पॉलिटिकल कॉलम: भाजपा नेत्री की पोस्ट से आखिर क्यों मच रहा बवाल? निकाले जा रहे कई मतलब,, किस नेता के इस्तीफे से कटा बवाल??? तीसरे मोर्चे के आगाज के पहले किस पार्टी में मचा घमासान???? देखिये हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में…….
Betul News: Why is the BJP leader's post creating ruckus? Many meanings are being extracted,, Due to the resignation of which leader, the ruckus was created??? In which party there was a ruckus before the launch of the third front???? See our famous column in political movement.......

Betul News: शेर और शायरियां सामान्य तौर पर सोशल मीडिया पर राजनैतिक दल के पदाधिकारी शेयर करते रहते हैं। इसके मायने आम लोग अलग-अलग निकालते हैं, लेकिन एक भाजपा नेत्री ने कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर शेयर की एक पोस्ट राजनैतिक गलियारों में खासी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। भाजपा नेत्री ने अपनी पोस्ट पर लिखा था कि इरादें मजबूत है मेरे, हासिल बड़ा मुकाम करूंगी, बहुत जल्द उठेंगे एक तूफान लेकर और क्षेत्र में अपने आप का नाम करूंगी। चुनावी साल में भाजपा नेत्री की इस पोस्ट के कई मायने निकाले जा रहे हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि सोशल मीडिया पर बड़े नेताओं से भी ज्यादा सक्रिय रहती है। पिछले दिनों भोपाल में सीएम के साथ पौधरोपण कर सुर्खियों में आई यह नेत्री को एक चर्चित और सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित विधानसभा के लिए अपनी दावेदारी जता रही है। पहले से ही यहां उनके ही समाज के आधा दर्जन मजबूत दावेदार सामने आए हैं। अगर भाजपा नेत्री ने अपनी पोस्ट टिकट से जोडक़र लिखी है तो इसके मायने निकाले जा सकते हैं।
इस्तीफे के पीछे की राजनीति क्या?
सत्तारूढ़ पार्टी के एक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक ने अचानक अपने पद से इस्तीफा क्या दिया, पार्टी में भूचाल मच गया। उन्हें तलाशने और समझाइश का दौर शुरू हुआ तो कुछ घंटों बाद ही फेसबुक आईडी हैक होने का स्पष्टीकरण देकर मैसेज पहुंचाने का प्रयास किया गया। चूंकि इस्तीफा सत्तारूढ़ पार्टी के सक्रिय पदाधिकारी का था, इसलिए शीर्ष नेताओं ने इसका कारण जानने का प्रयास किया तो तबादले को लेकर मतभेद-मनभेद की उड़ती-उड़ती जानकारी सामने आई। हालांकि संयोजक ने अपनी आईडी हैक होने की सूचना नहीं दी, लेकिन विवाद बढऩे के बाद उन्होंने आईडी हैक होने की सूचना देकर सत्तारूढ़ पार्टी को चुनाव के पहले किरकिरी होने से बचा लिया।
तीसरी पार्टी का उदय होने के पहले मतभेद
जिले में हमेशा भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला होते आया है। गुजरात और पंजाब में अपनी योजनाओं को लेकर सरकार बनाने वाली एक पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों में खींचतान विधानसभा चुनाव के पहले शीर्ष पदाधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। पार्टी में जिला अध्यक्ष युवा होने के साथ अति उत्साह में उन्हें हटाने की खबर पर कह बैठे की सबकी नैया डूबो देंगे। उनकी यह बातें पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष को चुभ गई और नए जिला अध्यक्ष को सबक सिखाने के लिए सोशल मीडिया पर करारा जवाब दे दिया। पार्टी में मची खींचतान में कार्यकर्ता भ्रमित है कि किसका साथ दें और किसका नहीं, लेकिन यही हाल रहे तो जिले में तीसरी शक्ति का उदय होने के पहले ही अस्त होने के हालात दिखाई दे रहे हैं।




