चढ़े
एसपी के मुताबिक तीसरा आरोपी गिरोह में अवैध सिम कार्ड सप्लायर की भूमिका निभा रहा था। वह ग्राहकों को भ्रमित कर दो बार बायोमेट्रिक क्रिया कराता था- एक सिम ग्राहक को देकर दूसरी सिम अपने पास रख लेता था, जिसे बाद में सिम अपराधियों को बेच दिया जाता था। जांच में यह भी पाया गया कि पीयूष द्वारा राजा को 02 सिम 5,000 में बेचे गए। बिना दस्तावेज सिम उपलब्ध कराने की यह श्रृंखला साइबर अपराध को मजबूती प्रदान कर रही थी। पूरे मामले में अभी तक 9 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अन्य आरोपियों और सहयोगियों की तलाश की जा रही है। तथा जब्त मोबाइल्स जिनमे अवैध लेन देन के साक्ष्य मौजूद हैं,उन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। एसपी का कहना है कि इस मामले की तह तक जाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं ।




