Betul News: टीएल में दिखी सख्ती: दो ईई पर कार्रवाई, कई को नोटिस जारी

सांझवीर की खबर के बाद कलेक्टर एक्शन मोड में, सीएम हेल्पलाइन की प्राथमिकता पर भी सख्ती
Betul News: बैतूल। औपचारिक बनी टीएल की बैठक में अधिकारियों के रवैए को लेकर सांझवीर टाईम्स के गतांक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने का असर अगले ही दिन देखने को मिला। सोमवार को टाइम लिमिट की बैठक में पहली बार कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे के तेवर देखकर अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। इसके बाद खामियां और लेटलतीफी वाले विभागीय अधिकारियों को जमकर फटकारा। इतना ही नहीं उन्होंने दो टूक शब्दों में कह दिया कि लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने पीएचई और जलसंसाधन विभाग के ईई की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ सोनवणे ने विभागीय लापरवाही पाए जाने पर श्रम पदाधिकारी को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के तेवर के बाद बैठक में पहली मर्तबा हड़कंप मचा रहा।
जिला जनसंपर्क से जारी प्रेसनोट में बताया कि समीक्षा के दौरान कलेक्टर डॉ सोनवणे ने जनजातीय कार्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग तथा तहसीलदार आठनेर से संबंधित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग की लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने तथा सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। लंबित शिकायतों में जिम्मेदारी निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा गया।
संबल योजना के तहत अनुग्रह सहायता से संबंधित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर श्रम पदाधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की लंबित शिकायतों का शनिवार तक अनिवार्य रूप से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
शिकायतों का त्वरित निराकरण के निर्देश
कलेक्टर डॉ सोनवणे ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामाजिक न्याय, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सहित संबंधित विभागों को शिकायतों का त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा कर लंबित प्रकरणों का गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित आठनेर शिविर में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र को नोटिस देने के निर्देश दिए गए। कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, ऊर्जा एवं सामाजिक न्याय विभाग को भी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
वन अधिकारी और फार्मर रजिस्ट्री प्रकरणों पर भी सख्ती
उन्होंने वन अधिकार एवं फॉर्मर रजिस्ट्री से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए राजस्व अधिकारियों को इनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। आगामी पाढर में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में नागरिकों से शिकायत एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर डॉ सोनवणे ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरों में सभी जिला अधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल होंगे। जिला अधिकारियों को आवंटित ग्रामों में पहुंचकर स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य केंद्र सहित विभिन्न शासकीय संस्थाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लेने तथा ग्रामीणों की समस्याओं के आवेदन प्राप्त कर उनके निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जनसमस्याओं के प्रभावी निराकरण के लिए अधिकारियों को सक्रिय मैदानी भ्रमण करने तथा शिविरों से पूर्व ग्रामों में मुनादी कर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश जनपद सीईओ को दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




