सीएमओ का कारनामा: 8 लाख लेकर बंधक प्लाट मुक्त करें
भाजपा की पार्षद ने सीएम को शिकायत की तो मचा हड़कंप जांच के निर्देश, लेकिन अब तक नहीं हो सकी शुरू

बैतूल। समीपी नगर परिषद बैतूलबाजार में अंधा बांटे रेवड़ी चिन-चिन कर दें की कहावत चरितार्थ हो रही है। पहले यहां के भाजपाई पार्षद अपनी ही परिषद की अध्यक्ष से नाराज होकर कई बार बगावत के स्वर बुलंद कर चुके हैं, लेकिन जिला संगठन ने जैसे-तैसे समझाइश देकर मनाया तो अब नगर परिषद के सीएमओ विजय कुमार तिवारी कटघरे में आ खड़े हुए हैं।
उन पर भाजपा की ही एक पार्षद ने नगर परिषद में बंधक रखे एक कालोनी के बंधक प्लाटों को 8 लाख रुपए लेकर मुक्त करने के आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है। पार्षद ने बकायदा इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को भी की है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मामले की जांच आ गई है। बैतूल एसडीएम के निर्देश पर परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण ओमपाल सिंह भदोरिया ने बैतूल नपा के एई नीरज धुर्वे को तीन दिन मेें जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
नियमों को ताक पर रखकर काम करने के पदस्थापना के बाद से जाना जाते हैं। वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों को भी दरकिनार करते आए हैं। पूर्व में सीएमओ विजय तिवारी पर नियम विरूद्ध विज्ञापनों के बंदरबाट के आरोप लग चुके हैं। इसकी शिकायत भी भोपाल हुई थी।
यह मामला अभी सुर्खियों में था कि बैतूल बाजार नगर परिषद की गांधी वार्ड क्रमांक 13 की पार्षद नीतू आशीष राठौर ने सीएमओ तिवारी पर श्रीजी कालोनी के नगर परिषद में बंधक रखे प्लाटों को 8 लाख लेकर अनुबंध मुक्त करने के गंभीर और संगीन आरोप लगाकर सनसनी मचा दी है।
उन्होंने पिछले दिनों इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को की शिकायत में बताया कि सीएमओ द्वारा श्रीजी कालोनी के बंधक प्लाट बिना नियमों के 8 लाख रुपए की राशि संबंधित से लेकर बंधक मुक्त कर दी है। यह पूरी कार्रवाई नियम के विरूद्ध की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में जांचकर सीएमओ तिवारी को निलंबित कर दूसरे सीएमओ को बैतूलबाजार भेजने का भी आग्रह किया है।
सीएम हाउस से मिले जांच के निर्देश
पार्षद ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती आवेदन के बाद बैतूल बाजार की राजनीति में हड़कंप मच गया है। सीएम हाउस से कलेक्टर के पास यह मामला सामने आया है। उन्होंने बैतूल एसडीएम को इस संबंध में जांच के निर्देश दिए थे। एसडीएम राजीव कहार ने 29 जुलाई को परियोजना अधिकारी शहरी अभिकरण को पत्र लिखकर उल्लेख किया है कि पार्षद नीतू आशीष राठौर द्वारा मुख्यमंत्री को की गई शिकायत और बंधक प्लाट 8 लाख रुपए लेकर मुक्त करने की जांच कराकर प्रतिवेदन सौंपा जाए।
परियोजना अधिकारी ने बैतूल नपा के एई नीरज धुर्वे को 30 जुलाई को इस संबंध में जांच अधिकारी बनाकर तीन दिन में जांच प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए हैं। हालांकि एई धुर्वे के पास काम की अधिकता होने के कारण उन्होंने जांच शुरू नहीं की है। दो दिन पहले ही उन्हें इस संबंध में पत्र मिला है, इसलिए जांच पूरी नहीं हो सकी।
अभद्र व्यवहार का भी आरोप
भाजपा की पार्षद ने सीएमओ पर अभद्र व्यापार करने का भी गंभीर आरोप अपनी शिकायत में लगाया है। उनका कहना है कि महिला पार्षदों से सीएमओ द्वारा अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया जाता है। पार्षद नीतू ने बताया कि पार्षदों को सीएमओ धमकी देते हैं। उन्होंने एक और संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि नगर परिषद बैतूलबाजार भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है, ऐसे माहौल में महिला पार्षदों को काम करना बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सीएम से तत्काल सीएमओ पर कार्रवाई का अनुरोध किया है।
पहले भी पार्षदों की उपेक्षा के मामले आए सामने
बैतूलबाजार नगर परिषद के गठन के बाद से ही भाजपा के पार्षदों में नाराजगी देखी जा रही है। इसकी बानगी कई बार सार्वजनिक रूप से भी देखने को मिल चुकी है। सांसद और विधायक की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रमों का ही भाजपा शासित नगर परिषद के पार्षद बायकाट कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष और भाजपा के कई पार्षदों में अनबन के बीच शिकायत विधायक हेमंत खंडेलवाल और भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला के पास पहुंची। वे भी मसले को सुलझाने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन भाजपा की ही पार्षद द्वारा सीएमओ पर आरोप लगाकर एक बार फिर मामला सुर्खियों में ला दिया है।
इनका कहना…
मुझे 2-3 दिन पहले ही बैतूलबाजार सीएमओ की जांच हेतु परियोजना अधिकारी का पत्र मिला है। काम की व्यस्तता के कारण जांच शुरू नहीं कर पाया हूं। शीघ्र जांच कर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
नीरज धुर्वे, एई नपा बैतूल




