Betul News : ग्रामीणों ने एनएचएआई की टीम का घेराव कर कहा- पहले हाईवे के गड्ढे भरो, फिर हटाना अतिक्रमण!
रोजाना हो रहे हादसे से ग्रामीण आक्रोशित

बैतूल। मुलताई-छिंदवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल हालत ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग को सड़क की मरम्मत से ज्यादा अतिक्रमण हटाने की चिंता सता रही है। शुक्रवार सुबह ग्राम डहुआ में जब एनएचएआई की टीम अतिक्रमण हटाने के नोटिस देने पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि पहले हाईवे के गड्ढे भरवाकर सड़क दुरुस्त कराई जाए, उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे एनएचएआई की परियोजना क्रियान्वयन इकाई छिंदवाड़ा की टीम ग्राम डहुआ पहुंची थी।
टीम राष्ट्रीय राजमार्ग (भूमि एवं यातायात) अधिनियम 2002 की धारा 26 (2) के तहत अतिक्रमण हटाने संबंधी नोटिस देने आई थी। इसमें मनोज बारंगे को एनएच-347 के चैनेज 9.800 एलएचएस पर 18 वर्गमीटर राजमार्ग भूमि से कथित कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के जवाब के लिए 9 नवंबर तक का समय निर्धारित किया गया है।
सड़क के गड्ढों से हर दिन हादसों का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि मुलताई-छिंदवाड़ा मार्ग पर लंबे समय से गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इनकी वजह से आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता और भी खतरनाक बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार शिकायतें की गईं और ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कार्रवाई में तेजी, मरम्मत में देरी पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अतिक्रमण हटाने के लिए विभाग सक्रियता दिखा सकता है तो सड़क के गड्ढे भरने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्परता क्यों नहीं दिखाई जा रही? ग्रामीणों की मांग है कि विभाग पहले हाईवे की मरम्मत कराए और दुर्घटनाओं की आशंका खत्म करे। इसके बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। फिलहाल ग्रामीणों के विरोध ने सड़क की बदहाली और विभागीय प्राथमिकताओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।




