Betul Aviadh Colony – बटामा में पटवारी-आरआई की रिपोर्ट में कालोनाइजरों को अभयनदान!
100 कालोनियां अवैध, केवल 8 को चिन्हित किया, एसडीएम बोले पहले नोटिस जारी करेंगे

Betul Aviadh Colony – बैतूल। अवैध कालोनियों को लेकर जैसे की संभावना जताई जा रही थी, वैसा ही हो रहा है। दरअसल बैतूल के अधिकारी कलेक्टर के कोई आदेश नहीं मानते हैं। इसकी बानगी बैतूल तहसील में ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बटामा(हनोत्या) क्षेत्र में देखने को मिला। यहां के आरआई और पटवारी ने पिछले दस वर्षों से अधिक समय से निर्माण की गई सौ से अधिक कालोनियों में से महज आठ को अवैध मानते तहसीलदार के माध्यम से एसडीएम को रिपोर्ट सौंप दी है। शेष कालोनियों को अभयदान देने की पीछे की मंशा स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी अवैध गतिविधियों के खिलाफ माफियाओं पर शिकंजा कसे हुए हैं। एक के बाद एक ताबड़तोड़ कार्रवाइयां हो रही है। एक माह पहले ही उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में अधिकारियों को जिले की सभी अवैध कालोनियों का सर्वे कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों पर एक माह में केवल कुछ ही एसडीएम और तहसीलदार ने अपनी अधीनस्थ आरआई और पटवारियों से कालोनियों की कुंडली मंगाई है। शेष तहसीलों में कालोनियों की सूची बनाने में कोताही बरती जा रही है। इससे भूमाफियाओं को बचने का आसानी से मौका मिल जा रहा है।
बैतूल ग्रामीण में महज आठ लोगों की सूची सामने आई – Betul Aviadh Colony
सूत्रों के अनुसार बैतूल ग्रामीण क्षेत्र में सर्वाधिक सौ से अधिक कालोनियों का निर्माण हो चुका है। यहां पर प्लाट काटकर बेचे जा चुके हैं। कई कालोनियों में अभी भी प्लाट अवैध रूप से बेचे जा रहे हैं। एक माह तक बैतूल ग्रामीण के बटामा क्षेत्र की चर्चित क्षेत्र में केवल आठ कालोनाइजर की ही सूची एसडीएम के पास पहुंची है। पटवारी द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार कृष्णा पिता बाबूराव पुंडे, कैलाश पिता नारायण राव झोड़, राजकुमारी पति राजेंद्र पवार, रेखा पति रूपेश मालवीय, स्वर्णलता पति विजय महस्की, रूपाली जितेंद्र पवार, पवन पिता हरिराम पोटफोड़े, सरस्वती पति रामाश्रय शामिल है। इसके अलावा संयुक्त रूप से जमीन खरीदकर बेचने वाले कुछ डेवलपर्स के नाम भी सामने आए हैं।
रिपोर्ट पर सस्पेंश, कटघरे में आरआई पटवारी- Betul Aviadh Colony
केवल बटामा (हनोत्या) में अवैध कालोनी की सूची में केवल आठ लोग ही अवैध कालोनी पर प्रशान की रडार पर आए। जबकि यहां ऐसे कई दिग्गज मौजूद है, जिन्होंने बिना टीएनसीपी और रेरा समेत प्रक्रिया पूरी नहीं की है और प्लाट बेच रहे हैं। इनका सर्वे करने में कोताही बरती गई है। इस बात की बानगी सूची को देखने के बाद ही लगाया जा सकता है। चेहरों को देखकर सर्वे करने के आरोप लगने लगे हैं। एसडीएम भी कह रहे हैं कि पहले संबंधित कालोनाइजरों को नोटिस किए जा रहे हैं, इसके बाद बचे हुए लोगों को चिन्हित किया जाएगा। दूसरी ओर कलेक्टर इस मामले में अधिक सख्त दिखाई दे रहे हैं।
इनका कहना…..
जब तक एक-एक अवैध कालोनी चिन्हित नहीं होगी। सर्वे होता रहेेगा।रिपोर्ट यदि गलत आ रही है तो इसको भी गंभीरता से दिखवा रहे हैं।
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल।
पटवारी और आरआई ने बैतूल ग्रामीण क्षेत्र की जो सूची उपलब्ध कराई है, इसके आधार पर हम पहले कालोनाइजरों को नोटिस जारी कर रहे हैं। इसके बाद शेष कालोनाइजरों को चिन्हित करेंगे।
राजीव कहार, एसडीएम बैतूल।




