Bhainsdehi Assembly Election : भैंसदेही से धरमू बचाएंगे कांग्रेस की लाज!
Bhainsdehi Assembly Election: Dharmu will save Congress's shame from Bhainsdehi!

विधानसभा में कड़ा मुकाबला, जयस और राहुल ने दोनों पार्टी की राह कठिन की
Bhainsdehi Assembly Election : (बैतूल)। जिले के महाराष्ट्र की सीमा से सटे भैंसदेही विधानसभा सीट पर भी सबकी नजर है। चूंकि इस सीट पर भाजपा के बागी राहुल चौहान और कांग्रेस की हितैषी जयस के जिला अध्यक्ष संदीप धुर्वे मैदान में है, इसलिए हार-जीत का फैक्टर दोनों को मिलने वाले वोटों पर निर्भर करेगा। आंकलन के मुताबिक जयस प्रत्याशी जितने अधिक वोट हासिल करेंंगे, कांग्रेस के धरमू सिंह सिरसाम को उतना नुकसान होगा। यदि भाजपा के बागी राहुल निर्णायक वोट लेते हैं तो महेंद्र सिंह चौहान की राह कठिन हो जाएगी, लेकिन सांझवीर टाईम्स के एग्जिट पोल में जो स्थिति सामने आ रही है, इसमें भैंसदेही का मुकाबला कड़ा है।
अनुमान के मुताबिक भाजपा-कांग्रेस में जीत-हार का अंतर महज 2 प्रतिशत है, इसलिए इस लिहाज से यहां कांग्रेस की मामूली 5 हजार 100 वोटों से जीत मिलते दिखाई दे रही है। यहां अंतिम समय में समीकरण बिगडऩे से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। भैसंदेही में सर्वाधिक मतदान हुआ था। कुल 2 लाख 62 हजार 926 में से 2 लाख 22 हजार 149 मतदाताओं ने वोट डाले थे। इस लिहाज से सांझवीर के एग्जिट पोल के मुताबिक भैंसदेही में विजयी उम्मीदवार को करीब 1 लाख 1 हजार और निकटतम भाजपा उम्मीदवार को 96 हजार 334 के लगभग वोट मिल सकते हैं। हार-जीत का अंतर भैंसदेही में और कम होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
पिछले चुनाव में भैंसदेही से धरमू सिंह सिरसाम को रिकार्ड 30 हजार वोटों से जीत हासिल हुई थी। इस आदिवासी क्षेत्र में उस समय कांग्रेस की कर्जमाफी योजना ऐसी परवान चढ़ी की भाजपा बुरी स्थिति में पहुंच गई। हालांकि इस मर्तबा फिर कांग्रेस ने धरमू सिंह और भाजपा ने तीन बार के विधायक रहे महेंद्र सिंह चौहान पर दांव खेला है। वैसे वर्तमान चुनाव में पिछले बार की स्थिति दिखाई नहीं दे रही है। सांंझवीर के एग्जिट पोल के अनुसार भैंसदेही में वोट फैक्टर और योजनाएं उतनी परवान नहीं चढ़ पाई है, जितनी उम्मीद थी। भाजपा को उम्मीद थी कि लाड़ली बहना योजना से भैंसदेही में उसकी नैया पार लग जाएगी, लेकिन ऐसा होते दिखाई नहीं दे रहा है। दूसरी तरफ कांग्रेस की नारी सम्मान और अन्य योजनाओं के सहारे मैदान में कूदी है। क्षेत्र में पांच साल वर्तमान विधायक उतने सक्रिय नहीं रहे, लेकिन लोगों से उनकी मेल मुलाकात और आदिवासियों का कांग्रेस फैक्टर से उन्हेंं लाभ मिलता दिखाई दे रहा है।
ऐसे हैं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति (Bhainsdehi Assembly Election)
साँझवीर टाईम्स के एग्जिट पोल में हमारी टीम ने बड़े क्षेत्र में फैले ग्रामीण अंचलों तक पहुंचने का साहस किया है। 200 से अधिक गांवों में पहुंचने के बाद जो स्थिति सामने आ रही है, उससे भैंसदेही में मुकाबला काफी रोचक होते दिखाई दे रहा है। अधिकांश ग्रामीण अंचलों में कांग्रेस बढ़त ले सकती है, लेकिन भीमपुर, भैंसदेही नगर, चिल्लौर क्षेत्र, कुकरू मार्ग पर भाजपा को अच्छी बढ़त मिलने के कारण जीत-हार का आंकड़ा सिमटकर रह जाएगा। चूंकि कांग्रेस भैंसदेही से चांदू, नवापुर से कुकरू, दामजीपुरा के आगे केरपानी से गुदगांव से आठनेर क्षेत्र से लगे हिड़ली के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में अच्छी बढ़त ले रही है। केवल पांढुर्णा और खोमई क्षेत्र के आसपास के गांवों में दोनों पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला दिखाई दे रहा है। इसी वजह भैंसदेही में चुनाव परिणाम काफी रोचक हो सकते हैं।
भैंसदेही नगर में भाजपा का दबदबा
भैंसदेही विधानसभा के एकमात्र नगरीय क्षेत्र भैंसदेही में 15 वार्ड मौजूद है। यहां गत निकाय चुनाव में 15 में से 11 वार्डों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी, लिहाजा भाजपा को यहां से निर्णायक बढ़त हासिल करना था, लेकिन यहां पर भी भाजपा के दबदबे के बीच कांग्रेस ने अच्छी सेंधमारी की है। यही वजह है कि भैंसदेही से निर्णायक बढ़त नहीं मिलने के कारण कांग्रेस को अन्य क्षेत्र की बढ़त से जीत के अवसर मिल रहे हैं।
जयस का जादू कायम, राहुल छाप छोडऩे में कामयाब नहीं
भैंसदेही में अधिकांश लोग चतुष्कोणीय और त्रिकोणीय मुकाबला मान रहे थे, लेकिन सांझवीर के एग्जिट पोल में स्थिति विपरित दिखाई दे रही है। जयस उम्मीदवार तमाम कवायदों के बावजूद यहां महज 6.4 प्रतिशत यानी 14 हजार के आसपास वोट हासिल करते दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा के बागी होकर मैदान में उतरे राहुल चौहान पांच अंकों के जादुई आंकड़े तक पहुंचते दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्हें क्षेत्र से 4.4 यानी 9 हजार 700 सौ 74 के करीब वोट मिल सकते हैं। भले ही दोनों प्रत्याशी अधिक वोट नहीं बटोर पाए, लेकिन जयस भैंसदेही में मैदान में उतरती तो कांग्रेस की जीत का आंकड़ा और बढ़ सकता था। दूसरी ओर राहुल चौहान के मैदान में आने से भाजपा को तगड़ा नुकसान हुआ और एग्जिट पोल में महेंद्र सिंह चौहान की करीबी मुकाबले में हार दिखाई दे रही है।




