Wedding : वैवाहिक सीजन खत्म पर चर्चा में रहा “शादी” वाला घर
Wedding: "Marriage" house remains in discussion as marriage season ends

हाईटेक जमाने में बदल रही परंपराएं, घर के सामने “शादी” का स्लोगन लिखने के कई मायने
Wedding : बैतूल। इस वर्ष अप्रैल माह में ही विवाह पर विराम लग गया है। यानी गत वर्ष के अंत में और इस वर्ष महज चुनिंदा मुहूर्तों में ही शादियां हुई। कम विवाह होने के बावजूद हाईटेक जमाने में इन दिनों शादियों का बदला स्वरूप भी खासा सुर्खियां बटो रहा है। दरअसल जिन घरों में विवाह की रस्में अदा की जा रही थी, अब यहां सामने की ओर ‘शादी वाला घरÓ का स्लोगन खूब चर्चा में रहा। इसे लोग बदले जमाने में विवाह परंपराओं को निभाने तो कुछ लोग अन्य तर्क निकाल रहे हैं।
बदलते समय में शादियां भी आधुनिकता का रूप लेते जा रही है। किसी समय में मंडप के एक मंच पर वर-वधु वरमाला डालने के बाद ब्राह्मणों की मौजूदगी में भवर के बाद अग्नि के सात फेरे लेते थे। समय बदलता गया और महानगरों की तर्ज पर बैतूल में भी बड़े स्टैंड पर वर-वधु करीब 10-15 फीट ऊंचे स्थान पर वर माला की रस्में अदा कर रहे हैं। यह परंपरा बुजुर्गों के लिए अटपटी है, लेकिन युवाओं के लिए चलन में आ गई है। आजकल इस रस्में पूरी नहीं होती है। यह परंपरा अभी सुर्खियों में ही थी कि ‘शादी वाला घरÓ का स्लोगन ने बरबस ही अपना ध्यान सबकी ओर खींचा है।
टेंट व्यवसायी भी महानगरों की तर्ज पर कर रहे इंतजार
बैतूल शहर में पिछले दो माह में जितनी भी शादियां हैं, अधिकांश में थर्माकोल की कटिंग से घरों के सामने ‘शादी वाला घरÓ का स्लोगन खासा चर्चा में रहा। इन घरों में सामान्यतौर पर सीरिज, लाइटिंग तो लगी थी, लेकिन सामने ‘शादी वाला घरÓ को देखकर लोग एक बार यही ठहर गए। चूंकि परंपरा बदल गई थी, इसलिए उनका चौकना भी लाजमी था। ‘शादी वाला घरÓ का स्लोगर देखकर लोगों ने इसकी तस्वीर भी ली और सोशल मीडिया के कुछ प्लेटफार्म पर शेयर कर विचार मांगे तो अधिकांश ने इसे अच्छी पहल बताया।
‘शादी वाला घरÓ यानी अलर्ट मोड
‘शादी वाला घरÓ का स्लोगन शहर के अधिकांश टेंट संचालकों ने बनाया है। कुछ दिनों पहले ही इसकी शुुरुआत की गई है। टेंट संचालक रवि माकोड़े, दिलीप सोनी कहते हैं कि बदलते परिवेश में ‘शादी वाला घरÓ का स्लोगन लिखने से लोगों को पता चलता है कि संबंधित घर में विवाह होने वाला है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर हाल ही में विवाह की रस्में पूरी करने वाले एक पिता ने बताया कि उनका घर मुख्य सड़क पर है।
वाहनों की पार्किंग के लिए जगह नहीं होने के कारण परेशानी होती। डेकोरेशन वाले ने ‘शादी वाला घरÓ का स्लोगन चस्पा किया तो कार्यक्रम के दौरान सड़क पर भी वाहन खड़े करने के बाद लोगों ने स्वंय पहल करते हुए दूसरे रास्ते से जाना बेहतर समझा। उन्होंने बताया कि यह परंपरा भले ही नई हो, लेकिन इससे वर-वधू पक्ष के लोगों के लिए काफी तसल्ली वाली कही जा सकती है।





