Betul Ki Khabar : इंटरनेशिया मार्केटिंग में ठगी के कई मामले सामने आए
Betul Ki Khabar: Many cases of fraud came to light in international marketing.

दो महिलाओं ने भी कलेक्टर से फर्जीवाड़े की शिकायत कर राशि दिलाने का किया अनुरोध…
Betul Ki Khabar :(बैतूल)। कुकुरमुत्ते की तरह शहर में उग आई मार्केटिंग कंपनियों ने सब्जबाग दिखाकर नौकरी के नाम बेरोजगारों को जमकर ठगा है। डर के मारे लोग अपनी आवाज नहीं उठा पा रहे हैं, लेकिन कल सांझवीर टाईम्स ने ठगी का शिकार हुए एक युवक का मामला उठाया तो कई अन्य शिकायतकर्ता भी सामने आ रहे हैं। सदर में इंटरनेशिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दर्जनों लोगों को नौकरी दिलाने के नाम लाखों रुपए की राशि ठग ली गई है। कंपनी के इस फर्जीवाड़े को लेकर लोगों की लगातार शिकायतें आ रही है। शुक्रवार को भी दो महिलाओं ने कलेक्टर को शिकायत कर धोखाधड़ी की राशि वापस दिलाए जाने का आग्रह किया है। इंदिरा वार्ड टिकारी निवासी वैशाली मोखड़े ने कलेक्टर को की शिकायत में बताया कि विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने कंपनी में बात की तो यहां से सिंधु दवंडे और मुस्कान दवंडे नामक युवतियों को उनके पास भेजा गया।
आनलाइन काम का हवाला देकर घर बैठे पैसे कमाने की बात बताई गई। इसके लिए ट्रेनिंग और रजिस्ट्रेशन शुल्क 500 रुपए देने की बात कही गई। इसके अलावा बहुत से सपने दिखाए गए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि जितनी अधिक राशि से कंपनी ज्वाइन करेंगे उतना अधिक फायदा होगा। शिकायतकर्ता ने बताया कि बहकावे में आकर उन्होंने 40 हजार 500 की राशि आनलाइन जमा कर दी। फिर बताया गया कि ट्रेनिंग के दौरान काम के बारे में जानकारी दी जाएगी। जब मुनाफे की बात की तो कंपनी के कर्ताधर्ताओं ने चुप करा दिया गया। कंपनी ज्वाइन कराने के बाद पता चला कि यहां पर चेन सिस्टम से काम किया जा रहा है और फोन करके दूसरे लोगों को आफिस तक लाने को कहा गया। नहीं लाने पर प्रताड़ित किया गया। इसके बाद पता चला कि घरेलू महिलाओं को नौकरी के नाम झांसा देकर धोखाधड़ी की गई। उन्होंने कलेक्टर से कंपनी पर कार्रवाई का अनुरोध किया है।
कागजों पर कराए झूठे हस्ताक्षर
एक अन्य शिकायतकर्ता पूजा ने कलेक्टर को की शिकायत में बताया कि इंटरनेशिया मार्केटिंग कंपनी के वीरेंद्र दवंडे द्वारा नौकरी के लिए पद खाली होने की बात कही थी। उसे बताया गया कि कंपनी ज्वाइन करने पर अच्छी कमाई होगी। ज्वाइन करने के बाद दो मर्तबा 9 हजार और 5 हजार 500 की राशि उधार लेकर जमा की। सोचा था कि पहले माह की पगार मिलने पर उधारी लौटा दूंगी, लेकिन कंपनी ज्वाइन करने के बाद हमारी ही गलती निकाली गई और कहा गया कि और पैसे लगेंगे तभी काम बढ़ेंगे। धोखे में रखकर कागजों पर झूठे हस्ताक्षर भी करवा लिए गए। शिकायतकर्ता पूजा ने कलेक्टर से फर्जीवाड़े में जांच का अनुरोध किया है।





