Betul Machna Nadi: माचना की जलकुंभी से अब एनीकट पर मंडरा रहा खतरा

नपा ने नहीं उठाए कदम तो पीने के पानी में चायनीज झालर बन सकती है विलेन

Betul Machna Nadi: बैतूल। जलकुंभी एक ऐसा नाम है, जो जल स्त्रोतों- जलीय पौधों और जलीय जीव जंतुओं को खत्म करने में अपनी खासी भूमिका निभाती है। खासतौर पर नदियों और नालों में, जहां इसका बसेरा हो जाए वहां पानी तो दूषित होता ही है, बल्कि पानी में रहने वाले जीवजंतुओं के लिए भी यह खतरनाक साबित होती है। शहर के बीच से बहने वाले हाथी नाले में इसका निकलना शुरू हो चुका है। यदि समय रहते इसे काबू में नहीं किया गया तो यह खतरा बढ़ते एनीकट सहित माचना के शेष भाग को अपनी चपेट में ले लेगा और इसे नष्ट करने में ही नगर पालिका प्रशासन को लाखों रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

दादाजी की कुटी से आगे बढ़ रहा खतरा

शहर के बीच से निकलने वाला हाथी नाला ख़ंजनपुर स्थित दादाजी की कुटी के ठीक बाजू से निकलता है। पिछले कुछ समय से यहां जल कुंभी पनपना शुरू हुई थी जिसने नाले के एक बड़े भाग पर कब्जा कर लिया है। नाले के ऊपर पानी नहीं बल्कि जलकुंभी की हरी पत्तियां ही नजर आ रही हैं, जो बढ़ते-बढ़ते कुटी के पिछले हिस्से तक पहुंच चुकी है, लेकिन नगरपालिका के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का ध्यान अभी तक नहीं गया है, जबकि स्थानीय रहवासियों के लिए यह खतरा चिंता का विषय बना हुआ है।

एनीकट और माचना नदी भी आएगी चपेट में

हाथी नाले से बहने वाला पानी गंज मोक्षधाम के समीप शहर के बीचों बीच स्थित माचना नदी से मिलता है। यही नदी थोड़े ही फासले पर बने एनीकेट से भी कनेक्ट है। जलकुंभी इतनी तेजी से फैल रही है कि इसे समय रहते यदि नहीं रोका जाता है तो आने वाले समय में यह एनीकेट और माचना नदी के लिए भी खतरा बन जाएगी। गौरतलब है कि नगर पालिका एनीकेट से सारे शहर में पेयजल सप्लाई करती है।

नष्ट हो जाएंगे जलीय पौधे और जीव जंतु

पर्यावरणविद आदिल खान का कहना है कि जलकुंभी पर्यावरण और पानी मे रहने वाले जीव-जंतुओं और जलीय पौधों के लिए सबसे ज्यादा नुकसान दायक है। साथ पानी को दूषित करने में भी जलकुंभी खासी भूमिका निभाती है। जलकुंभी पानी मे पाए जाने वाले नाइट्रोजन को जब सोखना शुरू करती है तो पानी मे पाए जाने वाले नाइट्रोजन समेत कई अवशोषक तत्व नष्ट होने लगते है। जिससे पानी दूषित होने लगता है, क्योंकि जलीय जीव-जन्तु और पौधों को अनिवार्य आक्सीजन और धूप नहीं मिलने से यह नष्ट होकर पानी मे ही सड़ने लगते हैं। ऐसे में नदी नाले चोख होने का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय मे इसके गम्भीर परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं।

इनका कहना…

जलकुंभी का मामला मेरी जानकारी में आया है। संबधित कर्मचारियों को मौके पर भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा।
नीरज धुर्वे, एई नपा बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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