डीडी से बढ़ी मुलताई और बैतूल वासियों की उम्मीदें

15 साल बाद ट्रेनों के स्टॉपेज मिलने की बंधी आस

बैतूल। पूरे 29 साल बाद आखिर प्रचंड बहुमतों से दूसरी बार विजयी हुए भाजपा सांसद डीडी उइके को केंद्रीय मंत्रीमण्डल में स्थान मिलने के बाद बैतूल का सूखा जहां खत्म हुआ है। अब बैतूल जिले वासियों की सांसद से उम्मीदें भी बढ़ गयी हैं। हालांकि श्री उइके को केंद्र में जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय से राज्य मंत्री बनाया गया है, लेकिन केंद्र में दखल के चलते बैतूल में रहने वाले उन समाज सेवियों की उम्मीदों पर पंख लग चुके हैं जो पिछले 15 सालों से ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग करते आ रहे हैं।

इनमे बैतूल और मुलताई प्रमुखता से शामिल हैं जहां रहने वाले समाज सेवियों ने असम नागरिकों को ट्रेनों की सुविधा दिलवाने के लिए समय समय पर इसकी मांग की बल्कि धरने प्रदर्शन भी किए। मुलताई एक ऐसा क्षेत्र है जहां पूर्व सांसद श्रीमती ज्योति धुर्वे के सांसद कार्यकाल के समय से ट्रेनों जे स्टॉपेज की मांग हो रही है। किंतु अब आदिवासी बाहुल्य बैतूल के सांसद को केंद्र में प्रतिनिधित्व मिलने के बाद लोगों को उम्मीद है कि डीडी उइके के कार्यकाल में विकास के साथ साथ ट्रेनों की सुविधा भी मिल जाएगी।

15 साल से हो रही 4 ट्रेन स्टॉपेज की डिमांड

मुलताई क्षेत्र में समाज सेवा के नाम पर हर मंच पर जनता की आवाज बुलंद करने वाले जन आंदोलन मंच का प्रयास पिछले 15 सालों से चला आ रहा है। मंच के अध्यक्ष अनिल सोनी के नेतृत्व में धरने प्रदर्शन तक किये गए लेकिन ज्योति धुर्वे के दो और डीडी का एक कार्यकाल बीतने के बावजूद एक भी ट्रेन का स्टॉपेज नहीं मिल पाया। मंच के अध्यक्ष अनिल सोनी ने बताया कि हमारे द्वारा लम्बे समय से 4 ट्रेनों के मुलताई स्टॉपेज मांगे जा रहे हैं। इनमे नागपुर, जबलपुर, इंदौर,जीटी एक्सप्रेस, सहित सुबह के समय भोपाल जाने वाली गोरखपुर एक्सप्रेस की मांग की जा रही है। मुलताई मां ताप्ती की पवित्र नगरी होने से यहां बहुतायत दूर दूर से श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है।

इंदौर जबलपुर आने जाने के लिए ट्रेन का स्टॉपेज नहीं होने से क्षेत्र वासियों को बैतूल रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी पड़ती है। लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी राजधानी भोपाल आने जाने में होती है क्योंकि सुबह के समय यहां से कोई ट्रेन नहीं है। सुबह 8 बजे गोरखपुर एक्प्रेस भोपाल के लिए निकलती है लेकिन उसका स्टॉप मुलताई में नहीं दिया गया। इस ट्रेन के स्टॉप की मांग भी मंच द्वारा की जा रही है। चूंकि अब सांसद डीडी उइके को केंद्रीय मंत्री मण्डल में स्थान मिल चुका है तो मंच के साथ साथ आम जनता को भी उम्मीदें हैं कि पवित्र नगरी , मां ताप्ती के उद्गम स्थल मुलताई को इन ट्रेनों के स्टॉप मिल जाएंगे।

अब मिलेगी इंटरसिटी और महानदी की सौगात

ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए मुलताई के अलावा बैतूल में भी समाज सेवी समय पर अपनी आवाज बुलंद करते आये हैं। भाजपा नेता एवं समाज सेवी रमेश भाटिया एक ऐसा नाम है जो जनता को सुविधा दिलवाने के लिए रेलवे को अब तक सैकड़ों ज्ञापन और पत्र लिख चुके हैं लेकिन आज भी नतीजा वही ढाक के तीन पात पर अटका हुआ है। समाज सेवी रमेश भाटिया बताते हैं कि बैतूल वासी अपने काम के सिलसिले में राजधानी भोपाल और नागपुर पर डिपेंड हैं।

लम्बे समय से वे मांग की जा रही है कि बैतूल से भोपाल और बैतूल से नागपुर तक इंटरसिटी एक्प्रेस चलाई जाए जो सुबह जाकर शाम को बैतूल वापस आ जाये। चूंकि रोजाना भोपाल, नागपुर लोगों का बड़ी संख्या में आना जाना होता है इससे लोगों को दोनो जगहों पर समय पर आने जाने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी और रेलवे का राजस्व भी बढ़ेगा। इसके अलावा आमला, बैतूल एबी एक्सप्रेस भी इटारसी तक बढाने की भी हमारी मांग है।

कई सालों पहले बन्द की गई महानदी एक्सप्रेस को भी बैतूल रुट से चलाए जाने की मांग की जाती रही है। अब हमारे सांसद डीडी उइके की काबलियत को दृष्टिगत रखते हुए मोदी मंत्री मण्डल में शामिल कर लिया गया है तो जनता की उनसे अपेक्षा बढ़ना भी स्वाभाविक है। हमे उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि दिल्ली में रहकर हमारे सांसद श्री उइके अपने क्षेत्र के उन आम नागरिकों की समस्या का तत्काल समाधान करेंगे जिन्होंने उन पर एक बार फिर विश्वास कर उन्हें केंद्र में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से नवाजा है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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