Betul Samachar: एक वर्ष में 838 सड़क हादसों में 284 लोगों की मौत
Betul Samachar: 284 people died in 838 road accidents in one year

जिले में नहीं थम रहा हादसों का सिलसिला
Betul Samachar: बैतूल। जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हादसों में सैकड़ों लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए। हादसे बढ़ने के बावजूद भी लोग हादसों को लेकर गंभीर नहीं है। हादसे रोकने के लिए पुलिस भी हमेशा प्रयास करती है। जागरूकता के लिए पुलिस द्वारा कई बार अभियान चलाया जाता है। इसके बावजूद वाहन चालक लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाते है, जिसके कारण हादसे होते रहते है। यातयात प्रभारी गजेन्द्र केन ने बताया कि जनवरी 2024 से अब तक जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 838 सड़क हादसे हुए।
इन सड़क हादसों में 284 लोगों अकाल मौत हो गई। 817 लोग घायल हुए है। इस एक साल के भीतर हुए सड़क हादसों से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़क हादसे नहीं थम रहे है। इस वर्ष इन हादसों में 284 लोग असमय काल के गाल में समा गए। अधिकतर सड़क हादसे फोरलेन और अन्य हाईवे पर हुए है। तेज रफ्तार एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने के कारण दुर्घटना होने की जानकारी सामने आई तो कई सड़क हादसे शराब के नशे में वाहन चलाने के कारण हुए है।
सिर में चोट आने के कारण अधिकांश लोगों की मौत
इन सड़क हादसों पर नजर डाली जाएं तो अधिकांश सिर में गंभीर चोट लगने के कारण लोगों की मौत हुई है। इसमें दोपहिया वाहन चालक की संख्या सबसे ज्यादा है। पुलिस दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट लगाने के लिए प्रेरित करती है, लेकिन कई वाहन चालक ट्राफिक पुलिस के नियमों की अनदेखी कर बिना हेलमेट पहने बाइक चलाते है। कुछ हादसों में तो यह भी देखने में आया है कि अगर वाहन चालक द्वारा हेलमेट लगाया होता तो शायद हादसे में जान भी बच सकती थीं।
अधिकांश लोगों ने सिर में गंभीर चोट आने और अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण मौके पर दम तोड़ दिया। इतने हादसे सामने आने के बावजूद भी वाहन चालक सावधानीपूर्वक गाड़ी नहीं चलाते। एक वाहन चालक की गलती के कारण दूसरे वाहन चालकों को भी नुकसान उठाना पड़ता है।
चालानी कार्रवाई के बावजूद भी नियमों का पालन नहीं
यातायात पुलिस द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्ती बरतते हुए चालानी कार्रवाई भी करती है, ताकि लोग यातायात नियमों का पालन करें, लेकिन चालान भरने के बाद लोग फिर से नियमों को भूल जाते है और फर्राटे से वाहन दौड़ाते है। यातायात पुलिस के नियमों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यातायात के नियमों का गंभीरता से पालन किया होता तो शायद जिले में इतने अधिक हादसे नहीं होते और बेवजह लोगों को अपनी जान से हाथ नहीं धोना पड़ता। यातायात पुलिस द्वारा जगह-जगह हादसों को रोकने के लिए संकेतक भी लगाए है, लेकिन इन संकेतकों को कई वाहन चालक समझ नहीं पाते और अपनी रफ्तार से गाड़ी दौड़ाते है।
हर दिन हो रहे 2-3 हादसे
यातायात पुलिस द्वारा सड़क हादसों को लेकर दिए गए आंकड़ों पर नजर डाली जाएं तो जिले में हर दिन 2-3 सड़क हादसे हो रहे है। इन दुर्घटनाओं में हर दो दिन में एक व्यक्ति की मौत भी हो रही है। प्रतिदिन किसी ना किसी क्षेत्र से सड़क दुर्घटना होने की खबरें सामने आती है। प्रतिवर्ष यह देखने में आता है कि दिसंबर माह और जनवरी माह में सबसे ज्यादा हादसे सामने आते है।
इनका कहना…
1 जनवरी से अब तक जिले में 838 सड़क हादसे हुए है, जिसमें 254 लोगों की मौत हो गई और 817 लोग घायल हुए है। लोगों को वाहन दुर्घटना के संबंध में जागरूक होना चाहिए। असावधानी के कारण अधिकांश दुर्घटनाएं होती है। पुलिस की तरफ से हादसों को रोकने के लिए समय-समय पर पूरे प्रयास किए जाते है।
गजेन्द्र केन, यातायात प्रभारी बैतूल




