Betul News: अमृत योजना के नाम पर खोद डाली सड़कें, मार्ग महीनों से बाधित
Betul News: Roads dug up in the name of Amrit Yojana, road blocked for months

तेज बारिश में कीचड़ में फंसेंगे लोहिया वार्ड के लोग, वाहनों को लेकर भी ऐसे ही हालात
Betul News: बैतूल। अमृत 2.0 योजना के नाम पर शहर में पानी की पाइप लाइन बिछाने का काम तो तेज़ी से चल रहा है, लेकिन इसकी आड़ में नगर पालिका और ठेकेदारों ने लोहिया वार्ड की सड़क को मौत का फंदा बना दिया है। वार्ड में विद्युत वितरण कंपनी के पास स्थित संकरी गली में पाइप लाइन डालने के लिए सड़क को बीच से खोद डाला गया। चौड़ाई महज 10 से 12 फीट की इस सड़क को खोदकर उसे मिट्टी से पाट दिया गया, लेकिन उसे दोबारा कंक्रीट या डामर से पक्का करने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं निभाई।
अब हालात यह हैं कि सड़क पूरी तरह से उबड़-खाबड़ और कीचड़ से लथपथ हो गई है। बारिश शुरू होते ही यह गली किसी दलदल से कम नहीं लगेगी। लेकिन न नगर पालिका को इसकी चिंता है और न ही उस ठेकेदार को जिसने यह काम अधूरा छोड़ दिया। लोग रोजाना फिसलकर गिर रहे हैं, दोपहिया वाहन चालक खासे परेशान हैं और छोटे बच्चों व बुजुर्गों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
वार्डवासियों ने कई बार नगर पालिका को शिकायत की, लेकिन हर बार एक ही जवाब मिला यह ठेकेदार की जिम्मेदारी है। सवाल यह है कि क्या नगर पालिका सिर्फ कागज़ी जवाबों के लिए बनी है? क्या शहर की जनता का एकमात्र भाग्य ठेकेदारों की मनमानी पर निर्भर रह गया है?
वार्डवासियों ने बताया कि पाइप लाइन डालने के बाद सड़क की हालत पहले से भी बदतर हो गई है। मिट्टी की वजह से घरों के सामने कीचड़ फैला हुआ है। बरसात में यहां जीना दूभर हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नगर पालिका ने जल्द सड़क निर्माण नहीं करवाया, तो वार्डवासी आंदोलन करेंगे। शहर में पाइप लाइन बिछाना जरूरी है, लेकिन क्या इसके नाम पर जनता की जान जोखिम में डालना जायज़ है? क्या अमृत योजना का मतलब सिर्फ गड्ढे, कीचड़ और ठेकेदारों की मनमानी है?




