Betul College Chowk : कॉलेज चौक के सवा करोड़ के सौंदर्यीकरण पर पेविंग ब्लॉक का थेगड़ा, बिना प्लानिंग काम से नपा को नुकसान

पहली बारिश में खुली सड़क निर्माण की गुणवत्ता, गड्ढे भरने के लिए मुरूम-गिट्टी के बाद अब पेविंग ब्लॉक का सहारा; अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल

Betul College Chowk : बैतूल। शहर के प्रमुख चौराहों के करोड़ों रुपए के सौंदर्यीकरण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कॉलेज चौक पर करीब सवा करोड़ रुपए की लागत से किए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्य में अब सड़क के गड्ढों को पेविंग ब्लॉक से भरने का मामला सामने आया है। आरोप है कि काम शुरू होने के समय ही निर्माण की गुणवत्ता और प्लानिंग को लेकर आपत्तियां जताई गई थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह रहा कि बारिश शुरू होते ही सड़क का सीमेंटीकरण कई जगह से खराब हो गया और गड्ढे बनने लगे।

कॉलेज चौक शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे स्थान पर सड़क और सौंदर्यीकरण का काम लंबे समय तक टिकाऊ रहे, इसके लिए बेहतर प्लानिंग और तकनीकी निगरानी जरूरी थी। लेकिन स्थानीय स्तर पर आरोप लग रहे हैं कि काम के दौरान अधिकारियों की नियमित स्थल निगरानी के बजाय कार्यालय स्तर पर ही काम की समीक्षा होती रही।

शुरुआत से ही गुणवत्ता को लेकर उठ रहे थे सवाल

कॉलेज चौक के सौंदर्यीकरण का काम शुरू होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे थे। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान संबंधित इंजीनियरों को भी गुणवत्ता को लेकर अवगत कराया गया था। इसके बावजूद काम की गति और गुणवत्ता की पर्याप्त निगरानी नहीं की गई।

पहली बारिश के बाद सड़क के सीमेंटीकरण के खराब होने से अब वही सवाल फिर सामने आ गए हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बनने के बाद नगर पालिका द्वारा पहले मुरूम और गिट्टी से उन्हें भरने का प्रयास किया गया। जब इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो अब कुछ स्थानों पर पेविंग ब्लॉक लगाकर गड्ढों को समतल किया जा रहा है।

सवा करोड़ के काम में पैबंद से उठे सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस सड़क और चौक के सौंदर्यीकरण पर करीब सवा करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, वहां कुछ ही समय में मरम्मत की जरूरत क्यों पड़ गई। यदि निर्माण कार्य तकनीकी मापदंडों के अनुसार किया गया था तो पहली बारिश में सड़क की स्थिति खराब होने की नौबत कैसे आई?

पेविंग ब्लॉक लगाकर तत्काल गड्ढे भरने से भले ही वाहन चालकों को कुछ राहत मिल जाए, लेकिन इससे मूल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवाल खत्म नहीं होंगे। नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपए के विकास कार्य में बार-बार पैबंद लगाने के बजाय स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

शहर के पांच चौराहों पर करोड़ों का सौंदर्यीकरण

नगर पालिका द्वारा शहर के पांच प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण पर पांच करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाने की योजना है। इनमें कॉलेज चौक का काम प्रमुख है। ऐसे में पहले ही बड़े काम की गुणवत्ता पर सवाल उठना नगर पालिका के लिए चिंता का विषय है।

शहर के अन्य चौराहों पर भी आने वाले समय में इसी तरह के काम होने हैं। यदि कॉलेज चौक के काम में सामने आई कमियों की तकनीकी जांच नहीं हुई तो भविष्य के कार्यों में भी ऐसी समस्याएं सामने आने की आशंका बनी रहेगी।

अधिकारी स्थल निरीक्षण करते तो शायद नहीं आती नौबत

इस मामले में नगर पालिका के अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि निर्माण के दौरान समय-समय पर स्थल निरीक्षण कर गुणवत्ता की जांच नहीं की गई। यदि निर्माण के प्रत्येक चरण में तकनीकी अधिकारियों द्वारा मौके पर निरीक्षण किया जाता और मानकों के अनुरूप काम नहीं होने पर तत्काल रोक लगाई जाती तो बारिश के बाद सड़क खराब होने की स्थिति शायद नहीं आती।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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