Betul Samachar : मेंढा जलाशय के डूब में आने वाले 294 किसानों को 26 महीने बाद भी स्पेशल पैकेज का इंतजार
Betul Samachar: 294 farmers who drowned in Mendha reservoir are still waiting for special package even after 26 months.

पीड़ित किसानों ने कलेक्टर को सुनाई आप बीती, बोले साहब ग्राम सभा मे दिया था आश्वासन
Betul Samachar : (बैतूल)। किसानों को सिंचाई की सुविधाएं देने के लिए जिन किसानों की जमीन पर यह जलाशय बनाया जा रहा है। वहीं किसान मंगलवार अपनी परेशानी लेकर जिला मुख्याली पहुंच गए। किसानों का आरोप है कि हमारी जमीनें अधिग्रहित करने के पहले अफसरों ने 6 माह के भीतर जो स्पेशल पैकेज देने की घोषणा की थी उसे 26 माह बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं किया गया है। जबकि इस पैकेज से मेंढा, खापा सहित तीन गांवों के करीब 294 किसानों को लाभन्वित किए जाने का वादा किया गया था। किसानों ने सीधा आरोप लगाया है की उन्हें ग्राम सभा मे क्या झूठे आश्वासन दिए गए थे।
किसानों का आरोप है कि ग्राम मेंढा आदिवासी ग्रामीण अंचल में आता है। मेंढा डेम का लगभग 40 से 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके अंतर्गत गांव मेंढा, खापा, गाड़वा, ढोल्यामहु, बोरीकास, लालमाटी आता है। जलाशय निर्माण के पूर्व ग्राम मेंढ़ा से ग्रामसभा की बैठक ली गई थी। इसमें एसडीएम राधेश्याम बघेल, एसडीओ गुप्ता, तहसीलदार अर्जुन अतुलकर, पटवारी रविशंकर धुर्वे, सचिव अंकुशराव धोटे, सहायक सचिव गणपतराव कनाठे, सहायक सचिव लखन दवड़े, सरपंच चैतराम धाड़से, ग्राम कोटवार मिश्रीलाल शिवनकर सहित समस्त ग्रामीण उपस्थित थे।(Betul Samachar)
ग्रामसभा के माध्यम से एसडीएम राधेश्याम बघेल द्वारा ग्रामवासियों को यह आश्वासन दिया कि जितने भी गांव के क्षेत्र डूब क्षेत्र में आते हैं। उन समस्त ग्रामवासियों को 10-15 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से विशेष पैकेज मुआवजा दिया जाएग। 18 वर्ष के बालक-बालिकाओं को 5 लाख रुपए भूखंड सहित जमीन दी जाएगी। ग्राम के जितने भी देवी- देवता है, उनके मंदिर की स्थापना, स्कूल, अस्पताल, मंच, चौपाल, पानी की व्यवस्था सहित सड़कें आदि सुविधाएं दिलाने का आश्वासन दिया था। जबकि समस्त ग्रामवासी ग्राम सभा मे मेंढा डेम ना बनाए जाने का विरोध कर रहे थे, लेकिन एसडीएम के द्वारा ग्राम के लोगों को पुलिस बल की धमकी देकर जोर जबरदस्ती कर ग्राम सभा को स्थगित किया गया।(Betul Samachar)
आज मेंढा डेम का लगभग 25 से 30 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। इस क्रम विशेष पैकेज के रूप में दस लाख रुपए प्रति हेक्टेयर दिया जाना सुनिश्चित था परंतु आज तक विशेष पैकेज राशि प्रदाय नहीं कि गई है। इससे ग्रामवासियों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जलाशय निर्माण के लिए ग्रामीणों को झूठा प्रलोभन आखिर क्यों दिया गया। यदि स्पेशल पैकेज शासन की गाइड लाइन में शामिल है। तो गाइडलाइन के प्रावधानों के तहत इसका लाभ अभी तक ग्रामीणों को क्यों नहीं दिया जा सका है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की सूक्ष्मता से जांच कर उन्हें तत्काल मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग कलेक्टर से की है।(Betul Samachar)





