Betul Awaidh Hoarding : बिल्डिंगों पर हवा में मौत बनकर खड़े होर्डिंग, बैतूल में भी हो सकता है मुम्बई जैसा हादसा

Betul Awaidh Hoarding बैतूल। मुम्बई के घाटकोपर इलाके में हुई होर्डिंग के नीचे दबकर 14 लोगों की मौत जैसी घटना बैतूल में भी हो सकती है, क्योंकि बैतूल में भी जहां तहां बेतरतीब तरीके से होर्डिग्स लगे हैं। अक्सर देखा जाता है कि आंधी-तूफान और बारिश से बचने के लिए पेट्रोल पंप के शेड के नीचे खड़े हो जाते हैं। दरअसल अधिकांश इलाकों में भवनों के ऊपर और सड़कों के किनारे खड़े किए होर्डिंग कभी भी राह चलते लोगों के लिए मुसीबत बन सकते हैं। हालांकि नगरपालिका की बिना अनुमति के होर्डिंग नहीं लगाए जा सकते, लेकिन भवनों के ऊपर और सड़कों पर जिस एंगल से होर्डिंग खड़े किए गए हैं, उससे कभी भी बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। यहां सुरक्षा की दृष्टि से क्या उपाय किए गए हैं, यह कहीं भी नजर नहीं आ रहा है।

होर्डिंगों से पटा हुआ है सारा शहर – Betul Awaidh Hoarding

अपने प्रतिष्ठानों और प्रोडक्ट के प्रचार के लिए शहर का कोई ऐसा इलाका या सड़क नहीं है, जहां होर्डिंग नहीं लगाए गए हो। कोठीबाजार के लल्ली चौक पर एमजी काम्प्लेक्स के ऊपर लाइन से लगे होर्डिंग पूरी तरह हवा में लटके हुए हैं। इन होर्डिंग्स के एंगल को देखा और समझा जाए तो पहली नजर में ही यह खतरे से भरे दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में यदि तेज हवा या आंधी चलती है तो होर्डिंग अपनी जगह से उखड़कर सीधे लल्ली चौक की सड़क पर ही आकर गिरेंगे और बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकेगा। यही हाल कुछ ही दूरी पर स्थित बसस्टैंड का भी है। यहां पर भवनों और बस स्टैंड की बिल्डिंग के ऊपर ही दर्जनों की संख्या में होर्डिंग लगे हुए हैं, जबकि बस स्टैंड पर पूरे समय यात्रियों के साथ-साथ लोगों की भीड़ लगी रहती है। ऐसे में यदि होर्डिंग अपनी जगह से उखड़ कर गिरता है तो भारी जनहानि भी झेलनी पड़ सकती है।

गंज, सदर, बडोरा क्षेत्र भी खतरे की जद में – Betul Awaidh Hoarding

प्रचार प्रसार के लिए शायद ही शहर का कोई ऐसा इलाका बचा हुआ होगा, जहां होर्डिंग्स नजर ना आते हो। गंज क्षेत्र व्यवसायिक दृष्टिकोण से खासा महत्वपूर्ण माना जाता है। थोक मार्केट होने की वजह से यहां प्रतिदिन पूरे जिले से बड़ी संख्या में व्यापारी खरीददारी करने आते हैं। फुटपाथ पर भी छोटे व्यवसायी अपना व्यवसाय करते हैं। यहां भी जहां-तहां बड़े बड़े होर्डिंग लटके हुए आसानी से दिखाई दे जाते हैं।

ऐसे में यदि कोई हादसा घटित होता है तो नुकसानी से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा सदर और बडोरा इलाका भी होर्डिंगों से पटा हुआ है। बिल्डिंगों के अलावा सड़क के आसपास लाइन से होर्डिंग लगे हुए हैं। जो कभी भी मौसम खराब होने के चलते आम नागरिकों की जान के दुश्मन बन सकते हैं। अब यह सभी होर्डिंग नगर पालिका के मापदण्डों के मुताबिक लगाए गए हैं या नहीं यह तो परिषद के अधिकारी ही बता सकते हैं, लेकिन यह तो तय है कि जिस तरह से होर्डिंग लगे हैं वह कभी भी लोगों की जान को आफत में डाल सकते हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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