Betul Samachar: शहर में स्ट्रीट लाइट के टेंडर होने तक अंधेरा कायम रहेगा!
Betul News: Darkness will prevail in the city until the tender for street lights is issued!

पार्षदों की लगातार शिकायत नजर अंदाज, विद्युत शाखा के 9 कर्मचारियों के भरोसे 20 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट मरम्मत का काम
Betul Samachar: बैतूल। शीर्षक पढ़कर आपका चौकना लाजिमी है, लेकिन हकीकत है कि शहर में बंद पड़े स्ट्रीट लाइट को चालू करने में लंबा समय लग सकता है। यह बात, इसलिए कही जा रही है, क्योंकि विद्युत शाखा के पास महज 9 कर्मचारी मौजूद है और शहर में 20 हजार विद्युत पोलों पर इससे अधिक स्ट्रीट लाइट लगे हुए हैं। यदि इन स्ट्रीट लाइट में तकनीकी परेशानी आई तो सुधारने में लंबा समय लग सकता है। इसकी वजह सामने आई है कि इन कर्मचारियों से सीएम हेल्पलाइन समेत विशेष मौको पर की जाने वाली व्यवस्था की जिम्मेदारी होने से काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि नपा स्ट्रीट लाइट मरम्मत के लिए टेंडर आमंत्रित करने वाली है। इस प्रक्रिया में लंबा समय लगने तक स्ट्रीट लाइट सुधारने में समय लग सकता है, इससे वार्ड के लोगों के साथ पार्षदों की भी नाराजगी बढ़ सकती है।
जिला मुख्यालय की नपा में कुल 33 वार्ड है। शहर की आबादी तेजी से बढ़ने के कारण जनसंख्या 1 लाख 30 हजार से ज्यादा हो चुकी है, लिहाजा आबादी बढ़ने के साथ विद्युत पोलों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, लेकिन नपा की विद्युत शाखा के पास गिनती के 9 ही कर्मचारी व्यवस्था संभालने में लगे हैं। इन 9 कर्मचारियों में भी 2 चालक है। ऐसे में 7 कर्मचारियों को पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था संभालना मुश्किल होता जा रहा है। इसी वजह आए दिनों स्ट्रीट लाइट की शिकायतें आम होने से न सिर्फ नपा के जिम्मेदारों बल्कि पार्षदों की भी फजीयत बढ़ते जा रही है।

पार्षदों की नपा में धमाचौकड़ी
स्ट्रीट लाइट समस्या को लेकर न सिर्फ सत्तारूढ़ बल्कि विपक्षी पार्टी कांग्रेस के पार्षद भी खासे परेशान है। पार्षद लगातार सीएमओ नपा अध्यक्ष और विद्युत शाखा में स्ट्रीट लाइटें बंद होने की शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है। विधायक हेमंत खंडेलवाल के साथ पिछले दिनों पार्षदों की बैठक में भी कांग्रेस पार्षद नंदिनी तिवारी ने स्ट्रीट लाइट की समस्या का मुद्दा उठाया था। उनका समर्थन भाजपा के पार्षदों ने भी किया।
इसे गंभीरता से लेते हुए विधायक ने हर स्ट्रीट लाइट पर नबंरिंग कर स्ट्रीट लाइट बंद होने पर इसी आधार पर मरम्मत समय पर करने का प्लान बनाने के निर्देश दिए थे। हालांकि उनका यह प्लान भविष्य में नपा धरातल पर उतारेगी, लेकिन इसके पहले 33 वार्डों में हर दिन 100 से अधिक शिकायतें स्ट्रीट लाइट बंद होने की आ रही है। इसके बाद लोग पार्षदों पर नाराजगी जता रहे हैं। पार्षद नपा में जाकर गुहार लगा रहे हंैं, लेकिन उनकी समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। अधिकारी भी उन्हें समझाइश देने का प्रयास कर रहे हैं कि व्यवस्था टेंडर होने के बाद माकुल होगी, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं है।
टेंडर होने में लगेगा समय, तब तक देरी से सुधरेगी स्ट्रीट लाइट
जानकारी सामने आई है कि नपा केवल 9 कर्मचारी के भरोसे स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को बदलने के मूड में है। इन कर्मचारियों के भरोसे शुरुआती सप्ताह में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण किया जाता है। इसके अलावा इन्हीं 9 कर्मचारियों से दुर्गा-गणेश विसर्जन समेत अन्य विशेष मौकों पर ड्यूटी करवाई जाती है। इसी वजह व्यवस्था गड़बड़ा गई है। यही वजह है कि नपा स्ट्रीट लाइट की मरम्मत के लिए शीघ्र टेंडर निकालने वाली है। इसके लिए थोड़ा समय लगेगा, तब तक 100 से अधिक स्ट्रीट लाइट की शिकायतों का निराकरण में भी समय लगने से इंकार नहीं किया जा सकता है। हर दिन 100 से अधिक स्ट्रीट लाइट की शिकायतें आने के बाद कर्मचारी विद्युत कंपनी के लाइनमेनों के साथ व्यवस्था बना रहे हैं, लेकिन टेंडर होने के बाद ही व्यवस्था में सुधार हो सकता है।
इनका कहना……
शहर में स्ट्रीट लाइट की संख्या अधिक है और कर्मचारी कम है। इसके लिए हमने टेंडर निकालने का निर्णय लिया है। इसमें वक्त लग सकता है। पार्षदों की शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने के प्रयास कर रहे हैं।
सतीष मटसेनिया, सीएमओ बैतूल




