Betul Ki Khabar: ऑपरेटरों के सीने में दफन राज, वन विभाग में अफसर भी लाचार
Betul Ki Khabar: Secrets buried in the chest of operators, officers in the forest department are also helpless

उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद नहीं दिखाया जा रहा बाहर का रास्ता
Betul Ki Khabar: बैतूल।। बैतूल वन वृत के तीनों वन मंडलों में कम्प्यूटर ऑपरेटरों की तूती इस कदर बोल रही है कि रेंजर से लेकर डिप्टी रेंजर तक इनके आगे नतमस्तक नजर आते हैं। हैरानी की बात यह है कि एक जिम्मेदार उच्च अधिकारी द्वारा ऑपरेटरों को हटाने के स्पष्ट निर्देश देने के बावजूद भी इन्हें बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया। कारण सिर्फ इतना है कि इन ऑपरेटरों के पास विभाग के कई बड़े राज छुपे हुए हैं। बताया जा रहा है कि,इन्ही ऑपरेटरों के जरिये विभाग की कई गोपनीय जानकारियां भी लीक होने का डर बना रहता है। लेकिन बावजूद इसके गोपनीयता भंग होने जैसे सम्वेदन शील तथ्य को भी नजर अंदाज किया जा रहा है।
एडजस्टमेन्ट में ऑपरेटरों को महारथ हासिल
सूत्रों की मानें तो बीते दो वर्षों में वन विभाग में जो भी गड़बड़ियां हुई हैं, उनमें इन ऑपरेटरों की सीधी या परोक्ष भूमिका रही है। विभाग के कई रेग्युलर कर्मचारी तक इनसे परेशान हैं, लेकिन खुलकर बोलने की हिम्मत किसी में नहीं है। कारण यह कि ये ऑपरेटर ही वे कड़ी हैं, जिनके माध्यम से फाइलें बनती, रिपोर्ट तैयार होती और कई मामलों में ‘एडजस्टमेंट’ किए जाते हैं। कहा जा रहा है कि इनकी कार्यशैली औऱ पूर्व में हुए भुगतान और कार्यो की निष्पक्ष जांच हो जाए, तो लाखों रुपयों की वित्तीय अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं। खासकर प्लांटेशन, टेंडर, ट्रांसपोर्ट और बिल भुगतान जैसे कार्यों में कई गड़बड़ियों की परतें खुल सकती हैं।
ऑपरेटरों के पास मौजूद है दबाव के हथियार कर रहे ब्रम्हास्त्र का काम
इस पूरे मामले में वन मंडल के अधिकारियों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। माना जा रहा है कि ऑपरेटरों के पास विभाग के कई जिम्मेदार अफसरों की भी संवेदनशील जानकारियां हैं, जो उन्हें ब्लैकमेलिंग या दबाव का हथियार देती हैं यह ऐसी जानकारियां है जो ऑपरेटरों के लिए ब्रम्हास्त्र का काम कर रही हैं। यही वजह है कि विभाग के अधिकारी भी इन पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। चर्चा है कि अगर समय रहते इन ऑपरेटरों की भूमिका की गंभीर जांच नहीं हुई, तो यह मामला विभाग की साख को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।
इनका कहना…
यह मामला मेरे संज्ञान में है। पुरानी फाइल निकालकर मामले को गंभीरता से दिखवाया जा रहा है। यदि पूर्व में ऐसे आदेश हुए हैं तो उसका पालन करने के आदेश जारी करेंगे।
वासु कनौजिया, सीसीएफ, बैतूल




