Nal-Jal Yojana : पानी मिला नहीं और वसूली की होने लगी तैयारी
Nal-Jal Yojana: Water not available and preparations started for recovery

150 ग्रामीणों ने नलजल योजना के कनेक्शन काटने दे दिए आवेदन
ग्राम पंचायत गौनीघाट में नलजल योजना के हालात खराब
Nal-Jal Yojana : बैतूल। बैतूल ब्लॉक की ग्राम पंचायत बोदी जुनावानी में नल जल योजना का कुछ इस तरह दोहन किया गया कि गुस्से में आकर ग्रामीणों ने अपने घरों में लगे नल कनेक्शनों को काटने के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन तक दे दिए। नल जल योजना के तहत ट्रांसफार्मर सहित हाई पॉवर की मोटरें लगा दी गई, लेकिन जब ग्रामीणों को यह लगने लगा कि उनकी पानी की समस्या खत्म नहीं हो सकती तो उन्होंने इस योजना के बारे में सोचना तक छोड़ दिया। गांव में कुछ समय के लिए पानी की सप्लाई शुरु होने से ग्रामीणों में खुशी का संचार हो चुका था, लेकिन उनकी खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। बताया जा रहा है कि पानी की सप्लाई पिछली दीपावली यानी पूरे एक साल से बंद है और गांव वाले पानी के लिए तरस रहे है।
मिट्टी और रेत से भर गया बोर, दूसरे बोर की भी मोटर खराब
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत बोदी जुनावानी के अंतर्गत आने वाले कुछ ग्रामों और ढानों में नल जल योजना की शुरुआत को लेकर हर्ष की लहर व्याप्त थीं। टंकी बनाई गई, सम्पवेल बनाए गएं, पाईप लाईन भी डाली गई और बिजली की सहायता से योजना की शुरुआत भी की गई थीं, लेकिन ग्रामीणों की यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। बताया जा रहा है कि योजना के तहत कुल दो बोर कराए गए थे। बारिश में एक बोर मिट्टी और रेत से भर जाने के बाद दूसरे बोर में मोटर डाली गई थीं, लेकिन यह मोटर भी पांच बार खराब हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा आदिवासी सरपंच को बरगलाकर योजना हैंडओवर कर दी गई। हालात यह है कि पिछले 10 महीने से ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे है।
गांव वालों ने कनेक्शन काटने के लिए दिए आवेदन
ग्राम पंचायत में नल जल योजना के तहत करीब 200 नल कनेक्शन जब दिए गए तो गांव वालों को पानी से होने वाली परेशानी खत्म होने की उम्मीद थीं पर उनके सपने अब चकनाचुर हो चुके हैं। जब नलों ने पानी उगलना शुरु कर दिया तो पंचायतों द्वारा ग्रामीणोंं से शुल्क भी वसूला जाने लगा था। 2-3 माह तो ग्रामीणों ने खुशी-खुशी शुल्क जमा किया, लेकिन जब पानी मिलना बंद हो गया तो पंचायत ने वसूली के ग्रामीणों पर दबाव बनाना शुरु किया। बताया जा रहा है कि इसके बाद लगभग 150 घरों में रहने वाले ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों में लगे नल कनेक्शन काटे जाने के लिए आवेदन पंचायत को दे दिए।
आंगनवाड़ी के पास ही लगा दिया ट्रांसफार्मर
नल जल योजना को लेकर पीएचई के अधिकारियों की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही गांव के छोटे-छोटे बच्चों पर भी भारी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने आंगनवाड़ी के पास ही बिजली का ट्रांसफार्मर लगा दिया और वो भी बिना फेंसिंग किए खुला छोड़ दिया गया है। आंगनवाड़ी में बच्चों के ऊपर खतरा मंडराते देख पालकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मासूमों की देखरेख करनी पड़ रही है। नल जल योजना बंद होने के बावजूद बिजली विभाग पंचायत को बिल थमा रहा है, जिसके चलते पंचायत भी लाखों के कर्ज में डूबती जा रही है। बोदी जुनावानी पंचायत के तहत गौनीघाट, बोदी, जुनावानी और टेकड़ा गांव आता है, लेकिन इस योजना के तहत सिर्फ गौनीघाट में ही काम हुआ है। यही हालात आमला, करपा गांव के भी है। जहां ग्रामीणों ने बताया कि दो साल से पाईप लाईन गांव में बिछी हुई है। बोर हुआ, सम्पवेल भी बना पर योजना आज तक शुरु नहीं हो पाई है।





