Betul  Samachar : थाने में रोस्टर से अवकाश मिलना शुरू, पुलिसकर्मियों की बल्ले-बल्ले

Betul Samachar : Roster starts getting leave in the police station, policemen bat

  • प्रत्येक थाने से दो कर्मचारियों को मिलेगा विकली ऑफ, परिजनों के चेहरे पर भी दिखी खुशी

Betul  Samachar : (बैतूल)। दिन हो या रात, कड़ाके की सर्दी हो या फिर जिस्म झुलसाने वाली गर्मी, यहां तक कि मूसलाधार बारिश में भी पुलिसकर्मी अपने परिवार की चिंता को छोडक़र आम जन की सुरक्षा में लगा रहता है। धरना- प्रदर्शन हो या फिर जुलूस रैली, किसी नेता के आगमन पर भी पुलिसकर्मी पूरी मुस्तैदी से अपने फर्ज की अंजाम देता है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि पुलिस विभाग का प्रत्येक कर्मचारी 24 घंटे की ड्यूटी निभाता है, अब ऐसा नहीं है, शासन के आदेश पर अब पुलिसकर्मियों को भी सप्ताह में एक दिन विकली ऑफ दिए जाने का प्रावधान कर दिया गया है। सोमवार से बैतूल पुलिस ने इस आदेश पर अमल भी शुरू कर दिया, जिसके बाद कर्मचारियों में हर्ष व्याप्त है।

एएसपी नीरज सोनी ने बताया कि शासन के निर्देश का पालन सोमवार से शुरू कर दिया गया है। इसके लिए बाकायदा एक रोस्टर बनाया गया है। इसमें यह तय किया गया है कि किसी दिन किन पदों के कौन-कौन से कर्मचारी अवकाश पर रह सकते हैं। रोस्टर में कर्मचारियों के अलावा पुलिस अधिकारियों को भी यह सुविधा प्रदान की गई है, जिसमें सोमवार से लेकर रविवार तक के पूरे सात दिन शामिल किए गए हैं। पदों के हिसाब से सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को दिनों के हिसाब से अवकाश प्रदान किए जाएंगे। इसकी शुरुआत भी की जा चुकी है। श्री सोनी ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों में इस बात को लेकर काफी खुशी है कि अब उन्हें भी सप्ताह में एक दिन आराम के साथ साथ अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका भी मिल सकेगा।

सप्ताह के सातों दिन लागू रहेगी सुविधा

पुलिस विभाग का प्रत्येक कर्मचारी इस सुविधा का लाभ ले रहा है। जानकारी के मुताबिक केवल रिजर्व लाइन में पदस्थ पुलिस कर्मियों को अभी इस रोषटर मे शामिल नहीं किया गया है। नियम के मुताबिक प्रत्येक थानों के दो कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन का अवकाश दिया जा रहा है। इस तरह से पूरे सप्ताह भर में थाने में पदस्थ सभी अधिकारी और कर्मचारी अवकाश की सुविधा से लाभान्वित होंगे।

जिले में कुल 18 थाने वर्तमान में संचालित हैं। और लगभग 6 चौकियां। इनमें पदस्थ कर्मचारियों को अवकाश प्रदान करने के लिए संबंधित थाने के हेड मुहर्रिर की ड्यूटी लगाई गई है जो थाने में पदस्थ केवल 2 कर्मचारियों को सप्ताह के अलग अलग दिनों में अवकाश प्रदान किए जाने की व्यवस्था करेगा। इस तरह से देखा जाए तो 18 थानों के हिसाब से प्रतिदिन जिले में 36 पुलिस कर्मियों को अवकाश मिल रहा है।

2019 में भी बनाई गई थी व्यवस्था

पुलिस विभाग को प्रदान की गई इस व्यवस्था का कितना असर होता है। क्या वाकई में पुलिस कर्मियों को इस सुविधा का शत प्रतिशत लाभ मिलेगा, इसको लेकर कर्मचारियों में भी भृम की स्तिथि देखी जा रही है। कुछ पुलिसकर्मियों ने बताया कि, वर्ष 2019 में भी पुलिस कर्मियों को सप्ताह में एक दिन अवकाश दिए जाने की सुविधा दी गयी थी, लेकिन समय के साथ यह सुविधा ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाई, क्योंकि पुलिस विभाग में बल की कमी इसकी सबसे बड़ी वजह है। किसी भी वीआईपी मूवमेंट, धरना, प्रदर्शन, रैलियों आदि में ड्यूटी लगाए जाने की वजह से अवकाश का कोई मतलब नहीं निकल पाता।

पुलिस कर्मियों को अतिरिक्त समय ड्यूटी करना ही पड़ता है, क्योंकि व्यवस्था के हिसाब से विभाग में बल की काफी कमी है। दूसरी वजह ये है कि, मान लिया जाए कि, किसी कर्मचारी को अगले दिन अवकाश दिया जाना है, और यदि उसी दिन किसी मूवमेंट पर ड्यूटी लगा दी जाती है तो भी अवकाश का कोई मतलब नहीं रह जाता। जो भी है अभी तो सप्ताह में एक दिन का आराम मिल रहा है, लेकिन व्यवस्था सुचारू रूप से चलाए जाने के लिए बल की कमी का पूर्ण होना आवश्यक है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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