Prashasanik Kona: प्रशासनिक कोना: पुलिस के जश्न कांड में डैमेज कंट्रोल क्यों?? तहसीलदार के तबादलों लर कौन खुश, कौन दुखी??? एक बड़े साहब के शहर में रहने के दौरान ढाबे पर किसने उड़ाई दावत औऱ भुगतान को लेकर क्या माजरा???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में….
Prashasanik Kona: Administrative Corner: Why damage control in police celebration incident?? Who is happy and who is unhappy with the transfer of Tehsildar??? During the stay of a big gentleman in the city, who hosted the feast at the

पुलिस के जश्न कांड में डैमेज कंट्रोल की तैयारी
Prashasanik Kona: जिले के एक थानाक्षेत्र में पिछले दिनों रिटायरमेंट के बाद वर्दी पर जश्न मनाने का मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। भले ही इसकी जांच चल रही है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है। इस बीच चर्चा है कि इस कांड में भाजपा के एक पदाधिकारी खुद डैमेज कंट्रोल में लगे हैं। संबंधित पदाधिकारी एक महिला अधिकारी के स्वजातीय बताए जाते हैं। दूसरी तरफ साहब ने भी अपनी ओर से एक्शन नहीं लिया। जब छोटे-छोटे मामलों में तुरंत कार्रवाई हो रही तो फिर वर्दी पर डांस करने के मामले में साहब की चुप्पी पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खबर है कि यह मामला आईजी से होता हुआ डीजीपी और सीएम तक पहुंच गया है, इससे पुलिस की छवि धूमिल हो रही है।
तहसीलदार के तबादलों पर क्यों छिड़ी बहस
पिछले दिनों लापरवाही करने पर कुछ तहसीलदारों को बड़े साहब की नाराजगी का कोपभाजन बनना पड़ा। एक्शन लेते हुए बड़े साहब ने तहसीलदारों को हटाया तो एक बार फिर राजस्व अमले में हड़कंप मचा। इस बार अपने क्षेत्र में कुछ दिनों पहले पदस्थ हुए एक साहब ने नाराजगी जताई तो यह मामला सत्तारूढ़ पार्टी के जनप्रतिनिधियों तक पहुंच गया। कहा जा रहा है कि भाजपा के भी कुछ पदाधिकारी तहसीलदारों के तबादले से दुखी है। कुछ पदाधिकारी तो बकायदा सत्तारूढ़ पार्टी के शीर्ष नेताओं को शिकायत करने वाले हैं। शिकायत के बाद क्या निष्कर्ष निकलता है, यह देखने लायक होगा, लेकिन इस समय तहसील से लेकर तहसीलदारों का पक्ष लेने वाले भाजपा नेताओं में जमकर चर्चा हो रही है।
खूब उड़ाई दावत, भुगतान को लेकर चर्चा
वर्दी वाले विभाग में रेंज के एक बड़े साहब का जून माह के तीसरे सप्ताह में बैतूल आगमन हुआ था। साहब रूटिन निरीक्षण कर वापस लौट गए, लेकिन एक साहब के बड़े आफिस के कर्मियों ने उसी दिन फोरलेन पर बने एक नए ढाबे पर जमकर दावत उड़ाई। हालांकि लंच का आर्डर किसने किया, इस बात का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन भुगतान को लेकर भी विभाग में जोरों से चर्चा है। दबी जुबान से कहा जा रहा है कि बड़े आफिस में पदस्थ पुलिस कर्मियों ने अपने स्वार्थ के कारण यह दावत अरेंज की थी। हालांकि ढाबा संचालक को भुगतान किया है या नहीं इसका खुलासा नहीं हो सका है।





