कोतवाली टीआई को शिकायत के बाद हटाया, तीन अन्य थानों में भी फेरबदल

गंज टीआई को कोतवाली की कमान, विधायकों की नाराजगी भी आई सामने

बैतूल। कानून व्यवस्था को लेकर शुक्रवार शाम को जिले के 5 प्रमुख थाना प्रभारियों की पद स्थापना स्थल में पुलिस अधीक्षक निश्चल एन झारिया द्वारा बदलाव किया गया है। इस बदलाव में कोतवाली और गंज थाने समेत सारनी, साईखेड़ा और शाहपुर थाने भी शामिल है। थाना प्रभारियों को एक थाने से दूसरे थाने भेजे जाने के निर्देश भी जारी हो चुके हंै। अचानक हुए इन तबादलों को लेकर विभागीय अधिकारी इसे प्रशासनिक कसावट और परिवर्तन का हवाला दे रहे हैं।

वहीं इन तबादलों को विधायक की नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इधर चर्चा है कि शाहपुर टीआई की कार्यप्रणाली से क्षेत्रीय विधायक के अलावा एसपी भी संतुष्ट नहीं थे, इसलिए पटरी ना बैठने के कारण उन्हें लाइन भेजा गया है।

लाईन में पदस्थ एवं एसपी के विश्वस्त माने जाने वाले राजन उइके को सांईखेड़ा की कमान सौंपी गई है। चर्चा है कि शहर के कोतवाली, गंज थाना और सारनी क्षेत्र में जिस तरह से अचानक क्राइम बढ़ा है, उसको लेकर विधायक हेमंत खंडेलवाल, आमला-सारनी विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे इन थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली से खासे नाराज बताए जा रहे थे। हालांकि पुलिस अधीक्षक निश्चल एन झारिया ने इस तथ्य को खारिज करते इसे प्रशासनिक व्यवस्था करार दिया है।

चाकू और तलवारबाजी से बढ़ी थी दहशत

एसपी निश्चल एन झारिया द्वारा कोतवाली थाने में पदस्थ थाना प्रभारी देवकरण डहेरिया का तबादला सारनी थाने किया गया है। वहीं गंज थाने में पदस्थ रविकांत डहेरिया को कोतवाली थाने की कमान सौंपी गई है। इन दोनों ही तबादलों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि गंज और कोतवाली थाना क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों के दौरान बढ़ी आपराधिक घटनाओं की वजह से कानून व्यवस्था बुरी तरह चरमरा चुकी थी। गंज थाना क्षेत्र में गणेश उत्सव पर हुए बलवे और एक के बाद एक हुई चाकूबाजी की घटनाओं को लेकर विधायक हेमंत खंडेलवाल खासे नाराज बताए जा रहे थे।

यही वजह है कि गंज थाना प्रभारी रविकांत डहेरिया का तबादला कोतवाली थाने कर दिया गया। इसी तरह कोतवाली थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई तलवारबाजी की घटना ने भी कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। बताया जा रहा है कि तलवारबाजी की इस घटना को डांस क्लास की रंजिश का रूप देने की कोशिश की गई थीं, लेकिन वास्तविकता यह थी कि कोतवाली थाना क्षेत्र में चल रहे सट्टा बाजार पर अपना वर्चस्व स्थापित करने को लेकर इस क्राइम को बीच बाजार में अंजाम दिया गया था।

बैतूल विधानसभा के इन दोनों थाना क्षेत्रों में एक के बाद एक होने वाली घटनाओं के बाद विधायक हेमंत खंडेलवाल ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और पुलिस अधीक्षक को दोनों थाना प्रभारियों को रूखसत करना पड़ा। चर्चा है कि नए टीआई की आमद के बाद एक माह बाद उन्हें कोतवाली का प्रभार दिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार इसके लिए कोई बढ़िया वर्किंग वाले टीआई को संभाग से बुलाया जा सकता है।

आमला विधायक की नाराजगी से हटे अरविंद

जिले के 22 थानों में से सारनी थाना एक ऐसा थाना है, जो दो जिलों की सीमाओं पर स्थित है। थाना क्षेत्र में पॉवर हाउस और कोल माइंस होने की वजह से यह थाना प्रमुख माना जाता है। अपराध की दृष्टि से भी यह थाना काफी चर्चा में रहता है। सारनी थाने में पदस्थ थाना प्रभारी अरविंद कुमरे को भी इस थाने से रूखसत कर दिया गया है।

सूत्रों की माने तो कुछ ही महीने पूर्व सारनी थाना क्षेत्र के बगडोना में भाजपा नेता रवि देशमुख द्वारा की गई आत्महत्या के मामले सहित थाना क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों को लेकर आमला-सारनी विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने अपना विरोध दर्ज कराया था। यही वजह है कि पुलिस अधीक्षक को मौजूदा थाना प्रभारी अरविंद कुमरे को सारनी थाने से हटाना पड़ा है।

हालांकि चर्चा यह भी है कि एक साथ पांच थाना प्रभारियों के पदस्थापना स्थल में परिवर्तन तो कर दिया गया है, लेकिन आने वाले समय में की गई पदस्थापनाओं में भी फेरबदल होने की पूरी संभावनाएं नजर आ रही है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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