Bike Care Tips: जब करवानी हो बाईक की सर्विसिंग तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान…
Bike Care Tips: When you have to get your bike serviced, keep these things in mind...

Bike Care Tips : शहर भले ही अब भी उतने ही बड़े हैं लेकिन समय की रफ्तार ने हर दूरी को बढ़ा डाला है। ऐसा लगता है जैसे कि हर एक व्यक्ति जल्दी में कहीं जाना चाहता है। हालाँकि यह व्यस्तता विकास की भी निशानी है। इसलिए मनुष्य ने कम समय में जल्दी काम करवाने के लिए आविष्कार किया संसाधनों का, मशीनों का।(Bike Care Tips)जिन लोगों के पास बाइक है उन्हें इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि अगर आप बाइक को हर रोज चलाते हैं तो इसका रख-रखाव भी उसी हिसाब से करवाना चाहिए। कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि सही समय पर बाइक की सर्विसिंग करवाने के बावजूद भी जब अगली बार आप सर्विसिंग करवाते हैं तो इसमें कई पार्ट्स बदलने पड़ जाते हैं जिसमें काफी खर्च आता है।
ऐसा क्यों होता है और इसके पीछे क्या वजह है यह जाने बगैर आप हर बार इतने पैसे खर्च करते रहते हैं लेकिन, ऐसा होने के पीछे एक कारण यह है कि आप बाइक के कुछ जरूरी पार्ट्स कर रख-रखाव सही तरह से नहीं करते हैं। ऐसे में अन्य पार्ट्स भी खराब होने लगते हैं। आज हम आपको इस खबर में बाइक के उन पार्ट्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें समय से बदलवा देना चाहिए और इनका रख रखाव भी अच्छे से करना चाहिए।(Bike Care Tips)
जरूरी पार्ट्स का सही रख-रखाव(Bike Care Tips)

- एयर फिल्टर: एयर फिल्टर को समय पर बदलें (हर 2000 किमी).
- फ्यूल फिल्टर: फ्यूल फिल्टर को समय पर बदलें (हर 10,000-15,000 किमी).
- क्लच प्लेट्स: क्लच प्लेट्स को समय पर बदलें (हर 20,000-25,000 किमी).
- इंजन ऑयल: समय पर इंजन ऑयल बदलें (हर 3000-5000 किमी).
- एयर फिल्टर: नियमित रूप से एयर फिल्टर साफ करें (हर 2000 किमी).
- चेन और स्प्रोकेट: चेन को लुब्रिकेट करें और स्प्रोकेट को समय पर बदलें (हर 10,000-15,000 किमी).
- ब्रेक पैड: ब्रेक पैड की स्थिति नियमित रूप से जांचें और बदलें (हर 10,000-15,000 किमी)।
- टायर: टायरों में हवा का दबाव नियमित रूप से जांचें और टायरों को समय पर बदलें (हर 15,000-20,000 किमी).
- बैटरी: बैटरी टर्मिनलों को साफ रखें और बैटरी को समय पर बदलें (हर 2-3 साल).
- स्पार्क प्लग: स्पार्क प्लग को समय पर बदलें (हर 10,000-15,000 किमी).
इन बातों को रखें ध्यान में(Bike Care Tips)

गाड़ी खरीदते समय मैन्युअल या सर्विस कार्ड मिलता है ज्यादातर बातें तो इसी से समझी जा सकती हैं। इसके अलावा गाड़ी खरीदते समय भी सर्विसिंग के बारे में विस्तार से बताया जाता है। इन बातों को एक पेपर में नोट कर लें और कार्ड को हमेशा संभाल कर रखें। इसके अतिरिक्त जिन बातों का ध्यान सर्विसिंग के दौरान रखना चाहिए वे इस प्रकार हैं-
नई गाड़ी खरीदने के बाद की शुरूआती सर्विसिंग फ्री होती हैं और इनके लिए आपके सर्विस कार्ड में बकायदा कूपन दिए होते हैं। ये सर्विसिंग गाड़ी के कुछ किलोमीटर चलने या कुछ माह की अवधि बीतने के बाद करवाने का विकल्प होता है। कई कंपनियां एक से ज्यादा सर्विसिंग भी फ्री देती हैं लेकिन फ्री सर्विसिंग में अधिकांशतः गाड़ी की धुलाई, ऑइल चेंज व चैकअप ही शामिल होता है। यदि इससे ज्यादा कुछ करवाना होता है तो उसके लिए अलग अलग नियम व सुविधाएँ हो सकती हैं। इसलिए इस बारे में गाड़ी खरीदते समय ही पूरी जानकरी लेकर रखें।




