Betul Kisan News : 278 रुपए की खाद, किसानों को देने पड़ रहे 500 रुपए
Betul Kisan News: Fertilizer worth Rs 278, farmers have to pay Rs 500

सहकारी समिति के कर्मचारियों की हड़ताल से किसानों पर दोहरी मार
Betul Kisan News : (बैतूल)। पिछले 5 दिनों से चल रही सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर उन किसानों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपनी फसल बचाने के लिए अब खाद की जरूरत पड़ रही है।
सहकारी समितियों के कर्मचारी तो शासन से अपनी मांगे मनवाने पर अड़े हैं लेकिन किसान निजी खाद विक्रेताओं से महंगे दामों पर खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं। हालात यह हैं की सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा फायदा निजी खाद विक्रेता उठा रहे हैं। यह भी तय नहीं है कि किसानों को खाद उपलब्ध हो पाएगा कि भी नहीं, जबकि प्रशासन का दावा है कि किसानों को खाद की कमी नहीं आने दी जाएगी।
कालाबाजारी चरम पर,चुकाने पड़ रहे दोगुने दाम (Betul Kisan News)
प्राप्त जानकारी के अनुसार अपनी मांगों के निराकरण को लेकर जिले की 91 सहकारी समितियों के सैकड़ों कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सहकारी समितियों में खाद तो उपलब्ध है पर कर्मचारियों के हड़ताल पर होने की वजह से वितरण कार्य बाधित है। सोसायटी बन्द होने से किसानों को खाद के लिए निजी खाद विक्रेताओं पर निर्भर होना पड़ रहा है।
इसका असर ये देखने को मिल रहा है कि सहकारी समितियों में खाद की जो बोरी 278 रुपए में किसानों को दी जानी है निजी विक्रेताओं की दुकानों पर उसी बोरी के दाम किसानों को 400 रुपये से लेकर 500 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। हड़ताल का फायदा जहां निजी विक्रेता उठा रहे हैं तो किसानों को फजीहत झेलनी पड़ रही है।
इन मांगों के निराकरण पर अड़े सहकारी कर्मचारी
पिछले पांच दिनों से सहकारी कर्मचारी हड़ताल कर जिला मुख्यालय पर डेरा डाले हुए हैं। उधर सोसायटियों पर ताले लटके हुए हैं। कर्मचारी नेता अशोक देशमुख ने बताया कि हमारी कुल चार मांगे हैं, जिनमें कर्मचारी भर्ती सेवा नियम लागू कर वेतनमान का निर्धारण किया जाए।
दूसरा सहकारी बैंकों की भर्ती में बिना आरक्षण के समिति कर्मचारियों की 60 प्रतिशत भागीदारी तय की जाए। फसल बीमा की राशि का 4 प्रतिशत कमीशन समितियों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है, लेकिन यह कमीशन भी नहीं दिया जा रहा हैं। ऐसे में समितियां कैसे घाटे से उबर पाएंगी। अगर सरकार हमारी मांगे आज मान ले तो कल से हड़ताल खत्म कर दी जाएगी।




