Betul Congress News: कमलनाथ की रामू को हाईवोल्टेज तवज्जो, आदिवासी स्वाभिमान यात्रा के समापन पर झाबुआ में खुले मंच से की तारीफ, जिले की कांग्रेस राजनीति में मिल रहे नए संकेत
Betul Congress News: Kamal Nath's high voltage attention to Ramu, praise from open stage in Jhabua at the end of Adivasi Swabhiman Yatra, new signs are being found in Congress politics of the district

Betul Congress News: (बैतूल)। कांग्रेस की राजनीति में धूमकेतु की तरह उभर कर आए आदिवासी नेता रामू टेकाम एक बार फिर सूर्खियों में है। पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के बेहद करीबी टेकाम के नेतृत्व में सीधी से झाबुआ तक निकाली गई स्वाभिमान यात्रा का कल जब झाबुआ में समापन हुआ तो पूरी सभा में वे ही छाए रहे। दरअसल बड़ी संख्या में कांग्रेसियों और जनसमुदाए के बीच जिले के इस आदिवासी नेता की पूर्व मुख्यमंत्री से मंच से ऐसी तारीफों के पुल बांधे कि सभी को सोचने पर मजबूर होना पड़ गया। कांग्रेस की राजनीति में कमलनाथ की यह बात कहीं न कही रामू का कद और अधिक बढऩे से इंकार नहीं किया जा सकता है।
आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम वैसे तो किसी पहचान को मोहताज नहीं है। भैंसदेही ब्लॉक के सांवलमेंढा क्षेत्र से आने वाले इस आदिवासी नेता ने लोकसभा चुनाव लडक़र बता दिया था कि उनकी राजनीति लंबे समय तक जाएंगी। बहुत कम नेता ऐसे होते हैं जो कम समय में शीर्ष नेताओं की नजरों में आते हैं। इनमें से एक रामू टेकाम भी ऐसे हैं, जिन्होंने आदिवासी वर्ग का होने के बावजूद अपनी सक्रियता के बलबुत्ते भोपाल तक की राजनीति में अलग स्थान बना लिया है। इसकी समय-समय पर बानगी भी देखने को मिली है।
कमलनाथ ने मंच से बांधे तारीफों के पुल
आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में आदिवासी स्वाभिमान यात्रा निकाली गई थी। इसका समापन मंगलवार को झाबुआ में संपन्न हुआ। अंतिम दिन सभा में खुद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पहुंचे, उन्होंने इस दौरान आदिवासियों को रिझाने के लिए सरकार बनते कई घोषणाएं भी की। इसके बाद उन्होंने आदिवासियों को उपकृत करने के कई किस्से भी सुनाए। उन्होंने बैतूल जिले के रामू टेकाम के बारे में कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र के पड़ोसी जिले से आने वाले रामू को मैं जानता तक नहीं था। एक कार्यक्रम में इसे देखा और सक्रिय दिख रहे इस युवक से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि इसके बाद वे रामू टेकाम के गांव भी गए। यहां देखा कि उसके पिता मजदूरी करते हैं। चूंकि उसमें अच्छी राजनीतिज्ञ के गुण होने के कारण भोपाल बुलवाया और निर्णय लिया कि लोकसभा चुनाव लड़वाएंगे। कम उम्र में रामू टेकाम ने लोकसभा का चुनाव भी लड़ा। कमलनाथ ने कहा कि रामू टेकाम की जब शादी हुई तो वे बैतूल जाकर आशीर्वाद भी देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज से कोई युवक आगे बढ़ता है तो कांग्रेस उन्हें मौका देने से नहीं चुकती है।
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हाईवोल्टेज तवज्जों से निकल रहे कई मायने
रामू टेकाम को जिस तरह से कमलनाथ ने झाबुआ में हाईवोल्टेज तवज्जों दिए। इसके राजनैतिक क्षेत्र में कई मायने निकाले जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि आदिवासी कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पहले ही उनका कद बढ़ा दिया गया। गत लोकसभा चुनाव में टिकट से नवाजे जा चुके रामू को 15 माह की सरकार के दौरान अंतिम समय में मप्र संघ लोक सेवा आयोग का सदस्य भी बनाया गया्र, लेकिन कांग्रेस सरकार गिरने के कारण वे पदभार नहीं ग्रहण कर सके। सूत्र बताते हैं कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई तो उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। एक सूत्र तो उन्हें आने वाले लोकसभा में फिर से कांग्रेस उम्मीदवार बनाने के संकेत भी दे रहे हैं।
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18 जिलों में यात्रा ने दिखाई ताकत
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश पर रामू टेकाम द्वारा निकाली गई आदिवासी स्वाभिमान यात्रा प्रदेश के 18 जिलों से होकर गुजरी। इस यात्रा में प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया पूरे समय मौजूद रहे। सीधी जिले से यात्रा की शुरुआत हुई थी। 18 जिलों की लगभग सौ विधानसभा सीटों से होकर गुजरी आदिवासी स्वाभिमान यात्रा का हर जगह जोशीला स्वागत हुआ। यात्रा कही न कही आदिवासी वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी कर सकती है। यही वजह है कि कांग्रेस की यह स्वाभिमान यात्रा को काफी सफल बताया जा रहा है। रामू ने इस यात्रा के बहाने कमलनाथ का फिर दिल जीत लिया है।




