Betul Samachar: जर्जर सड़क पर टोल की वसूली से भड़के ट्रांसपोर्टर, कोथलकुंड टोल नाका घेरा

70 किमी सड़क बदहाल, बैतूल के एमपी-48 वाहनों की छूट वापस लेने पर जताया विरोध
Betul Samachar: बैतूल। बैतूल से परतवाड़ा तक जर्जर हो चुकी सड़क पर टोल वसूली को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। वर्षों से सड़क निर्माण और निर्माण होने तक टोल वसूली बंद करने की मांग कर रहे ट्रांसपोर्टरों ने कोथलकुंड टोल नाके का घेराव कर विरोध जताया। बैतूल जिले के एमपी-48 सीरीज के वाहनों को कुछ दिनों तक दी गई टोल छूट वापस लिए जाने से ट्रांसपोर्टरों में खासा आक्रोश है।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कुछ ही दिनों पूर्व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सड़क की हालत और टोल वसूली का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद बैतूल जिले के एमपी-48 सीरीज के वाहनों से टोल वसूली नहीं करने का निर्णय लिया गया था। कुछ दिनों तक वाहन चालकों को इसका लाभ भी मिला, लेकिन अब अचानक दोबारा टोल वसूली शुरू कर दी गई है। इसी के विरोध में ट्रांसपोर्टर टोल नाके पर पहुंच गए।
’70 किलोमीटर सड़क जर्जर, जान जोखिम में डालकर चला रहे वाहन
ट्रांसपोर्टर मनोज जोशी ने कहा कि बैतूल से परतवाड़ा मार्ग का करीब 70 किलोमीटर हिस्सा बेहद खराब हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और जर्जर स्थिति के कारण वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। उनका कहना है कि जब सड़क की मूलभूत सुविधा ही ठीक नहीं है तो वाहन चालकों से टोल की वसूली किस आधार पर की जा रही है। उन्होंने इसे जबरन वसूली बताते हुए कहा कि मौजूदा हालात में टोल वसूली वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसी है।
पहले सड़क बनाएं, फिर वसूलें टोल
ट्रांसपोर्टरों की स्पष्ट मांग है कि पहले सड़क का निर्माण और सुधार कराया जाए। इसके बाद ही टोल वसूली को न्यायसंगत माना जा सकता है। उनका कहना है कि जब तक सड़क का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक टोल वसूली पूरी तरह बंद रखी जाए।
एनएच घोषित, फिर भी एमपीआरडीसी के पास सड़क
गौरतलब है कि बैतूल-परतवाड़ा मार्ग का संचालन फिलहाल एमपीआरडीसी द्वारा किया जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जा चुका है, लेकिन सड़क अभी तक एमपीआरडीसी से एनएचएआई को हस्तांतरित नहीं हुई है। ऐसे में बदहाल सड़क पर टोल वसूली को लेकर ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।




