Politics: राजनीतिक हलचल: दावेदारी के बहाने सूटकेश लेकर कौन पहुंचा दिल्ली?? वापसी में सूटकेश का वजन कम क्यों हुआ??कौनसे नेताजी को साधने से करोड़ों के घोटाले पर पर्दा डालने का प्रयास??? माननीय के ड्राइवर की किस कलाकारी पर सब है हैरान???? कौनसे अध्यक्ष ने लंगोटिया यार को जीत दिलाकर 100 में से 100 लेकर की परीक्षा उत्तीर्ण????? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में……

Politics: Political stir: Who reached Delhi with a suitcase on the pretext of making a claim?? Why did the weight of the suitcase reduce on the return??

दावेदारी के बहाने सूटकेस लेकर दिल्ली घूम आए

विपक्षी पार्टी में जिला अध्यक्ष को लेकर जमकर घमासान मचा हुआ है। पर्यवेक्षक के आने के पहले अधिकांश दावेदार चूहे की बिल की तरह दुबके हुए थे, लेकिन उनके आते ही धूमकेतू की तरह अचानक सक्रिय हो गए। पर्यवेक्षक की रवानगी के बाद अब जिला अध्यक्षों की घोषणा होना है, इसके पहले एक बड़े दावेदार दिल्ली भी घूम आए। उनके साथ गए बहुसंख्यक समाज के प_े ने लौटकर अपने ही कुछ साथियों को बताया कि जब गए थे तो सूटकेस उठाकर चलना था, उस समय उसक वजन काफी भारी दिखाई दे रहा था। वापस लौटने पर काफी हल्का हो गया। अब राजधानी से लौटकर आने के बाद उसके यह बयान का प्रसारण वहीं कर रहे हैं जो दावेदार को अलग-अलग दाने डालकर लड़वा रहे हैं। इसमें वे परंपरागत माहिर भी माने जाते हैं। बताते चले कि जो दावेदारी दिल्ली गए थे, वे एक बार चुनाव में किस्मत भी अजमा चुके हैं।

नेताजी को साधकर घोटाले पर पर्दा डाला

चिचोली क्षेत्र के सत्तारूढ़ पार्टी के अपने आप को स्वंयभूू नेता बताने वाले का अधिकारियों से प्रेम जग जाहिर है। इसके पीछे क्या राज है, उनके ही पार्टी के शीर्ष नेता आज तक समझ नहीं पाए हैं। अधिकारियों को साधकर जेबे भरना और अपने काम कराने के टिप्स भी पार्टी के नेता तथाकथित नेता से सीखते आए हैं। अभी उनके ही क्षेत्र में एक चर्चित घोटाले में अधिकारियों के साथ उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। नेताजी के पार्टी के ही माननीयों को खुद घोटाले की जांच करने के लिए मुखिया से मिलना पड़ा। इधर यह तथाकथित नेता अधिकारियों को आश्वासन देते फिर रहे हैं कि जब तक वे है, तब तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ेगी।

चर्चा है कि घोटाले की जांच के लिए जिसे मुखिया बनाया, वह भी इन नेताजी के साथ लगतार बैठक कर रहे हैं। चर्चा यह भी है कि जिला मुख्यालय आने पर एक चर्चित रेस्टारेंट में इनकी बैठकों का दौर और आगे की रणनीति पर मामला रफादफा करने की चर्चा चल रही है। नेता जी मुंह के बवाल बताए जाते हैं और अधिकारियों को कहते फिर रहे हैं कि मीडिया भी उनकी जेब में है, खुद के अलावा अधिकारियों को भी पेटियों की चर्चा करते सुना गया है। यह नेताजी भारी भरकम चश्मा लगाने के लिए जाने जाते हैं।

माननीय का ड्राइवर भी निकला बड़ा कलाकार

तबादलों के दौर में एक माननीय का ड्राइवर मंझा हुआ कलाकार निकल गया। राजनैतिक चर्चाओं के मुताबिक ड्राइवर में बचपन में मासब को पीटे जाने का जमकर बदला निकाला। पूर्व में जिले के अंदर तबादला करा लिया गया था। पोल खुल गई तो ड्राइवर ने माननीय के साथ रहने के दौरान राजनीति के गुर सीखे और एक ग्रामीण मंडल अध्यक्ष के पास गांव वालों को भेजकर उस मासब का तबादला अन्य माननीय से जिले के बाहर करवा दिया। माननीय के इस ड्राइवर के तुरूप के इक्के की चाल से हर कोई भौचक्का रह गया है।

पहली परीक्षा में उत्तीर्ण हो गए अध्यक्ष

एक पार्टी के जिला अध्यक्ष पहली परीक्षा में 100 में से 100 अंक लेकर उत्तीर्ण हो गए। उन्हें अध्यक्ष बने हुए चंद माह का ही समय बीता है। उन्होंने परिपक्व होने का परिचय देते हुए हाल ही में एक संघ के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में अपने ही गृह नगर और लंगोटिया यार को चुनाव में जीत दिलाने के लिए पिछले एक पखवाड़े में नैया पार लगा दी। चुनाव तो संघ का था, लेकिन इससे पार्टी से जोड़कर भी देखा गया। हालांकि उनकी मेहनत और पार्टी के लोगों ने भी इस दौरान खूब साथ दिया। नतीजा यह हुआ कि पहली परीक्षा में अध्यक्ष की प्रतिष्ठा दाव पर होने पर सभी की नजर टिकी थी और वे परिणाम आने के बाद अपने लंगोटिया यार को जीत दिलाकर शत प्रतिशत अंक में उत्तीर्ण हो गए। इसके लिए उन्हें अपने सहपाठी के साथ बराबरी की बधाई भी मिल रही।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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