Betul Hospital News: नए अस्पताल भवन में मदर वार्ड शिफ्टिंग का कार्य शुरु
Betul Hospital News: Mother ward shifting work started in new hospital building

जल्द ही एक ही भवन में मिलेगा महिलाओं को उपचार
Betul Hospital News: बैतूल। नए सीएस के कार्यभार संभालते ही ट्रामा सेंटर में संचालित मदर वार्ड को नए अस्पताल भवन में शिफ्ट करने का काम प्रारंभ कर दिया है। जल्द ही अब महिलाओं को एक ही भवन में उपचार संबंधी सारी सुविधाएं मिलेगी। कई दिनों से मदर वार्ड को शिफ्ट करने का काम अधर में लटका हुआ था। करोड़ों की लागत से जिला अस्पताल परिसर में 150 बिस्तरीय नए अस्पताल भवन का निर्माण किया गया है। इस भवन में महिला एवं शिशु चिकित्सा इकाई संचालित की जाएगी। महिला चिकित्सा इकाई ट्रामा सेंटर के प्रथम तल पर संचालित हो रही है। अब इस महिला चिकित्सा इकाई को नए अस्पताल भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि तीन-चार दिन के भीतर शिफ्टिंग का कार्य पूरा हो जाएगा।
महिलाओं को मिलेगी बेहतर सेवा
नए भवन में महिला चिकित्सा इकाई की शुरुआत होने से महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिलना शुरु हो जाएगी। वर्तमान में ट्रामा सेंटर में वार्ड छोटे होने के कारण गर्भवती और प्रसूता महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जल्द ही अब इस परेशानी से निजात मिल जाएगी। नए अस्पताल भवन में पलंग की व्यवस्था पर्याप्त रहेगी और बड़े रूम होने के कारण दिक्कतों का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। कई दिनों से अस्पताल भवन बनकर तैयार है, लेकिन शिफ्टिंग का काम लंबित था। सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे ने अस्पताल की कमान संभालते ही नए अस्पताल भवन में मदर वार्ड को शिफ्ट करना शुरु कर दिया है।
एक ही भवन में मिलेगी सभी सुविधाएं
नए अस्पताल भवन महिला रोग एवं शिशु चिकित्सा इकाई की शुरुआत होने से महिलाओं का एक ही भवन में महिला संबंधी उपचार की सभी सुविधाएं मिलेगी। नए अस्पताल भवन में ही प्रसुताओं की डिलेवरी और सीजर ऑपरेशन किए जाएंगे। यहां अत्याधिक ओटी का निर्माण भी किया गया है। महिला संबंधी लगभग सारी जांचें एक ही भवन में हो जाएगी। नए अस्पताल भवन से ही एसएनसीयू वार्ड को भी अटैच कर दिया है। प्रसव होने के बाद कमजोर बच्चों को एसएनसीयू वार्ड में आसानी से शिफ्ट किया जा सकेगा।
इनका कहना…
3-4 दिन के भीतर मदर वार्ड को नए अस्पताल भवन में पूरी तरह शिफ्ट कर दिया जाएगा। जल्द ही यहां ऑपरेशन भी प्रारंभ किए जाएंगे।
डॉ. जगदीश घोरे,
सिविल सर्जन जिला अस्पताल बैतूल




