Betul Zila Asptal : सीजर- सामान्य प्रसव की उलझन में नवजात की मौत पर बवाल

जिला चिकित्सालय में एक बार फिर डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप, कलेक्टर और थाने में भी शिकायत

Betul Zila Asptal : बैतूल। जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि प्रसव से पहले कभी सामान्य डिलीवरी तो कभी सीजर ऑपरेशन की बात कही जाती रही। आखिरकार सामान्य प्रसव के दौरान नवजात मृत पैदा हुई।

मामले में महिला के पति ने सीएम हेल्पलाईन और सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने डाक्टरों और नर्सों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की जांच की भी मांग की है। नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में कुछ देर हंगामा भी किया। इसके बाद पहले आरएमओ डॉ रानू वर्मा और फिर सिविल सर्जन डॉ जगदीश घोरे को मौके पर पहुंचकर मामले को संभालना पड़ा। हालांकि इस घटना के बाद एक बार फिर जिला अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की पोल खुल गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आमला क्षेत्र के देवठान निवासी रानी पति गौतम जौंजारे (30) को 11 अक्टूबर को प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला के पति गौतम जौंजारे के मुताबिक, भर्ती होने के बाद महिला डॉक्टर ने जांच की थी, जिसमें सामान्य प्रसव होने की बात कही गई थी। इसके बाद 12 अक्टूबर को दोबारा जांच के दौरान सीजर ऑपरेशन की आवश्यकता बताई गई। वहीं 13 अक्टूबर को डॉक्टर ने जांच के बाद सामान्य प्रसव होने की संभावना जताई। इस दौरान महिला को कुछ दवाइयां भी दी गईं।

प्रसव से पहले सबकुछ ठीक होने की कही बात

गौतम जौंजारे ने शिकायत में बताया कि 15 अक्टूबर को उनकी पत्नी की दोबारा जांच की गई। इस दौरान गर्भस्थ शिशु की हार्टबीट भी चेक की गई थी। परिजनों के अनुसार, डॉक्टर ने उस समय सबकुछ ठीक होने की बात कही और प्रसव में कुछ घंटे और लगने की जानकारी दी थी। परिवार को उम्मीद थी कि प्रसव सामान्य रूप से हो जाएगा।

रात में प्रसव पीड़ा के बाद लेबर रूम ले गए

परिजनों के मुताबिक 15 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे रानी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद उसे लेबर रूम में ले जाया गया। करीब साढ़े दस बजे डॉक्टर कविता पवार द्वारा सामान्य प्रसव कराया गया। हालांकि, प्रसव के बाद नवजात बच्ची मृत पाई गई। इस घटना से परिवार में दुख का माहौल छा गया। परिजनों ने प्रसव से पहले की गई जांच, डॉक्टरों की सलाह और प्रसव के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।

जांच कर कार्रवाई की मांग

नवजात की मौत के बाद महिला के पति गौतम जौंजारे ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों द्वारा कभी सामान्य प्रसव तो कभी सीजर ऑपरेशन की बात कहे जाने से परिवार असमंजस में रहा। उनका आरोप है कि समय पर उचित निर्णय नहीं लिए जाने के कारण यह दुखद स्थिति बनी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, नवजात की मौत के वास्तविक कारणों और उपचार में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल परिजनों की शिकायत के आधार पर अस्पताल प्रबंधन का पक्ष और मामले में की गई कार्रवाई सामने आना बाकी है।

इनका कहना….
महिला को जब भर्ती किया था उस समय सीजर ऑपरेशन की बात बताई थी, लेकिन महिला और परिजनों ने सीजर ऑपरेशन करने से मना कर दिया था। बच्चे की मौत मामले में परिजनों की शिकायत मिली है। इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि लापरवाही हुई या नहीं। अगर लापरवाही हुई है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
डॉ जगदीश घोरे, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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