Betul News : शिक्षका द्वारा छात्रा के सिर के बाल उखाड़ने का मामला झूठा निकला
Betul News: The case of teacher plucking hair from student's head turned out to be false.

जांच में खुलासा, जिस दिन घटना हुई छात्रा स्कूल ही नहीं गई
Betul News : (बैतूल)। आमला विकासखंड के ग्राम खेड़लीबाजार में कक्षा 4 की छात्रा का वो आरोप झूठा साबित हुआ, जिसमें शिक्षिका पर मारपीट कर सिर के बाल उखाड़ दिए जाने का संगीन आरोप लगा था। विभागीय जांच के साथ-साथ जब पुलिस ने छात्रा के मेडिकल जांच की गई तो पूरा मामला झूठ साबित हुआ। इसके बाद दोषी बताई जा रही शिक्षिका को क्लीन चिट दे दी गई है।
बीमारी की वजह से झड़ गए सिर के बाल (Betul News)
दरअसल खेड़ली बाजार में कक्षा 4 की छात्रा ने अपने पिता के साथ जन सुनवाई में शिकायत की थी कि शिक्षिका ने अंग्रेजी नहीं आने पर उसके साथ जमकर मारपीट की बल्कि उसके सिर के बाल पकड़कर इतनी जोर से खींचा की बाल अपनी जगह से उखड़ गए। छात्रा के पिता ने अधिकारियों को सबूत के तौर पर बताया भी की सिर में इस जगह के बाल उखाड़े गए है।
घटना की गम्भीरता को देखते हुए डीपीसी संजीव श्रीवास्तव ने तुरंत इसकी विभागीय जांच के लिए बीएओ और बीआरसी को स्कूल रवाना कर दिया था। इधर पुलिस को अभी इसकी सूचना दी गई। पुलिस जब छात्रा को मेडिकल जांच के लिए डॉक्टरों के पास गई तो मेडिकल जांच में यह पाया गया कि बालिका के सिर में जिस जगह पर बाल नहीं हैं वे उखड़े हुए नहीं बल्कि सिर की वह बीमारी है, इससे सिर के बाल अपने आप झड़ जाते हैं।
स्कूल पहुंची नहीं छात्रा और लगा दिया आरोप (Betul News)
पूरे मामले को लेकर डीपीसी संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के तत्काल बाद जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई थी। कमेटी में बीईओ और बीआरसी को स्कूल भेजा गया था। जांच के दौरान यह पता लगा कि जिस दिन की यह घटना बताई गई है उस दिन उक्त छात्रा स्कूल ही नहीं आई थी। अन्य बच्चों से भी इस तथ्य की तस्दीक की गई। बच्चों ने यह जरूर बताया कि उक्त छात्रा को अक्सर यह कहा जाता रहा है कि वह दूसरे बच्चों की तरह साफ-सफाई और बकायदा बाल संवार कर स्कूल आया करें। मारपीट और सिर के बाल उखाड़ने जैसे कोई भी घटना स्कूल में घटित नहीं हुई है। पूरा मामला झूठा है, इसके बाद शिक्षिका को निर्दोष करार दे दिया गया। (Betul News)
इनका कहना
आरोप के बाद छात्रा की मेडिकल जांच कराई गई जिसकी रिपोर्ट के अनुसार बीमारी की वजह से सिर के बाल झड़े हैं। विभागीय जांच में भी मामला झूठा साबित हुआ है। लिहाजा शिक्षिका को क्लीन चिट दी गई है।
संजीव श्रीवास्तव, डीपीसी बैतूल




