Betul Rajniti: भाजपाइयों को विभीषण कहने पर गरमाई राजनीति

भाजपा नेता रमेश भाटिया का कटाक्ष-जब राजा का घमंड सर चढ़कर बोलता है तो अच्छी सलाह भी बुरी लगती है

Betul Rajniti: बैतूल। लोकसभा चुनाव के दौरान एक दूसरे पर आरोप लगाना सामान्य सी बात है। देश के बड़े नेता भी चुनावी सभा में एक दूसरे पर कटाक्ष करना नहीं छोड़ते हैं, लेकिन बैतूल में स्थानीय नेताओं द्वारा दल-बदलने पर जिस तरह शब्द बाण छोड़े जा रहे हैं, इससे राजनीति गरमा गई है। बैतूल के पूर्व कांग्रेस विधायक निलय डागा द्वारा अपने उद्बोधन में पिछले दिनों भाजपा में शामिल होने वाले लोगों को विभीषण की संज्ञा दी थी। इस पर कांगे्रस छोड़ भाजपा में शामिल हुए वरिष्ठ नेता रमेश भाटिया ने कड़ी आपत्ति जताई है।

एक बयान में श्री भाटिया ने कहा कि पूर्व विधायक द्वारा बार-बार कहा जा रहा है और प्रचार किया जा रहा है कि जो लोग कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए हैं। ऐसे सभी लोग विभीषण है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेसी नेताओं ने तो इस बात को तो स्पष्ट रूप से स्वीकार कर लिया है कि कांग्रेस लंका है, जहां पहले ये विभीषण निवास करते हैं। उन्होंने जारी विज्ञप्ति में बिना किसी का नाम लिए कहा कि जब राजा का घमंड सिर चढ़कर बोलने लगा तो उसे अच्छी सलाह भी बुरी लगने लगी। राम जी से द्रोह करने में उसे आनंद आने लगा। रामजी की धर्मपत्नी हमारी माता सीता का अपहरण करने में उसे जरा भी संकोच नहीं हुआ।

उन्होंने किस्सा को आगे बढ़ाते कहा कि जब विभीषण ने राजा को उचित सलाह दी कि आप धर्म की राह पर चले, आपका कल्याण होगा। मां सीता को रामजी को लौटा दे, लेकिन राजा ने विभीषण की एक बात नहीं सुनी और उल्टे पैर मारकर दरबार से बाहर का रास्ता दिखा दिया। अंत में राजा ज्ञानी-ध्यानी होने के बावजूद अपने घमंट में चूर होने के बावजूद पैदल वनवासी, वकल वस्त्रधारी भगवान श्रीराम से परास्त हो गए। इस वास्तविकता को आगे बढ़ाते हुए कटाक्ष किया है कि विभीषण का मान लंका में तो नहीं बढ़ा, लेकिन धर्म का साथ देने पर उनकी ख्याति पूरे जगत में फैली।

उन्होंने एक और कटाक्ष करते लिखा है कि राजा स्वंय के गिरेबान में झांकने को तैयार नहीं होता है और दूसरों को विभीषण की संज्ञा देकर अपने आप को धर्म का साथ देने वाला रामभक्त बताता। इसी वजह से कांग्रेस से भाजपा में जो विभीषण गए हैं, उन्हें इस बात का गर्व है कि वे रामकाज, नारी सम्मान, धर्म की रक्षा के लिए उस संगठन के हो गए जो प्रभू श्रीराम, देशवासियों के लिए समर्पित बिना भेदभाव, सबका साथ, सबका विकास के मूलमंत्र से सेवा का कार्य कर रहे हैं।

भाटिया के बयान में छिपी कई बातें

वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहे रमेश भाटिया ने कुछ वर्ष पहले पार्टी को अलविदा कह दिया था। उन्होंने पूर्व विधायक निलय डागा पर भी अप्रत्यक्ष रूप से कई आरोप लगाए थे। चुनावी बेला में जब पूर्व विधायक द्वारा कांगे्रस छोड़ने वालों को विभीषण कहा जा रहा है। ऐसे में तमतमाएं भाटिया ने इतिहास से निकालकर सीधे तौर पर पूर्व विधायक पर ही निशान साधकर भाजपा में शामिल हुए नेताओं को विभीषण कहने पर अपनी बात कही है। इसके कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। भाटिया के बयान के बाद संभावना दिखाई दे रही है कि यह बयानबाजी आगे और बढ़ सकती है।

इनका कहना….
आप कौन रमेश भाटिया की बात कर रहे हैं, मैं किसी रमेश भाटिया को नहीं जानता।
निलय डागा, पूर्व विधायक बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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