Betul Hospital News: बंद पड़ा है अस्पताल का सोलर सिस्टम
Betul Hospital News: Hospital's solar system is closed

नए अस्पताल के सिस्टम का काम अधूरा
Betul Hospital News: इमरजेंसी बिजली सप्लाई के लिए जिला चिकित्सालय में सोलर सिस्टम लगाया है, लेकिन यह सिस्टम कई दिनों से बंद पड़ा है। सिस्टम के बंद होने से पूरे अस्पताल में इमरजेंसी बिजली की सप्लाई नहीं हो पाती। जनरेटर के माध्यम से कुछ वार्डो में बिजली सप्लाई की जाती है। नए अस्पताल में सोलर सिस्टम लगना शुरू हुआ, लेकिन बीच में काम रूक गया है। सोलर सिस्टम के माध्यम से अस्पताल के वार्डो में इमरजेंसी बिजली की सप्लाई की जाती है, ताकि वार्डो में अंधेरा ना छाया रहे, लेकिन सोलर सिस्टम ही खराब पड़ा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने ऊर्जा विकास निगम के माध्यम से जिला अस्पताल की छत पर लाखों की लागत से सोलर सिस्टम लगाया गया। यह सिस्टम पुराने अस्पताल में ही लगाया गया था, नया भवन बनने के बाद इसे नए अस्पताल के छत पर लगाया गया, लेकिन सिस्टम खराब हो गया। दोबारा उसे सुधारा नहीं गया। बताया जा रहा है कि यह पुराना बैटरी वाल सोलर सिस्टम लगा हुआ था। अभी नई टेक्नॉलॉजी वाले सोलर सिस्टम आ रहे है।
अभी मुख्य अस्पताल भवन की छत पर लगाया गया सोलर सिस्टम काम नहीं कर रहे है। जब भी बिजली सप्लाई बाधित होती जनरेटर का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। जब सोलर सिस्टम शुरू था, उस समय इस सिस्टम के माध्यम से अस्पताल के कई वार्डो में इमरजेंसी बिजली सप्लाई होती थी, लेकिन अब सिस्टम कई महीनों से बंद पड़ा है।
जनरेटर का ले रहे सहारा
जिला चिकित्सालय में इमरजेंसी बिजली सप्लाई के लिए अब जनरेटर का सहारा ले रहे है। हालांकि जनरेटर से अधिक खर्चा वहन करना पड़ रहा है। सोलर सिस्टम से आसानी से वार्डो में बिजली सप्लाई हो जाती थी। अब इमरजेंसी बिजली सप्लाई के लिए जनरेटर शुरू करना पड़ता है।
बताया जा रहा है कि जनरेटर में अत्यधिक डीजल लगता है। जिससे अस्पताल प्रबंधन पर अतिरिक्त खर्चे का बोझ आता है। छोटे जनरेटर होने के कारण पूरे अस्पताल में इमरजेंसी बिजली सप्लाई भी नहीं हो पाती है। हालांकि जानकारों का कहना है कि सोलर सिस्टम केवल लाईट के लिए है। इस पर मशीनें नहीं चल सकती। मशीनों के लिए जनरेटर का ही सहारा लेना पड़ता है।
नए अस्पताल में सोलर सिस्टम का काम अधूरा
जिला चिकित्सालय के सामने करोड़ों की लागत से नया अस्पताल भवन बनाया है, इसमें महिला, शिशु चिकित्सा ईकाई संचालित होगी। इस भवन के छत पर भी सोलर सिस्टम लगाने का काम किया जा रहा है, लेकिन सोलर सिस्टम लगाने वाले कर्मचारी बीच में ही काम छोड़कर चले गए। काफी दिनो से सोलर सिस्टम लगाने का काम अधूरा पड़ा है। बताया जा रहा है कि इस अस्पताल में इमरजेंसी बिजली सप्लाई के लिए अधिक किलोवॉट वाले सोलर सिस्टम की जरूरत पड़ेगी।
अभी कितने वॉट का सोलर सिस्टम लग रहा है, इसकी जानकारी सामने नहंीं आई है। सिस्टम पूरा लगने के बाद ही पता चलेगा। सोलर सिस्टम लगाने का काम तो शुरू कर दिया, लेकिन कुछ महीनों से यह अधूरा पड़ा है। सोलर सिस्टम के संबंध में अधिक जानकारी के लिए सिविल सर्जन डॉ अशोक बारंगा से संपर्क किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।





