Betul News: एसपी साहब! झल्लार में भी एक नजर इनायत कीजिए

खुलेआम चल रहा जुंआ, थाना प्रभारी का कोई नियंत्रण नहीं
Betul News: बैतूल। यह बात कटू सत्य है कि एसपी की क्राईम बैठक में अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने की सख्ती के बावजूद जिले के अधिकांश थाना क्षेत्रों में खुलेआम जुंआ फड़ संचालित हो रही है। इसकी बानगी बोरदेही थाने के दो आरक्षकों के निलंबन के बाद स्पष्ट हो गई है। खुद एसपी को इस मामले में कार्रवाई करना पड़ा।
यदि जिले के ईमानदार एसपी झल्लार थाने में एक बार नजर इनायत करे तो बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। दरअसल यहां थाना प्रभारी लगभग डेढ़ वर्षो से पदस्थ है। इस दौरान पूरे क्षेत्र में जुंआ घर संचालित किए जा रहे है। सूत्र बताते है कि कहीं ना कहीं इन जुंआ घर संचालन को पुलिस की मौन स्वीकृति मिली है, इसलिए बेधड़क जगह बदल-बदलकर साप्ताहिक बाजार जुंआ संचालित होने की जानकारी सामने आ रही है।
सूत्र बताते है कि झल्लार थाना क्षेत्र के ताप्ती से आगे जंगलों से थाना क्षेत्र के फेर में लंबे समय से जुंआ फड़ संचालित होते आ रही है। इस पर जैसे तैसे नियंत्रण हुआ था कि थाना प्रभारी और स्टॉफ ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद झल्लार के आसपास और तामसार, कामिदा सहित अन्य गांवों में साप्ताहिक बाजार के अनुसार जुंआ घर संचालित किया जा रहा है।
कल्लू और और दीपक नाम के बड़े जुंआरी आठनेर के अलावा सप्ताहिक बाजार के अनुसार तामसार में इस समय बड़ी जुएं की फड़ संचालित कर रहे है। सूत्र बताते है कि कल्लू और दीपक को थाने के ईद-गिर्द घूमते देखा गया। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि थाना प्रभारी और स्टॉफ से निकटता के क्या मायने है? उधर खबर छनकर आ रही है कि तामसार में चलने वाले जुंआ घर में करीब एक सैकड़ा जुंआरी दोपहर 3 बजे से लेकर देर शाम तक फड़ में शामिल हो रहे है।
इस फड़ में महाराष्ट्र के परतवाड़ा के अलावा भैसदेही, झल्लार, सांवलमेढ़ा, गुदगांव समेत अन्य स्थानों से हाथ आजमाने बड़े जुंआरी पहुंच रहे है। यहां बने अस्थाई झोपड़े में चौपहिया और दोपहिया वाहनों को देखकर जुएं की फड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है।
करीब 5 लाख प्रतिदिन का जुंआ कल्लू और दीपक की फड़ पर उतारे जाने की पुुख्ता जानकारी सामने आ रही है। अब एसपी साहब को चाहिए कि अपने स्पेशल स्क्वायड को भेजकर तामसार और फिर कामिदा में दबिश डलवाए तो वस्तुस्थिति सामने आ जाएगी। ऐसे में झल्लार थाने के स्टॉफ पर भी गाज गिरने से इंकार नहीं किया जा सकता।




