Betul Samachar: शराब दुकानों की नीलामी में बढ़ी हलचल

प्रमुख 5 समूहों के लिए आए 5 टेंडर, आठनेर और बोरदेही इटावा ग्रुप फाइनल
Betul Samachar: बैतूल। आबकारी विभाग द्वारा नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले की 61 शराब दुकानों को 15 समूहों में बांटकर ई-टेंडर और ई-टेंडर कम ऑक्शन प्रक्रिया के तहत नीलामी की जा रही है। अब तक की प्रक्रिया में प्रताप वार्ड, राय आमला, बोरदेही और आठनेर समूह की दुकानों का निपटारा हो चुका है, जबकि शेष समूहों के लिए प्रक्रिया जारी है।
आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को आठनेर और बोरदेही-इटावा समूह के लिए टेंडर खोले गए। इसमें आठनेर ग्रुप 23 करोड़ 97 लाख रुपये में सनरन ग्रुप के नाम फाइनल हुआ, जबकि बोरदेही-इटावा ग्रुप 10 करोड़ 32 लाख रुपये में सुनीता शिवहरे ग्रुप को मिला है।
बताया जा रहा है कि दोनों ही ठेके रंजीत शिवहरे ग्रुप से जुड़े हुए हैं। जिला आबकारी अधिकारी अंशुमान सिंह चढ़ार ने बताया कि शुक्रवार को पंखा, दुनावा, सावलमेंढा, चिचोली और बैतूल गंज समूहों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। इन प्रमुख पांच समूहों के लिए अब तक पांच टेंडर प्राप्त हुए हैं, जिन्हें शनिवार को खोला जाएगा। टेंडर खुलने के बाद इन समूहों की दुकानों का भी अंतिम निपटारा होने की संभावना है।
अवैध शराब से ठेकेदारों की घटती दिलचस्पी
सूत्रों के अनुसार जिले के कुछ क्षेत्रों में शराब दुकानों के लिए ठेकेदार ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। विशेषकर सारणी, बगडोना और शाहपुर क्षेत्र के समूहों में ठेकेदारों की दिलचस्पी कम बताई जा रही है। इसकी बड़ी वजह इन इलाकों में बाहर से अवैध शराब लाकर बेचे जाने की गतिविधियों को माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि अवैध शराब की वजह से लाइसेंसी दुकानों की बिक्री प्रभावित होती है, जिससे ठेकेदारों को सीधे आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि इन क्षेत्रों के कुछ समूहों की दुकानों का निपटारा अभी तक नहीं हो सका है।
7 मार्च के बाद बचे समूहों का निपटारा
जिला आबकारी अधिकारी अंशुमान सिंह चढ़ार ने बताया कि जिन समूहों के लिए अभी तक टेंडर प्राप्त नहीं हुए हैं या प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, उनके लिए 7 मार्च के बाद पुन: टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि नए वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले सभी समूहों की दुकानों का निपटारा कर लिया जाए, ताकि शराब दुकानों का संचालन समय पर शुरू हो सके। फिलहाल नीलामी प्रक्रिया में धीरे-धीरे तेजी आ रही है और आने वाले दिनों में बाकी समूहों की स्थिति भी स्पष्ट होने की संभावना है।




