Betul Samachar: अतिक्रमण हटाने में प्रशासन का ढुलमुल रवैया जारी, विधायक-कलेक्टर के निर्देश भी बेअसर

हर बुधवार कार्रवाई के नाम पर निकलता है संयुक्त अमला, कहीं सीमांकन तो कहीं अधिकारी की गैरमौजूदगी बन रही बहाना
Betul Samachar: बैतूल। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन की ओर से समय-समय पर सख्ती के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का असर नजर नहीं आ रहा है। राजस्व विभाग और नगर पालिका के बीच बेहतर समन्वय नहीं होने के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बार-बार अधूरी रह जा रही है। स्थिति यह है कि हर बुधवार अतिक्रमण हटाने के लिए निकलने वाला संयुक्त अमला कार्रवाई से ज्यादा औपचारिकता निभाता नजर आ रहा है।
बैतूल नगर पालिका को नगर निगम बनाने की कवायद भी तेज हो चुकी है। ऐसे समय में शहर की व्यवस्था, यातायात और बाजारों को व्यवस्थित करने के लिए अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। इसके बावजूद अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

कभी सीमांकन तो कभी अधिकारी नहीं मिलने का हवाला
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान अलग-अलग कारणों से कार्रवाई रोक दिए जाने की बात सामने आती रही है। कहीं पटवारी द्वारा सीमांकन नहीं किए जाने की बात कही जाती है तो कहीं तहसीलदार की अनुपस्थिति कार्रवाई में बाधा बन जाती है।
कई बार नगर पालिका का राजस्व अमला मौके पर मौजूद नहीं होने की बात भी सामने आती है। इसका सीधा असर कार्रवाई पर पड़ रहा है। संयुक्त अमला मौके पर पहुंचता है, कुछ स्थानों पर कार्रवाई शुरू होती है और इसके बाद किसी न किसी कारण से टीम वापस लौट जाती है। इससे अतिक्रमणकारियों में प्रशासन का भय कम होता जा रहा है।
विधायक और कलेक्टर दे चुके हैं सख्त निर्देश
अतिक्रमण के मुद्दे पर विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी अधिकारियों को कई बार निर्देश दे चुके हैं। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने भी अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने में लापरवाही नहीं बरतने और कार्रवाई को प्रभावी तरीके से करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर निर्देशों का अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा। सवाल यह है कि जब वरिष्ठ स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं तो आखिर मैदानी स्तर पर कार्रवाई में बार-बार अड़चन क्यों आ रही है?
मुख्य बाजार में फिर पैर पसार रहा अतिक्रमण
शहर के मुख्य बाजार से पूर्व में हटाए गए अतिक्रमण अब दोबारा नजर आने लगे हैं। कार्रवाई के बाद खाली कराए गए स्थानों पर धीरे-धीरे फिर कब्जे होने लगे हैं। इससे यह संदेश जा रहा है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्थायी नहीं है और कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाएगी।
यदि यही स्थिति बनी रही तो शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ बाजारों में पैदल चलने वालों की परेशानी भी बढ़ेगी। दुकानों के सामने सामान फैलाने, सड़क और फुटपाथ पर कब्जा करने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लगने से शहर की व्यवस्था बिगड़ रही है।
नगर निगम की राह में भी बड़ी चुनौती
बैतूल को नगर निगम बनाने की दिशा में कवायद चल रही है। ऐसे में शहर के विस्तार के साथ व्यवस्थाओं को बेहतर करने की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। यदि मौजूदा नगर पालिका क्षेत्र में ही अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाई विभागीय समन्वय के अभाव में प्रभावी नहीं हो पा रही है तो भविष्य में बढ़ते शहरी क्षेत्र को व्यवस्थित करना बड़ी चुनौती बन सकता है।
नगर निगम बनने से पहले शहर की सड़कों, बाजारों, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त करने की जरूरत है। इसके लिए सिर्फ अभियान चलाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि राजस्व और नगर पालिका के अधिकारियों की संयुक्त जिम्मेदारी तय कर लगातार निगरानी करनी होगी।
कार्रवाई अधूरी रहने से बढ़ रहा अतिक्रमणकारियों का हौसला
हर बुधवार अभियान चलने के बावजूद यदि कार्रवाई कुछ स्थानों तक सीमित रहकर खत्म हो जाती है तो इसका असर अतिक्रमणकारियों पर नहीं पड़ता। उल्टा उन्हें यह भरोसा होने लगता है कि प्रशासन कुछ समय के लिए कार्रवाई करेगा और फिर मामला ठंडा पड़ जाएगा। शहरवासियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन को पहले यह तय करना होगा कि किस विभाग की क्या जिम्मेदारी है।
सीमांकन, पुलिस बल, राजस्व अमला और नगर पालिका की टीम एक साथ मौके पर रहे तो कार्रवाई को बीच में रोकने की स्थिति कम होगी। फिलहाल स्थिति यही है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश अपनी जगह हैं और मैदानी अमले की कार्यप्रणाली अपनी जगह।
अतिक्रमण हटाने के लिए हर बुधवार निकलने वाला अमला यदि इसी तरह आधी-अधूरी कार्रवाई कर लौटता रहा तो शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने का अभियान सिर्फ कागजों और बैठकों तक सीमित होकर रह जाएगा।
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें
👇https://chat.whatsapp.com/KWRuTRhIWoXDiwhdwiCm29?mode=gi_t
बैतूल जिले की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending और Viral खबरों के लिए जुड़े रहे snewstimes.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें snewstimes.com




