Ward Parikrama : चार वार्डों को छोड़ अधिकांश में समस्याओं का अंबार
Ward Parikrama: Except for four wards, a lot of problems

सांझवीर के क्या हुआ वादा कॉलम की जमीनी हकीकत, चुनाव में, भाजपा- कांग्रेस को हो सकता है नुकसान
Ward Parikrama : (बैतूल)। गत वर्ष हुए निकाय चुनाव में पार्षदों को जिस उम्मीद से जनता ने चुना था, वे भरोसे पर खरा नहीं उतर पाए। 33 वार्डों में से केवल एक चंद्रशेखर वार्ड ऐसा था जहां के लोगों ने पार्षद के कार्यकाल पर संतुष्टि जताई। शिवाजी,विनोबा और कृष्णपुरा वार्ड ऐसे थे, जहां के पार्षदों को लोगों ने 50-50 बताया था। यानी पार्षद के कार्यकाल पर यहां के लोग संतुष्ट भी थे, असंतुष्ट भी। शेष तीस वार्डों में पार्षद लोगों मंशा पर खरा नहीं उतरता है।
सांझवीर टाईम्स के वादा तेरा वादा कॉलम में सभी 33 वार्डों की ग्राउंड रिपोर्ट पर यकीन करें तो आज की तिथि में चुनाव होने पर प्रत्याशियों को पार्षदों के कारण नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। भाजपा और कांग्रेस दोनों के पार्षद जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए हैं।
- Also Read : Betul BJP News: प्रवासी विधायक मुटकुले का बड़ा दावा- जिले की पांचों विधानसभाओं में होगी भाजपा की जीत
गत वर्ष जब नगरपालिका के चुनाव हुए थे तो भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने जीत हासिल करने पर आम लोगों से कई तरह के वादे किए थे। किसी ने सड़क, पानी, बिजली तो किसी ने एप बनाने का तो कोई अपना मानदेय वार्ड के जिम्मेदार लोगों पर खर्च करने की बात कह रहा था।
पलक झपकते ही एक वर्ष का समय कैसे बीता, पता नहीं चल पाया। इन एक वर्ष मेें पार्षदों ने वार्ड की जनता के बीच क्या पहचान बनाई? पार्षदों के कार्यकाल से लोग खुश है या नहीं। इसी को लेकर सांझवीर टाईम्स की टीम 33 दिनों तक प्रत्येक वार्डों की गलियों तक पहुंची है। यहां वार्ड के लोगों से पार्षदों के एक वर्ष के कार्यकाल को लेकर बातचीत की। इस बातचीत के आधार पर पार्षदों और गत चुनाव में विपक्षी उम्मीदवारों की बातों को भी प्रमुखता से रखा गया। बीते चुनाव में वादा तेरा वादा कॉलम के माध्यम से हमने भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों से सीधी बात की थी और उनका पक्ष रखा था।
एक वर्ष हुए काम को लेकर घूमी टीम
एक वर्ष में पार्षदों द्वारा जनता के हित में क्या काम किए, इसको लेकर सांझवीर की टीम पिछले 33 दिनों से शहर के 33 वार्डों में घूम-घूमकर वार्ड के लोगों से रूबरू हुई है। इसको लेकर सांझवीर ने हर दिन प्रत्येक वार्ड की स्थिति को लेकर क्या हुआ तेरा वादा शीर्षक से प्रत्येक वार्ड के पार्षद का एक वर्ष का रिपोर्ट कार्ड आम लोगों के समक्ष रखा। स्थानीय और प्रादेशिक अखबार में इस तरह का प्रयोग पहली बार किया गया। अपनी जनहित और सरोकार की पत्रकारिता के लिए पहले भी कई पहल की। लोगों की सराहना और डिमांड के बाद यह कॉलम शुरू किया गया था। इस कॉलम के माध्यम से हमारी टीम को भी सीखने का मौका मिला है।
33 में से 29 पार्षद फेल
सांझवीर टाईम्स के क्या हुआ तेरा वादा कॉलम में वार्डों की वस्तुस्थिति और पार्षद के कार्यकाल को लेकर हमने करीब से वार्डों को देखा। इस दौरान पार्षदों के साथ विपक्षी पार्टी के प्रत्याशी और वार्ड के जिम्मेदार लोगों से भी राय ली। इसका लब्बोलुआब यह निकला कि 33 में से 29 पार्षद फेल साबित हो गए।
यदि आज की स्थिति में चुनाव हुए तो जनता शायद इन 29 पार्षदों में से शायद ही किसी को मौका दें। अलबत्ता नगरपालिका अध्यक्ष पार्वती बारस्कर के वार्ड चंद्रशेखर वार्ड में हुए काम से लोग खुश है। यह एकमात्र वार्ड था, जहां पार्षदों के काम को लोगों ने सराह है। शिवाजी वार्ड की पार्षद आभा श्रीवास्तव, विनोबा वार्ड की पार्षद शीला पिंटू महाले और कृष्णपुरा वार्ड के पार्षद तरुण ठाकरे के कामकाज पर मिश्रित प्रतिक्रिया मिली। तीनों पार्षदों को लोगों ने 50-50 कहा है। यानी यहां पर भी पार्षद के कामकाज से लोग पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।
निर्माण कार्यों की कछुआ रफ्तार ने बढ़ाई पार्षदों की परेशानी
सांझवीर टाईम्स के क्या हुआ वादा तेरा कॉलम का एक और निष्कर्ष सामने आया है कि वार्डों में पार्षदों ने जरूर सक्रियता दिखाई, लेकिन एक वर्ष में अधिकांश समय कार्यों को पूरा करने और टेंडर आमंत्रित करने में ही निकल गया। इसके बाद बारिश आने से निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लग गया। नगरपालिका के जिम्मेदारों ने भी पार्षदों की समस्याओं का निराकरण समय पर न कर वार्ड की जनता में नाराजगी पनपने का मौका दे दिया। अधिकांश वार्डों के पार्षद अपने वार्डों में काम के लिए नगरपालिका के चक्कर काटते रहें, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसी वजह पार्षदों और आम लोगों के बीच नाराजगी अधिक बन गई। अभी भी यदि सड़क, नाली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों को उपलब्ध कराई जाए तो नाराजगी चंद माह में खत्म हो सकती है।
इनका कहना…..
निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी, जो प्रस्ताव पूर्व में पास हो चुके हंैं, उनके लिए टेंडर जारी किए जा रहे हैं, जिन कामों के टेंडर लग चुके हैं उनके वर्क आर्डर जारी किए जाएंगे। कल ही हमने ठेकेदारों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तीन दिन में एग्रीमेंट कर काम शुरू करें। पार्षदों के द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर प्राथमिकता से काम होंगे।
ओमपाल सिंह भदोरिया, सीएमओ नपा बैतूल




