Threshing Ground : ट्रेचिंग ग्राउंड की जमीन पर उद्योग संघ की ‘लक्ष्मण रेखा’

कढ़ाई में 10 एकड़ जमीन पर बन रहे नए ट्रेचिंग ग्राउंड तक पहुंच मार्ग को लेकर विवाद
Threshing Ground : बैतूल। शहर के कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कढ़ाई में तैयार किए जा रहे नए ट्रेचिंग ग्राउंड के सामने अब नया विवाद खड़ा हो गया है। इस बार मामला ग्रामीणों के विरोध का नहीं, बल्कि ट्रेचिंग ग्राउंड से लगी उद्योग संघ की जमीन और वहां बनाए गए रास्ते का है।
जिला प्रशासन द्वारा ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए आवंटित करीब 10 एकड़ जमीन तक पहुंचने वाले मार्ग को लेकर नगरपालिका और उद्योग संघ आमने-सामने हैं। नगरपालिका का कहना है कि उद्योग संघ द्वारा रास्ते के किनारे बड़ी नाली खोद दिए जाने से कचरा परिवहन करने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
मामला सामने आने के बाद नगरपालिका अध्यक्ष पार्वती बारस्कर, सीएमओ नवनीत पांडेय और सब इंजीनियरों की टीम ने हाल ही में कढ़ाई स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया। नपा अधिकारियों ने मौके की स्थिति देखने के बाद जिला प्रशासन के समक्ष भी समस्या रखी है। हालांकि अभी तक रास्ते को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।
दूसरी ओर उद्योग संघ के अध्यक्ष ब्रज आशीष पांडेय ने रास्ता जानबूझकर अवरुद्ध करने के आरोपों को निराधार बताया है। जानकारी के अनुसार कढ़ाई क्षेत्र में उद्योग क्लस्टर विकसित करने के लिए करीब 50 एकड़ जमीन उद्योग संघ को आवंटित की गई है।
इसी क्षेत्र के समीप जिला प्रशासन ने नगरपालिका को करीब 10 एकड़ जमीन ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए उपलब्ध कराई है। नगरपालिका ने यहां शहर से निकलने वाले कचरे को डंप करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी दौरान ट्रेचिंग ग्राउंड तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर विवाद सामने आया है।
नगरपालिका का तर्क है कि कचरा लेकर आने वाले भारी वाहनों के लिए आवागमन का रास्ता सुचारू रहना जरूरी है। रास्ते पर किसी तरह की बाधा आने से रोजाना कचरा परिवहन प्रभावित हो सकता है। वहीं उद्योग संघ की जमीन भी इसी क्षेत्र से लगी होने के कारण भविष्य में उद्योग क्लस्टर के विस्तार और आवागमन को लेकर यह विवाद और गहरा सकता है।
गौठाना के लोगों को राहत देने की कवायद, अब कढ़ाई में फंस रहा पेंच
शहर में लंबे समय से गौठाना स्थित पुराने ट्रेचिंग ग्राउंड में कचरा डंप किया जा रहा है। आवासीय क्षेत्र के बीच कचरा जमा होने से यहां रहने वाले लोगों को बदबू, गंदगी और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विरोध और आंदोलन के बाद नगरपालिका ने पुराने ट्रेचिंग ग्राउंड से कचरा हटाकर कढ़ाई स्थित नए स्थल पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की है।
नगरपालिका के लिए यह व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पुराने ट्रेचिंग ग्राउंड की जमीन पर अब करीब 36 करोड़ रुपए की लागत से क्रिकेट स्टेडियम प्रस्तावित है। ऐसे में पुराने स्थल से कचरा हटाना स्टेडियम निर्माण की दिशा में सबसे अहम कदम माना जा रहा है।
रास्ता बाधित हुआ तो रोजाना कचरा परिवहन पर पड़ेगा असर
पुराने ट्रेचिंग ग्राउंड से कचरा उठाकर कढ़ाई पहुंचाने के लिए नगरपालिका के वाहनों की नियमित आवाजाही हो रही है। ऐसे में पहुंच मार्ग में किसी भी तरह की बाधा आने पर कचरा शिफ्टिंग की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। नगरपालिका अधिकारियों के निरीक्षण के पीछे भी यही वजह बताई जा रही है।
यदि वाहनों की आवाजाही सुचारू नहीं रही तो पुराने ट्रेचिंग ग्राउंड से कचरा हटाने की गति धीमी हो सकती है। इसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ेगा। साथ ही पुराने ट्रेचिंग ग्राउंड की जमीन को खाली कराकर प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम के काम को आगे बढ़ाने में भी देरी की स्थिति बन सकती है।
स्टेडियम के भूमिपूजन पर भी पड़ सकता है असर
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से पुराने ट्रेचिंग ग्राउंड की जमीन पर करीब 36 करोड़ रुपए की लागत से क्रिकेट स्टेडियम तैयार किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए पुराने स्थल से कचरा हटाकर जमीन को खाली करना जरूरी है। नगरपालिका इसी प्रक्रिया के तहत कचरे को कढ़ाई स्थित नए ट्रेचिंग ग्राउंड तक पहुंचा रही है।
ऐसे में कढ़ाई के रास्ते का विवाद यदि जल्द नहीं सुलझा तो कचरा शिफ्टिंग प्रभावित होने की आशंका है। कचरा हटाने में देरी होने पर स्टेडियम की प्रस्तावित गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ सकता है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अभी इस विवाद को लेकर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
उद्योग संघ अध्यक्ष बोले- आरोप निराधार
उद्योग संघ के अध्यक्ष ब्रज आशीष पांडेय ने रास्ता जानबूझकर बाधित करने के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उद्योग संघ की ओर से ट्रेचिंग ग्राउंड का रास्ता रोकने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उद्योग संघ की जमीन है तो है खंती नहीं खोदी गई। ट्रेचिंग ग्राउंड तक आने जाने के लिए निर्माणाधीन जेल के सामने से पर्याप्त जगह उपलब्ध है।
ऐसे में अब प्रशासन के समक्ष वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही विवाद का समाधान निकल सकेगा।अब निगाह प्रशासन के फैसले पर है। एक तरफ शहर को पुराने ट्रेचिंग ग्राउंड की समस्या से राहत दिलाकर क्रिकेट स्टेडियम की जमीन तैयार करने की कवायद चल रही है, तो दूसरी तरफ नए ट्रेचिंग ग्राउंड तक पहुंच मार्ग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यदि रास्ते का मामला समय रहते नहीं सुलझा तो शहर की कचरा शिफ्टिंग व्यवस्था के साथ प्रस्तावित स्टेडियम की प्रक्रिया भी प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इनका कहना…..
उद्योग संघ से सकारात्मक चर्चा हुई है। मामले का समाधान शीघ्र हो जाएगा।
नवनीत पांडेय, सीएमओ बैतूल




